AMU: वीसी सर, मेरी बेटी को परेशान कर रहे हैं डीन और स्टाफ, विधि विभाग छात्रा की मां ने की शिकायत
बेटी बीएएलएलबी के आठवें सेमेस्टर की छात्रा है। आरोप है कि एक वर्ष से अधिक समय से विधि संकाय के डीन डॉ. जफर एम नोमानी और कार्यालय स्टाफ उनकी बेटी को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा है। बेटी पांचवें सेमेस्टर से अंकों की समस्याओं का सामना कर रही है।
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के विधि विभाग में अध्ययनरत बीएएलएलबी की एक छात्रा की मां ने संकाय के डीन और लिपिकीय कर्मचारियों द्वारा मानसिक उत्पीड़न किए जाने का आरोप लगाए हैं। छात्रा की मां अरब में प्रोफेसर के पद पर तैनात हैं। छात्रा की मां का आरोप है कि इस प्रकरण में वह पिछले कई महीनों से इसकी शिकायत करती चली आ रहीं हैं, लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
सऊदी अरब की एक यूनिवर्सिटी में एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में तैनात महिला ने एएमयू के कुलपति को भेजी शिकायत में उक्त आरोप लगाया है। आरोप है कि उनकी बेटी बीएएलएलबी के आठवें सेमेस्टर की छात्रा है। आरोप है कि एक वर्ष से अधिक समय से विधि संकाय के डीन डॉ. जफर एम नोमानी और कार्यालय स्टाफ उनकी बेटी को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा है। बेटी पांचवें सेमेस्टर से अंकों की समस्याओं का सामना कर रही है।
बेटी 28 जनवरी 2023 को अपने अन्य सहपाठियों के साथ पब्लिक इंटरनेशनल लॉ (पीआईएल) की मिड टर्म परीक्षा (रेजिट) में शामिल हुई थी। इसमें शामिल होने के बावजूद उसके अंक डीन द्वारा जारी पुरस्कार सूची में दर्ज नहीं किए गए थे। शिक्षक मोहिब अनवर से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि इसे लिपिकीय भूल माना जा सकता है। उन्हें 10 मई 2023 को जारी पांचवें सेमेस्टर की मार्कशीट प्राप्त हुई।
जिसमें पब्लिक इंटरनेशनल लॉ (पीआईएल) पाठ्यक्रम में बिना किसी अंक के अगले सेमेस्टर में पदोन्नत होने का दर्जा दिया गया था (न तो मध्यावधि और न ही अंतिम अंक का उल्लेख किया गया था)। अपनी मार्कशीट प्राप्त करने के बाद वह सहायक मोहम्मद यासीन खान के पास गई। उन्होंने कहा कि उसे पीआईएल एंड टर्म का दोबारा प्रयास करना होगा, क्योंकि वह अंतिम सत्र की परीक्षा में असफल हो गई है। सहायक डीन ने किसी भी दस्तावेज से कुछ भी सत्यापित नहीं किया।
बकौल प्रोफेसर मां उन्होंने सिर्फ बेटी को दोबारा परीक्षा देने के लिए कहा। जानकारी डीन के सहायक से आ रही थी और वह अधिकृत व्यक्ति भी हैं, इसलिए उनकी सलाह पर बेटी निर्धारित तिथि यानी 03 जून 2023 को पीआईएल की अंतिम टर्म रेजिट परीक्षा में फिर से उपस्थित हुई। उसे 10 अगस्त 2023 को जारी पांचवें सेमेस्टर की नई मार्कशीट प्राप्त हुई, जिस पर अभी भी प्रमोट लिखा हुआ है। सत्यापन के लिए विभाग और परीक्षा नियंत्रक से साक्ष्य एकत्र किए जा सकते हैं।
नवीनतम मार्कशीट प्राप्त करने के बाद बेटी फिर से संबंधित शिक्षक डॉ. मोहिब अनवर से मिली। उन्होंने मुद्दों को हल करने के लिए कार्यालय से संपर्क करने के लिए निर्देशित किया। क्योंकि वह पहले ही कार्यालय में अंक जमा कर चुके हैं। बेटी ने विभाागध्यक्ष के कार्यालय में गई। जहां मिले कर्मचारी से मिलकर 02 सितंबर 2023 को आवेदन दिया। जिसमें उसने उल्लेख किया कि उसके अंतिम कार्यकाल के अंक नहीं भेजे गए हैं।
आरोप है कि बेटी को बिना किसी काम के कार्यालय व संबंधित के घर भेजा जाने लगा। बेटी के आवेदन की स्थिति की जांच करने के लिए विभागाध्यक्ष के कार्यालय के साथ-साथ डीन के कार्यालय में हर बार बता दिया जाता है कि वह व्यस्त हैं। इस संबंध में डीन डॉ. प्रो. जफर नोमानी ने बताया कि उन्हें कुलपति से शिकायत के बारे में कोई जानकारी नही है। पत्र को देखने के बाद ही वे कुछ बता पाएंगे।