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देश की दिग्गज मुस्लिम हस्तियों की एएमयू कोर्ट की बैठक पर नजर
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 16 Jul 2016 02:10 AM IST
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एएमयू
- फोटो : अलीगढ़/ब्यूरो
एएमयू कोर्ट के 42 सदस्यों के लिए 31 जुलाई को चुनाव होने जा रहा है। इसके बाद एएमयू कोर्ट के सदस्य उसी दिन छह एग्जीक्यूटिव काउंसिल (ईसी) सदस्यों का चुनाव करेंगे। इस पर देशभर की दिग्गज मुस्लिम हस्तियों की नजर टिकी हुई है। नए वीसी पैनल बनाने में नवनिर्वाचित ईसी सदस्यों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
बांग्लादेश में आतंकी घटना के बाद संदेह के घेरे में फंसे कट्टरपंथी प्रचारक डॉ. जाकिर नाईक समेत एएमयू कोर्ट के 42 सदस्यों का कार्यकाल 11 जून 2016 को खत्म हो चुका है। इसके साथ ही एग्जीक्यूटिव काउंसिल के निर्वाचित (यूनिवर्सिटी स्टाफ नहीं) छह सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हुआ। एएमयू रजिस्ट्रार प्रो. असफर अली खान ने एएमयू कोर्ट की विशेष बैठक 25 जुलाई को आयोजित करने की घोषणा की थी, जिसे बाद में बदलकर 31 जुलाई कर दिया गया। यह परिवर्तन संसद के मानसून सत्र को ध्यान में रखकर किया गया है। अलीगढ़ सांसद सतीश गौतम, एटा सांसद एवं भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष राजवीर सिंह राजू भैया, बिजनौर सांसद कुंवर भारतेंद्र एवं भोला सिंह आदि भी एएमयू कोर्ट सदस्य हैं।
यह एएमयू वीसी के कार्यकाल का आखिरी साल है और इंतजामिया का पूरा प्रयास होगा कि पहले की ही तरह ईसी में दबदबा कायम रहे। एएमयू के नए कुलपति का पैनल तैयार करने में भी नवनिर्वाचित ईसी सदस्यों की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण मानी जा रही है। रजिस्ट्रार ने एएमयू कोर्ट की विशेष बैठक से संबंधित प्रतिलिपि केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय एवं यूजीसी के पास भेज दी है। उल्लेखनीय है कि 11 जून को ईसी के निर्वाचित छह सदस्यों खालिद मसूद (लखनऊ), जफर इकबाल, एसएन पठान, कोकब हमीद, डॉ. शाहिद जमील एवं सफदर हसन खान के साथ-साथ 42 कोर्ट सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हुआ है।
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अलग से हो एएमयू ईसी सदस्यों का चुनाव
अलीगढ़। एएमयू कोर्ट के 11 बार सदस्य रह चुके खुर्शीद अहमद खान ने कहा कि 31 जुलाई को सिर्फ 42 कोर्ट सदस्यों का चुनाव होना चाहिए। छह ईसी सदस्यों के चुनाव अलग से होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसा होने से नवनिर्वाचित 42 कोर्ट सदस्यों को छह ईसी सदस्यों के चुनाव में भाग लेने का मौका मिल जाएगा। उन्होंने कहा कि कोर्ट चुनाव के दौरान दावेदार नहीं होते हैं। सामान्यत: यह देश के दूर-दूर के शहरों के होते हैं। चुनाव के तुरंत बाद शार्ट नोटिस पर वे ईसी चुनाव में भाग नहीं ले सकते। उन्होंने कहा कि पिछली बार यही हुआ था। एएमयू कोर्ट में 42 सदस्यों का चुनाव 12 जून 2013 को हुआ था, जबकि चांसलर, प्रो. चांसलर, ऑनरेरी ट्रेजरार समेत छह ईसी सदस्यों का चुनाव 11 अप्रैल 2015 को हुआ।
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बांग्लादेश में आतंकी घटना के बाद संदेह के घेरे में फंसे कट्टरपंथी प्रचारक डॉ. जाकिर नाईक समेत एएमयू कोर्ट के 42 सदस्यों का कार्यकाल 11 जून 2016 को खत्म हो चुका है। इसके साथ ही एग्जीक्यूटिव काउंसिल के निर्वाचित (यूनिवर्सिटी स्टाफ नहीं) छह सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हुआ। एएमयू रजिस्ट्रार प्रो. असफर अली खान ने एएमयू कोर्ट की विशेष बैठक 25 जुलाई को आयोजित करने की घोषणा की थी, जिसे बाद में बदलकर 31 जुलाई कर दिया गया। यह परिवर्तन संसद के मानसून सत्र को ध्यान में रखकर किया गया है। अलीगढ़ सांसद सतीश गौतम, एटा सांसद एवं भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष राजवीर सिंह राजू भैया, बिजनौर सांसद कुंवर भारतेंद्र एवं भोला सिंह आदि भी एएमयू कोर्ट सदस्य हैं।
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यह एएमयू वीसी के कार्यकाल का आखिरी साल है और इंतजामिया का पूरा प्रयास होगा कि पहले की ही तरह ईसी में दबदबा कायम रहे। एएमयू के नए कुलपति का पैनल तैयार करने में भी नवनिर्वाचित ईसी सदस्यों की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण मानी जा रही है। रजिस्ट्रार ने एएमयू कोर्ट की विशेष बैठक से संबंधित प्रतिलिपि केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय एवं यूजीसी के पास भेज दी है। उल्लेखनीय है कि 11 जून को ईसी के निर्वाचित छह सदस्यों खालिद मसूद (लखनऊ), जफर इकबाल, एसएन पठान, कोकब हमीद, डॉ. शाहिद जमील एवं सफदर हसन खान के साथ-साथ 42 कोर्ट सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हुआ है।
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अलग से हो एएमयू ईसी सदस्यों का चुनाव
अलीगढ़। एएमयू कोर्ट के 11 बार सदस्य रह चुके खुर्शीद अहमद खान ने कहा कि 31 जुलाई को सिर्फ 42 कोर्ट सदस्यों का चुनाव होना चाहिए। छह ईसी सदस्यों के चुनाव अलग से होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसा होने से नवनिर्वाचित 42 कोर्ट सदस्यों को छह ईसी सदस्यों के चुनाव में भाग लेने का मौका मिल जाएगा। उन्होंने कहा कि कोर्ट चुनाव के दौरान दावेदार नहीं होते हैं। सामान्यत: यह देश के दूर-दूर के शहरों के होते हैं। चुनाव के तुरंत बाद शार्ट नोटिस पर वे ईसी चुनाव में भाग नहीं ले सकते। उन्होंने कहा कि पिछली बार यही हुआ था। एएमयू कोर्ट में 42 सदस्यों का चुनाव 12 जून 2013 को हुआ था, जबकि चांसलर, प्रो. चांसलर, ऑनरेरी ट्रेजरार समेत छह ईसी सदस्यों का चुनाव 11 अप्रैल 2015 को हुआ।