{"_id":"66086c90953d39b79701a555","slug":"amu-law-faculty-tops-in-up-2024-03-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"IIRF: यूपी में एएमयू का विधि संकाय अव्वल, देश के संस्थानों में टॉप-टेन से बाहर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
IIRF: यूपी में एएमयू का विधि संकाय अव्वल, देश के संस्थानों में टॉप-टेन से बाहर
Sun, 31 Mar 2024 03:19 AM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Sun, 31 Mar 2024 03:19 AM IST
सार
आईआईआरएफ की वेबसाइट के अनुसार, वर्ष 2023 में एएमयू का विधि संकाय 10वें स्थान पर था, जबकि वर्ष 2024 में 11वें स्थान पर पहुंच गया। वर्ष 2023 में एएमयू का आर्किटेक्ट विभाग 13वें स्थान पर था, जबकि वर्ष 2024 में 14वें स्थान पर आ गया।
विज्ञापन
एएमयू
- फोटो : संवाद
विस्तार
आईआईआरएफ (इंडियन इंस्टीट्यूशन रैंकिंग फ्रेमवर्क) ने रैंकिंग जारी कर दी है। विधि संस्थानों में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) प्रदेश में अव्वल रहा, जबकि देश के संस्थानों के टॉप टेन से बाहर हो गया।
विज्ञापन
आईआईआरएफ की वेबसाइट के अनुसार, वर्ष 2023 में एएमयू का विधि संकाय 10वें स्थान पर था, जबकि वर्ष 2024 में 11वें स्थान पर पहुंच गया। वर्ष 2023 में एएमयू का आर्किटेक्ट विभाग 13वें स्थान पर था, जबकि वर्ष 2024 में 14वें स्थान पर आ गया। प्रबंधन विभाग ने अपनी रैंकिंग में गुणात्मक सुधार की है। वर्ष 2023 में एएमयू का प्रबंधन विभाग 39वें स्थान पर था, जबकि वर्ष 2024 में 39वें स्थान रहा। रैंकिंग में राज्य विश्वविद्यालयों की श्रेणी में लखनऊ विश्वविद्यालय के विधि संकाय को देश में 32वां स्थान मिला है। इससे पहले लविवि को 33वां स्थान प्राप्त हुआ था।
विज्ञापन
राज्य विश्वविद्यालयों में उत्तर प्रदेश से एकमात्र लविवि को ही शामिल किया गया है। बीएचयू को 19वां और डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय को 24वां स्थान मिला है आईआईआरएफ हर साल पांच मापदंडों के आधार पर संस्थानों का मूल्यांकन करता है। इसमें रोजगार क्षमता, शिक्षण-सीखने के संसाधन, संकाय, बुनियादी ढांचा, प्रोजेक्ट और केस स्टडी जैसे मापदंड शामिल रहते हैं।
विज्ञापन
विधि संकाय की रैंकिंग में जो गिरावट आई है, उससे संकाय की शाख को धक्का लगा है। यूनिवर्सिटी के विधि संकाय की ख्याति देश में है। रैंकिंग में गिरावट की जिम्मेदारी संकाय के डीन को लेनी चाहिए। रैंकिंग में गिरावट से प्राध्यापकों के साथ विद्यार्थियों को झटका लगा है।-प्रो. मोहम्मद वसीम अली, प्रॉक्टर, एएमयू