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एएमयू में राष्ट्रपति के आगमन का विरोध
न्यूज डेस्क, अमर उजाला अलीगढ़
Updated Sun, 25 Feb 2018 01:41 AM IST
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पत्रकार वार्ता करते नदीम अंसारी (मध्य में)।
- फोटो : अमर उजाला
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के सात मार्च को होने वाले दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के आगमन का एएमयू छात्र नेताओं ने विरोध शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि वे राष्ट्रपति पद का नहीं, बल्कि उस पर बैठे आरएसएस की पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति का विरोध कर रहे हैं।
एएमयू छात्र संघ के पूर्व उपाध्यक्ष नदीम अंसारी और अन्य छात्र नेताओं ने विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को लेकर शनिवार को सर सैयद नार्थ हाल में पत्रकार वार्ता की। छात्र नेताओं का कहना है कि आरएसएस मुखिया विवादित बयान देते हैं और राष्ट्रपति कोई प्रतिक्रिया नहीं देते। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उनके साथ कोई भी आरएसएस या भाजपा का नेता परिसर में आया तो उसका भी कड़ा विरोध किया जाएगा।
अंसारी ने कहा कि एएमयू आरएसएस के किसी भी गुंडे और बाबरी मस्जिद व गांधी जी के कातिलों को विश्वविद्यालय परिसर में कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंनेे कहा कि संघ प्रमुख मोहन भागवत बयान देते हैं कि संविधान में संशोधन होना चाहिए। वे इसमें क्या संशोधन करना चाहते हैं। क्या वे गाय के नाम पर मुसलमानों को मारना चाहते हैं। इनकी कारगुजारियों के चलते पहली बार सुप्रीम कोर्ट के जजों को प्रेस कांफ्रेंस करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
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मोहन भागवत कहते हैं कि भारतीय सेना से बेहतर उनके संगठन के लोग हैं। हम तीन दिन में सेना खड़ी कर देंगे। जबकि हकीकत है कि तीन दिन में देश की रक्षा करने वाला सैनिक खड़ा नहीं होता। तीन दिन में तो आरएसएस के आतंकवादी खड़े होते हैं। यह सब होता रहा और तब भी राष्ट्रपति चुप बैठे रहे।
नदीम ने कहा कि राष्ट्रपति की हम इज्जत करते हैं, लेकिन इस वक्त राष्ट्रपति का चेहरा संघी है। इसलिए हम राष्ट्रपति का नहीं, बल्कि रामनाथ कोविंद का विरोध कर रहे हैं। किसी भी कीमत पर संघ के लोगों को बर्दाश्त नहीं करेंगे। उनके साथ संघ या बीजेपी का जो भी नेता आएगा, उसके लिए हमने दो गधे किराये पर ले रखे हैं। गधों को भगवा रंग में रंग कर उन पर भगवा झंडा लगाकर यहां आने वाले उन नेताओं को बिठाकर बाहर का रास्ता दिखाएंगे। इस अवसर पर एएमयू छात्र संघ के कैबिनेट मेंबर जैद शेरवानी, एएमयू छात्र नेता अदनान आमिर आदि मौजूद थे।
- मेरी छात्र संघ के अध्यक्ष व अन्य पदाधिकारियों से भी बात हुई है, लेकिन किसी ने भी राष्ट्रपति के आने पर विरोध करने की कोई मंशा जाहिर नहीं की है। राष्ट्रपति बनने के बाद दलगत राजनीति से कोई भी मतलब नहीं रहता है। पहले भी विभिन्न दलों से जुड़े लोग देश के राष्ट्रपति बने हैं। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के लिए यह गौरव की बात है कि 32 साल बाद देश के राष्ट्रपति विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल हो रहे हैं। दीक्षांत समारोह की तैयारी जोर शोर से चल रही है। - शाफे किदवई, मेंबर इंचार्ज, जनसंपर्क विभाग, एएमयू
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एएमयू छात्र संघ के पूर्व उपाध्यक्ष नदीम अंसारी और अन्य छात्र नेताओं ने विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को लेकर शनिवार को सर सैयद नार्थ हाल में पत्रकार वार्ता की। छात्र नेताओं का कहना है कि आरएसएस मुखिया विवादित बयान देते हैं और राष्ट्रपति कोई प्रतिक्रिया नहीं देते। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उनके साथ कोई भी आरएसएस या भाजपा का नेता परिसर में आया तो उसका भी कड़ा विरोध किया जाएगा।
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अंसारी ने कहा कि एएमयू आरएसएस के किसी भी गुंडे और बाबरी मस्जिद व गांधी जी के कातिलों को विश्वविद्यालय परिसर में कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंनेे कहा कि संघ प्रमुख मोहन भागवत बयान देते हैं कि संविधान में संशोधन होना चाहिए। वे इसमें क्या संशोधन करना चाहते हैं। क्या वे गाय के नाम पर मुसलमानों को मारना चाहते हैं। इनकी कारगुजारियों के चलते पहली बार सुप्रीम कोर्ट के जजों को प्रेस कांफ्रेंस करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
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मोहन भागवत कहते हैं कि भारतीय सेना से बेहतर उनके संगठन के लोग हैं। हम तीन दिन में सेना खड़ी कर देंगे। जबकि हकीकत है कि तीन दिन में देश की रक्षा करने वाला सैनिक खड़ा नहीं होता। तीन दिन में तो आरएसएस के आतंकवादी खड़े होते हैं। यह सब होता रहा और तब भी राष्ट्रपति चुप बैठे रहे।
नदीम ने कहा कि राष्ट्रपति की हम इज्जत करते हैं, लेकिन इस वक्त राष्ट्रपति का चेहरा संघी है। इसलिए हम राष्ट्रपति का नहीं, बल्कि रामनाथ कोविंद का विरोध कर रहे हैं। किसी भी कीमत पर संघ के लोगों को बर्दाश्त नहीं करेंगे। उनके साथ संघ या बीजेपी का जो भी नेता आएगा, उसके लिए हमने दो गधे किराये पर ले रखे हैं। गधों को भगवा रंग में रंग कर उन पर भगवा झंडा लगाकर यहां आने वाले उन नेताओं को बिठाकर बाहर का रास्ता दिखाएंगे। इस अवसर पर एएमयू छात्र संघ के कैबिनेट मेंबर जैद शेरवानी, एएमयू छात्र नेता अदनान आमिर आदि मौजूद थे।
- मेरी छात्र संघ के अध्यक्ष व अन्य पदाधिकारियों से भी बात हुई है, लेकिन किसी ने भी राष्ट्रपति के आने पर विरोध करने की कोई मंशा जाहिर नहीं की है। राष्ट्रपति बनने के बाद दलगत राजनीति से कोई भी मतलब नहीं रहता है। पहले भी विभिन्न दलों से जुड़े लोग देश के राष्ट्रपति बने हैं। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के लिए यह गौरव की बात है कि 32 साल बाद देश के राष्ट्रपति विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल हो रहे हैं। दीक्षांत समारोह की तैयारी जोर शोर से चल रही है। - शाफे किदवई, मेंबर इंचार्ज, जनसंपर्क विभाग, एएमयू