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एएमयू लगातार पीएमओ के संपर्क में है : कुलपति
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के जेएन मेडिकल कॉलेज के सभागार में बृहस्पतिवार को कोरोना समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर ने बताया कि वह प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने कोविड काल में विश्वविद्यालय को लगातार सहायता प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री, केन्द्रीय शिक्षा मंत्री तथा मुख्यमंत्री एवं उनके कार्यालयों का आभार जताया।
कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय की ओर से कोविड टीका लगवाने के लिए विश्वविद्यालय बिरादरी से आग्रह करने के उद्देश्य से लगातार निर्देशिका जारी की जा रही है तथा नोटिस, सर्कुलर एवं सोशल मीडिया आदि माध्यमों से उनसे टीका लगवाने के लिए आग्रह किया जा रहा है। प्रोफेसर मंसूर ने कहा कि विश्वविद्यालय ने जीनोम अनुक्रमण के लिए नमूने आईसीएमआर को भेजे हैं, क्योंकि अलीगढ़ में कोविड वायरस के नए स्ट्रेन के प्रसार का संदेह है।
कोविड की दूसरी लहर में एएमयू में उच्च मृत्यु दर के कारणों के बारे में बताते हुए जेएनएमसी प्रिंसिपल प्रोफेसर शाहिद सिद्दीकी ने कहा कि टीकाकरण में हिचकिचाहट तथा देर से मेडिकल कालेज लाए जाने से मृत्यु की संख्या में वृद्धि हुई।
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परंतु सोशल मीडिया और अखबारों में एकतरफा, अस्वाभाविक तथा अतिरंजित मौत के आंकड़े प्रसारित किए जा रहे थे क्योंकि कई सेवानिवृत्त शिक्षक, जिनकी मृत्यु दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, लखनऊ, भोपाल और मेरठ आदि में हुई, उन्हें भी इस सूची में शामिल कर लिया गया है।
इस कठिन समय में विश्वविद्यालय सभी कोविड प्रभावित परिवारों के दुख में बराबर का शरीक है। इस बैठक में रजिस्ट्रार अब्दुल हमीद (आईपीएस), मेडिसिन संकाय के डीन प्रोफेसर राकेश भार्गव तथा कार्यवाहक चिकित्सा अधीक्षक प्रोफेसर अमजद अली रिजवी आदि उपस्थित थे।
मेडिकल कॉलेज के बारे में फैलाए जा रहे झूठ पर ध्यान न दें : सिद्दीकी
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जेएन मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल और सीएमएस प्रोफेसर शाहिद अली सिद्दीकी ने लोगों से अपील की है कि वे मेडिकल कालेज में मरीजों का इलाज जारी रखें तथा झूठे व असत्यापित जानकारी पर ध्यान न दें। उन्होंने कहा कि कुछ स्वार्थी तत्वों द्वारा विश्वविद्यालय और मेडिकल कालेज की छवि को धूमिल करने के लिए सोशल मीडिया पर पोस्ट डाले जा रहे हैं।
प्रोफेसर सिद्दीकी ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन, मेडिकल कॉलेज के अधिकारी, डॉक्टर और जिला प्रशासन के अधिकारी मिलकर मरीजों को बेहतरीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेडिकल कालेज के कई डाक्टर, नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए कोविड-19 का शिकार हुए हैं। प्रोफेसर सिद्दीकी ने डाक्टरों, नर्सों, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
बताया कि दो दिन पहले ही कुछ स्वार्थी तत्वों ने जेएन मेडिकल कॉलेज के पूर्व छात्र और वर्तमान में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान दिल्ली में ऑर्थोपेडिक्स के प्रोफेसर डॉ. शाह आलम की नौ वर्ष पुरानी सोशल मीडिया पोस्ट को मेडिकल कॉलेज के मौजूदा हालात को जोड़कर पोस्ट कर दिया था। इससे बहुत भ्रम पैदा हुआ था।
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कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय की ओर से कोविड टीका लगवाने के लिए विश्वविद्यालय बिरादरी से आग्रह करने के उद्देश्य से लगातार निर्देशिका जारी की जा रही है तथा नोटिस, सर्कुलर एवं सोशल मीडिया आदि माध्यमों से उनसे टीका लगवाने के लिए आग्रह किया जा रहा है। प्रोफेसर मंसूर ने कहा कि विश्वविद्यालय ने जीनोम अनुक्रमण के लिए नमूने आईसीएमआर को भेजे हैं, क्योंकि अलीगढ़ में कोविड वायरस के नए स्ट्रेन के प्रसार का संदेह है।
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कोविड की दूसरी लहर में एएमयू में उच्च मृत्यु दर के कारणों के बारे में बताते हुए जेएनएमसी प्रिंसिपल प्रोफेसर शाहिद सिद्दीकी ने कहा कि टीकाकरण में हिचकिचाहट तथा देर से मेडिकल कालेज लाए जाने से मृत्यु की संख्या में वृद्धि हुई।
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परंतु सोशल मीडिया और अखबारों में एकतरफा, अस्वाभाविक तथा अतिरंजित मौत के आंकड़े प्रसारित किए जा रहे थे क्योंकि कई सेवानिवृत्त शिक्षक, जिनकी मृत्यु दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, लखनऊ, भोपाल और मेरठ आदि में हुई, उन्हें भी इस सूची में शामिल कर लिया गया है।
इस कठिन समय में विश्वविद्यालय सभी कोविड प्रभावित परिवारों के दुख में बराबर का शरीक है। इस बैठक में रजिस्ट्रार अब्दुल हमीद (आईपीएस), मेडिसिन संकाय के डीन प्रोफेसर राकेश भार्गव तथा कार्यवाहक चिकित्सा अधीक्षक प्रोफेसर अमजद अली रिजवी आदि उपस्थित थे।
मेडिकल कॉलेज के बारे में फैलाए जा रहे झूठ पर ध्यान न दें : सिद्दीकी
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जेएन मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल और सीएमएस प्रोफेसर शाहिद अली सिद्दीकी ने लोगों से अपील की है कि वे मेडिकल कालेज में मरीजों का इलाज जारी रखें तथा झूठे व असत्यापित जानकारी पर ध्यान न दें। उन्होंने कहा कि कुछ स्वार्थी तत्वों द्वारा विश्वविद्यालय और मेडिकल कालेज की छवि को धूमिल करने के लिए सोशल मीडिया पर पोस्ट डाले जा रहे हैं।
प्रोफेसर सिद्दीकी ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन, मेडिकल कॉलेज के अधिकारी, डॉक्टर और जिला प्रशासन के अधिकारी मिलकर मरीजों को बेहतरीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेडिकल कालेज के कई डाक्टर, नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए कोविड-19 का शिकार हुए हैं। प्रोफेसर सिद्दीकी ने डाक्टरों, नर्सों, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
बताया कि दो दिन पहले ही कुछ स्वार्थी तत्वों ने जेएन मेडिकल कॉलेज के पूर्व छात्र और वर्तमान में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान दिल्ली में ऑर्थोपेडिक्स के प्रोफेसर डॉ. शाह आलम की नौ वर्ष पुरानी सोशल मीडिया पोस्ट को मेडिकल कॉलेज के मौजूदा हालात को जोड़कर पोस्ट कर दिया था। इससे बहुत भ्रम पैदा हुआ था।