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कोरोना : एएमयू की आर्ट गैलरी रही वीरान
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दीपक शर्मा
कला दिवस पर कलाकारों और कला प्रेमियों से गुलजार रहने वाला अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) का फाइन आर्ट डिपार्टमेंट और मूसा डाकरी म्यूजियम वीरान पड़ा है। ऐसी स्थिति विश्वविद्यालय के 100 वर्ष के इतिहास में पहली बार सामने आई है। हालांकि, गत वर्ष कुछ कलाकारों ने अपनी कलाकृतियों की वर्चुअल प्रदर्शनी आयोजित की थी।
तीन दशकों तक एएमयू तराने की धुन पर देश और दुनिया के विशिष्ट मेहमानों को लुभाने वाले अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के संगीतकार जॉनी फास्टर खामोशी के साथ विश्वविद्यालय से विदा हो गए। महामारी के चलते उनके सेवानिवृत्त होने पर किसी प्रकार का खास आयोजन भी नहीं हो सका। जॉनी फॉस्टर कहते हैं विश्वविद्यालय में उनका सफर यादगार और बहुत शानदार रहा है। प्रत्येक वर्ष कला दिवस के अवसर पर विश्वविद्यालय में विशेष आयोजन होते थे, लेकिन इस बार समय और परिस्थितियां कुछ ऐसी है कि हम सभी लोग विवश हैं।
कलाकारों ने खोई हुई सभ्यता को फिर से जीवित किया
करतारपुर कॉरिडोर में अपनी चित्रकारी प्रदर्शित करने वाले चित्रकार शिवाशीष शर्मा कहते हैं कि प्रसिद्ध चित्रकार लियोनार्डो द विंसी, जिनकी प्रसिद्ध चित्रकारी मोनालिसा है, उनके जन्मदिन को विश्व कला दिवस के रूप में मनाया जाता है। शिवाशीष बताते हैं कि ईश्वर को मूर्त रूप देने जैसा कार्य राजा रवि वर्मा ने किया, बंगाल स्कूल के कलाकारों ने हमारी खोयी हुई सभ्यता को फिर से जीवित किया है अन्यथा हमारी अजंता जैसी अमूल्य धरोहर कहीं खो जाती।
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कला दिवस पर कलाकारों और कला प्रेमियों से गुलजार रहने वाला अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) का फाइन आर्ट डिपार्टमेंट और मूसा डाकरी म्यूजियम वीरान पड़ा है। ऐसी स्थिति विश्वविद्यालय के 100 वर्ष के इतिहास में पहली बार सामने आई है। हालांकि, गत वर्ष कुछ कलाकारों ने अपनी कलाकृतियों की वर्चुअल प्रदर्शनी आयोजित की थी।
तीन दशकों तक एएमयू तराने की धुन पर देश और दुनिया के विशिष्ट मेहमानों को लुभाने वाले अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के संगीतकार जॉनी फास्टर खामोशी के साथ विश्वविद्यालय से विदा हो गए। महामारी के चलते उनके सेवानिवृत्त होने पर किसी प्रकार का खास आयोजन भी नहीं हो सका। जॉनी फॉस्टर कहते हैं विश्वविद्यालय में उनका सफर यादगार और बहुत शानदार रहा है। प्रत्येक वर्ष कला दिवस के अवसर पर विश्वविद्यालय में विशेष आयोजन होते थे, लेकिन इस बार समय और परिस्थितियां कुछ ऐसी है कि हम सभी लोग विवश हैं।
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कलाकारों ने खोई हुई सभ्यता को फिर से जीवित किया
करतारपुर कॉरिडोर में अपनी चित्रकारी प्रदर्शित करने वाले चित्रकार शिवाशीष शर्मा कहते हैं कि प्रसिद्ध चित्रकार लियोनार्डो द विंसी, जिनकी प्रसिद्ध चित्रकारी मोनालिसा है, उनके जन्मदिन को विश्व कला दिवस के रूप में मनाया जाता है। शिवाशीष बताते हैं कि ईश्वर को मूर्त रूप देने जैसा कार्य राजा रवि वर्मा ने किया, बंगाल स्कूल के कलाकारों ने हमारी खोयी हुई सभ्यता को फिर से जीवित किया है अन्यथा हमारी अजंता जैसी अमूल्य धरोहर कहीं खो जाती।
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