कांग्रेस ने अल्पसंख्यक स्वरूप को स्पष्ट नहीं किया
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फोरम फार मुस्लिम स्टडीज एंड एनालिसिस का मानना है कि कांग्रेस सरकार ने एएमयू एक्ट-1981 में अल्पसंख्यक स्वरूप को संपूर्ण और तकनीकी रूप से स्पष्ट नहीं किया। जिसके परिणाम स्वरूप एएमयू के अल्पसंख्यक स्वरूप पर नकारात्मक निर्णय होते रहे।
फोरम के सचिव डा. जसीम मोहम्मद ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एएमयू के अल्पसंख्यक स्वरूप को समाप्त नहीं होने देंगे और उसके केंद्रों के विकास के लिए आवश्यक सकारात्मक कदम उठाएंगेे।
पीएम मोदी ने चुनाव के दौरान ही एक ऐसा संकल्प लिया था, जो न केवल हमारे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचारों बल्कि संविधान की मूल आत्मा को भी दर्शाता है। सत्ता संभालने के बाद पीएम मोदी ने ‘सबका साथ सबका विकास’ को चरितार्थ किया है।
जसीम ने कहा है कि एएमयू के अल्पसंख्यक स्वरूप पर अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने 11 जनवरी 2016 को सर्वोच्च न्यायालय में जो बयान दिया उससे निराश होने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि प्रधानमंत्री समाज एवं देश के प्रत्येक वर्ग की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर नीतियां बना रहे हैं।
जसीम मोहम्मद ने कहा कि शीघ्र ही मुस्लिम फ ोरम का एक शिष्टमंडल प्रधानमंत्री से मुलाकात करेगा और उनके सामने तथ्य रखेगा, ताकि वे संसद में अमुवि अल्पसंख्यक स्वरूप को साफ तौर पर स्थापित करने के लिए अमुवि एक्ट-1981 में संशोधन करें। उन्होंने अलीगढ़ बिरादरी से अपील की है कि वह पीएम मोदी पर विश्वास करते हुए आशावान रहे कि सर सैयद के इस शिक्षण संस्थान को काई क्षति नहीं पहुंचेगी।