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तनाव मुक्त परीक्षा: चिंता से रहें दूर, नींद और पौष्टिक भोजन करें भरपूर, छोटे-छोटे अध्याय में बांट कर पढ़ें
Fri, 28 Nov 2025 06:40 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Fri, 28 Nov 2025 06:40 PM IST
सार
परीक्षा के समय भोजन में प्रोटीन और विटामिन का विशेष ध्यान रखना चाहिए। पौष्टिक भोजन शरीर और दिमाग को ऊर्जा देता है, जिससे एकाग्रता और स्मरण शक्ति बढ़ती है। बर्गर, पिज्जा मोमोज नहीं खाना चाहिए।
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आईआईएमटी कॉलेज में अमर उजाला द्वारा परीक्षा पर चर्च कार्यक्रम में मौजूद छात्र-छात्राएं
- फोटो : संवाद
विस्तार
सीबीएसई, आईसीएसई और यूपी बोर्ड की परीक्षाएं फरवरी में शुरू हो रही हैं। जैसे-जैसे परीक्षा की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों में परीक्षा को लेकर तनाव होने लगा है। विद्यार्थियों को तनाव मुक्त करने के लिए विषय विशेषज्ञों ने उन्हें महत्वपूर्ण मंत्र दिए। कहा, वह तनावमुक्त होकर परीक्षा दें। चिंता से दूर रहें। पर्याप्त नींद और पौष्टिक भोजन भरपूर करें।
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27 नवंबर को अमर उजाला की ओर से आईआईएमटी में आयोजित तनाव मुक्त परीक्षा कार्यक्रम में एएमयू के हिंदी विभाग के प्रो. शंभुनाथ तिवारी ने विद्यार्थियों को परीक्षा के दौरान तनाव कम करने और प्रभावी ढंग से पढ़ने के मंत्र बताए। अपने ऊपर परीक्षा का दबाव हावी न होने दें। परीक्षा के समय भोजन में प्रोटीन और विटामिन का विशेष ध्यान रखना चाहिए। पौष्टिक भोजन शरीर और दिमाग को ऊर्जा देता है, जिससे एकाग्रता और स्मरण शक्ति बढ़ती है। बर्गर, पिज्जा मोमोज नहीं खाना चाहिए। ऐसे फास्टफूड शरीर को धीरे-धीरे सुस्त की तरफ ले जाते हैं, जिससे पढ़ाई प्रभावित होती है और कोई भी काम पूरी क्षमता से नहीं हो पाता। विषयों को दोहराने का अभ्यास करना चाहिए। इससे न केवल आत्मविश्वास बढ़ता है, बल्कि विषयों की समझ और प्रस्तुति क्षमता भी मजबूत होती है।
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एएमयू के प्रशिक्षण व नियोजन कार्यालय के अधिकारी साद हमीद ने विद्यार्थियों से परीक्षा के दौरान तनाव प्रबंधन, समय-निर्धारण और कॅरिअर को लेकर सवाल भी पूछे। उन्हाेंने कहा कि परीक्षा में तनाव के चलते अंकों पर असर पड़ सकता है। इसलिए तनाव मुक्त होकर परीक्षा देना चाहिए। इसका अभ्यास अभी से करना चाहिए। इसमें अपने माता-पिता, भाई-बहन, शिक्षक से मदद ले सकते हैं। साद हमीद ने कहा कि तनाव रहने के कारण पढ़ाई में ध्यान नहीं लगता। चिड़चिड़ापन होता है और भूख कम हो जाती है। नींद कम या न के बराबर आती है। इससे बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास में बाधा आती है। आईआईएमटी के प्राचार्य शंभू केएन सिंह रावत ने कहा कि परीक्षाओं के दौरान तनाव कम करने और बेहतर तैयारी करने के लिए पढ़ाई का शेड्यूल बनाएं।
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