{"_id":"5af4b20d4f1c1b9e098b93de","slug":"amu-kand-ajmat-goswami-and-yogesh-varshney-get-bail","type":"story","status":"publish","title_hn":"एएमयू कांड : अिमत गोस्वामी और योगेश वार्ष्णेय को मिली जमानत ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एएमयू कांड : अिमत गोस्वामी और योगेश वार्ष्णेय को मिली जमानत
ब्यूूराे, अमर उजाला, अलीगढ़।
Updated Fri, 11 May 2018 02:33 AM IST
विज्ञापन
रिहा होने पर आरती करते अमित गोस्वामी व योगेश वार्ष्णेय व अन्य युवा।
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर को लेकर एएमयू में हुए विवाद में रविवार को जेल भेजे गए हिंदूवादी छात्र नेता अमित गोस्वामी व हिंदू जागरण मंच के योगेश वार्ष्णेय की गुरुवार को जमानत मंजूर होेने के बाद रात में रिहाई हो गई। हालांकि जमानत मंजूर होने और रिहाई आदेश पहुंचने के बाद भी दोनों की रिहाई में कुछ तकनीकी अड़चनें पैदा हो रही थीं, जिसे लेकर हिंदूवादी युवाओं ने पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों से नाराजगी जताई और जानबूझकर रिहाई न होने देने का आरोप लगाया। इसके बाद आनन-फानन कानूनी उलझनों को दूर कर योगेश की रात 8 बजे और अमित की 9 बजे रिहाई कराई गई। समर्थकों ने गर्मजोशी से दोनों का स्वागत किया।
एएमयू में 2 मई को जिन्ना का पुतला फूंकने पहुंचे हिंदूवादी संगठनों से जुड़े युवकों पर बाब-ए-सैयद तक पहुंचने और एएमयू सुरक्षाकर्मियों से मारपीट करने व छात्रों से टकराव के हालात पैदा करने का आरोप लगा था। इसके बाद ही बवाल भड़का था। इस मामले में एएमयू सुरक्षाकर्मी की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे में आरोपी हिंदूवादी छात्र नेता अमित गोस्वामी व हिंदू जागरण मंच के पूर्व युवा महानगर अध्यक्ष योगेश वार्ष्णेय को पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बाद में अमित गोस्वामी के खिलाफ तीन अन्य मुकदमों में वारंट पहुंचे, जबकि योगेश के खिलाफ एक अन्य मुकदमे में वारंट दाखिल किए गए।
इन दोनों की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता हरिओम वार्ष्णेय, सरदार मुकेश सैनी आदि ने सीजेएम न्यायालय व एसीजेएम तृतीय के न्यायालय में अलग-अलग प्रकरणों में जमानत अर्जियां दायर कीं, जिन्हें अदालत ने मंजूर कर लिया। अमित गोस्वामी पर एएमयू प्रकरण के अलावा, बिजली दफ्तर में मारपीट, डीएस कॉलेज में निकाय चुनाव के दौरान मेयर प्रत्याशी मेयर मो. फुरकान से अभद्रता, लोकदल अध्यक्ष सुनील सिंह की फिल्म अयोध्या को लेकर उनका हाथ काटकर लाने वाले को इनाम देने की घोषणा के मुकदमे में वारंट पहुंचे थे, जबकि योगेश के खिलाफ एएमयू प्रकरण के अलावा बन्नादेवी इलाके में बिना अनुमति तिरंगा यात्रा निकालने के मामले में वारंट था।
विज्ञापन
दोनों के रिहाई आदेश पहुंचने पर जेल अधिकारियों ने कहा कि योगेश का रिहाई आदेश विलंब से आया है, इसलिए रिहाई सुबह होगी, जबकि अमित का मेयर संबंधी मुकदमे में रिहाई आदेश मिला ही नहीं है। इसके चलते रिहाई हो नहीं सकेगी। इस पर खुद अमित के भाई सुमित व अन्य हिंदूवादी संगठनों के नेताओं ने नाराजगी जताई और इसे साजिश करार दिया। पुलिस प्रशासनिक दखल पर योगेश को रात 8 बजे रिहा कराया गया, जबकि अमित का मेयर संबंधी मुकदमे में रिहाई आदेश तलाश कराकर जेल में दाखिल कराया और रात 9 बजे उसकी रिहाई हो पाई। इसके बाद दोनों के सहयोगियों ने गर्मजोशी से स्वागत किया और अपने साथ ले गए।
विज्ञापन
एएमयू में 2 मई को जिन्ना का पुतला फूंकने पहुंचे हिंदूवादी संगठनों से जुड़े युवकों पर बाब-ए-सैयद तक पहुंचने और एएमयू सुरक्षाकर्मियों से मारपीट करने व छात्रों से टकराव के हालात पैदा करने का आरोप लगा था। इसके बाद ही बवाल भड़का था। इस मामले में एएमयू सुरक्षाकर्मी की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे में आरोपी हिंदूवादी छात्र नेता अमित गोस्वामी व हिंदू जागरण मंच के पूर्व युवा महानगर अध्यक्ष योगेश वार्ष्णेय को पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बाद में अमित गोस्वामी के खिलाफ तीन अन्य मुकदमों में वारंट पहुंचे, जबकि योगेश के खिलाफ एक अन्य मुकदमे में वारंट दाखिल किए गए।
विज्ञापन
इन दोनों की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता हरिओम वार्ष्णेय, सरदार मुकेश सैनी आदि ने सीजेएम न्यायालय व एसीजेएम तृतीय के न्यायालय में अलग-अलग प्रकरणों में जमानत अर्जियां दायर कीं, जिन्हें अदालत ने मंजूर कर लिया। अमित गोस्वामी पर एएमयू प्रकरण के अलावा, बिजली दफ्तर में मारपीट, डीएस कॉलेज में निकाय चुनाव के दौरान मेयर प्रत्याशी मेयर मो. फुरकान से अभद्रता, लोकदल अध्यक्ष सुनील सिंह की फिल्म अयोध्या को लेकर उनका हाथ काटकर लाने वाले को इनाम देने की घोषणा के मुकदमे में वारंट पहुंचे थे, जबकि योगेश के खिलाफ एएमयू प्रकरण के अलावा बन्नादेवी इलाके में बिना अनुमति तिरंगा यात्रा निकालने के मामले में वारंट था।
विज्ञापन
दोनों के रिहाई आदेश पहुंचने पर जेल अधिकारियों ने कहा कि योगेश का रिहाई आदेश विलंब से आया है, इसलिए रिहाई सुबह होगी, जबकि अमित का मेयर संबंधी मुकदमे में रिहाई आदेश मिला ही नहीं है। इसके चलते रिहाई हो नहीं सकेगी। इस पर खुद अमित के भाई सुमित व अन्य हिंदूवादी संगठनों के नेताओं ने नाराजगी जताई और इसे साजिश करार दिया। पुलिस प्रशासनिक दखल पर योगेश को रात 8 बजे रिहा कराया गया, जबकि अमित का मेयर संबंधी मुकदमे में रिहाई आदेश तलाश कराकर जेल में दाखिल कराया और रात 9 बजे उसकी रिहाई हो पाई। इसके बाद दोनों के सहयोगियों ने गर्मजोशी से स्वागत किया और अपने साथ ले गए।