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एएमयू में फिर सैनिकों की शहादत का अपमान
अमर उजाला, अलीगढ़
Updated Fri, 07 Oct 2016 02:22 AM IST
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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव की फाइनल स्पीच में कश्मीर का मुद्दा छाया रहा। सचिव पद के प्रत्याशी महफूज आलम एवं मो. शिकोह ने तो उड़ी में शहीद 17 जवानों पर अपमानजनक टिप्पणी करने वाले कश्मीरी छात्र मुद्सिसर यूसुफ की वकालत की और उसे कुलपति जमीरउद्दीन शाह द्वारा यूनिवर्सिटी से निष्कासित करने पर नाराजगी जाहिर की।
महफूज आलम ने तो कश्मीर में मारे गए लोगों के लिए 30 सेकेंड खामोशी अख्तियार करने का आह्वान किया। खास बात यह रही कि इस दौरान एएमयू के अधिकारी भी मौजूद थे, लेकिन किसी ने आपत्ति नहीं जताई।
एएमयू के ऐतिहासिक यूनियन हॉल में गुरुवार को छात्र संघ चुनाव से पूर्व होने वाली फाइनल स्पीच का आयोजन किया गया था। इसमें अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सचिव पद के प्रत्याशियों को बोलने के लिए ‘जंगे आजादी में एएमयू का किरदार’ विषय दिया गया था।
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सचिव पद के प्रत्याशी महफूज आलम (शोध छात्र राजनीति विज्ञान) ने कश्मीर हिंसा में मारे गए लोगों ...को शहीद की संज्ञा दी और 30 सेकेंड खामोशी अख्तियार करने का आह्वान कर वहां मौजूद एएमयू अधिकारियों की टेंशन बढ़ा दी। स्पीच के दो दिन पहले ही मुख्य चुनाव अधिकारी प्रो. इकबाल परवेज ने प्रत्याशियों को निर्देशित किया था कि अभी देश का बार्डर गर्म है, इसलिए विवादित मुद्दे न उठाएं। लेकिन कुछ प्रत्याशियों ने चुनाव अधिकारी के निर्देशों का ध्यान नहीं रखा।
महफूज आलम ने उड़ी में शहीद जवानों पर अपमान जनक टिप्पणी करने वाले एएमयू छात्र मुद्स्सिर यूसुफ को यूनिवर्सिटी से निष्कासित किए जाने पर नाराजगी जताई और कहा कि कश्मीरी भाई ने फेसबुक पर कमेंट कर दिया और वीसी ने बिना जांच कराए उसे निष्कासित कर दिया। सचिव पद के एक अन्य प्रत्याशी मो. शिकोह ने भी कश्मीरी छात्र को यूनिवर्सिटी से निष्कासित किए जाने का विरोध किया और एएमयू प्रशासन पर आरएसएस एजेंट के तौर पर काम करने का आरोप लगाया।
उपाध्यक्ष पद के प्रत्याशी मो. नदीम अंसारी (एमएसडब्लू फाइनल ईयर) ने कहा कि कश्मीर में पेलेट गन का इस्तेमाल कर लोगों को अंधा बनाया जा रहा है। उन्होंने आश्चर्य व्यक्त किया कि इतनी बड़ी घटना के बाद अलीगढ़ खामोश क्यों है। अध्यक्ष पद के प्रत्याशी अबुल फराह ने कश्मीरी छात्रों से कहा कि आपके दर्द पर हमारी जान जाती है। वहां लोगों को बेआबरू किया जा रहा है।
मानवाधिकार आयोग खामोश क्यों है। हरियाणा में इज्जत लूटी जाती है और दुकानें फूंकी जाती है तो पेलेट गन का इस्तेमाल नहीं किया जाता लेकिन कश्मीर में मुसलमानों को निशाना बनाया जा रहा है।
महफूज आलम और मो. शिकोह ने कश्मीर को लेकर कुछ बातें कहीं जिसे ओवरलुक किया जा रहा है। छात्र संघ चुनाव के बाद मैं अपनी रिपोर्ट में इन सब बातों को शामिल कर वीसी को रिपोर्ट करूंगा। प्रो. इकबाल परवेज (मुख्य चुनाव अधिकारी)
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महफूज आलम ने तो कश्मीर में मारे गए लोगों के लिए 30 सेकेंड खामोशी अख्तियार करने का आह्वान किया। खास बात यह रही कि इस दौरान एएमयू के अधिकारी भी मौजूद थे, लेकिन किसी ने आपत्ति नहीं जताई।
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एएमयू के ऐतिहासिक यूनियन हॉल में गुरुवार को छात्र संघ चुनाव से पूर्व होने वाली फाइनल स्पीच का आयोजन किया गया था। इसमें अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सचिव पद के प्रत्याशियों को बोलने के लिए ‘जंगे आजादी में एएमयू का किरदार’ विषय दिया गया था।
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सचिव पद के प्रत्याशी महफूज आलम (शोध छात्र राजनीति विज्ञान) ने कश्मीर हिंसा में मारे गए लोगों ...को शहीद की संज्ञा दी और 30 सेकेंड खामोशी अख्तियार करने का आह्वान कर वहां मौजूद एएमयू अधिकारियों की टेंशन बढ़ा दी। स्पीच के दो दिन पहले ही मुख्य चुनाव अधिकारी प्रो. इकबाल परवेज ने प्रत्याशियों को निर्देशित किया था कि अभी देश का बार्डर गर्म है, इसलिए विवादित मुद्दे न उठाएं। लेकिन कुछ प्रत्याशियों ने चुनाव अधिकारी के निर्देशों का ध्यान नहीं रखा।
महफूज आलम ने उड़ी में शहीद जवानों पर अपमान जनक टिप्पणी करने वाले एएमयू छात्र मुद्स्सिर यूसुफ को यूनिवर्सिटी से निष्कासित किए जाने पर नाराजगी जताई और कहा कि कश्मीरी भाई ने फेसबुक पर कमेंट कर दिया और वीसी ने बिना जांच कराए उसे निष्कासित कर दिया। सचिव पद के एक अन्य प्रत्याशी मो. शिकोह ने भी कश्मीरी छात्र को यूनिवर्सिटी से निष्कासित किए जाने का विरोध किया और एएमयू प्रशासन पर आरएसएस एजेंट के तौर पर काम करने का आरोप लगाया।
उपाध्यक्ष पद के प्रत्याशी मो. नदीम अंसारी (एमएसडब्लू फाइनल ईयर) ने कहा कि कश्मीर में पेलेट गन का इस्तेमाल कर लोगों को अंधा बनाया जा रहा है। उन्होंने आश्चर्य व्यक्त किया कि इतनी बड़ी घटना के बाद अलीगढ़ खामोश क्यों है। अध्यक्ष पद के प्रत्याशी अबुल फराह ने कश्मीरी छात्रों से कहा कि आपके दर्द पर हमारी जान जाती है। वहां लोगों को बेआबरू किया जा रहा है।
मानवाधिकार आयोग खामोश क्यों है। हरियाणा में इज्जत लूटी जाती है और दुकानें फूंकी जाती है तो पेलेट गन का इस्तेमाल नहीं किया जाता लेकिन कश्मीर में मुसलमानों को निशाना बनाया जा रहा है।
महफूज आलम और मो. शिकोह ने कश्मीर को लेकर कुछ बातें कहीं जिसे ओवरलुक किया जा रहा है। छात्र संघ चुनाव के बाद मैं अपनी रिपोर्ट में इन सब बातों को शामिल कर वीसी को रिपोर्ट करूंगा। प्रो. इकबाल परवेज (मुख्य चुनाव अधिकारी)