Aligarh: अमर उजाला ने लगाई पुलिस की पाठशाला, एक्सपर्ट ने दिए साइबर क्राइम से बचने के ये टिप्स
हेरिटेज इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित अमर उजाला की पुलिस की पाठशाला में एसपी क्राइम ममता कुरील ने विद्यार्थियों को इससे सावधान किया।
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समझदारी और होशियारी से ही साइबर ठग से बच सकते हैं। एसपी क्राइम ममता कुरील ने कहा कि सोशल प्लेटफॉर्म पर सक्रिय रहना कोई बुरी बात नहीं है, मगर अनजान लाइक को अपना समर्थन बिल्कुल न दें। इससे कोई भी परेशानी हो सकती है, किसी मुसीबत में भी फंस सकते हैं। 27 दिसंबर को हेरिटेज इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित हुई अमर उजाला की पुलिस की पाठशाला में उन्होंने विद्यार्थियों को इससे सावधान किया।
उन्होंने कहा कि अंजान नंबर से आने वाले वीडियो काॅल भी नहीं उठाने चाहिए। साइबर ठग खुद को पुलिस बताकर उन लोगों का डिजिटल अरेस्ट कर रहे हैं, जो उनकी धमकियों से डर जाते हैं। इसलिए स्वयं जागरूक होना जरूरी है। पुलिस किसी को डिजिटल अरेस्ट नहीं करती है, बल्कि पुलिस थाने पर बुलाती है। उन्होंने बताया कि फेसबुक पर अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट को स्वीकार नहीं करना चाहिए, जब तक फ्रेंड रिक्वेस्ट न भेजने वाले व्यक्ति के बारे में पूरी जानकारी हासिल न कर लें।
साइबर सेल के प्रभारी अमित कुमार ने बताया कि ईमेल अटैचमेंट के जरिये किसी साफ्टवेयर को डाउनलोड न करें। क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड की जानकारी वेब ब्राउजर में जमा न करें। किसी भी प्रकार की ओटीपी भूलकर किसी के साथ शेयर न करें। साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर दें। इससे मदद मिल जाएगी। साइबर विशेषज्ञ सचिन कुमार ने कहा कि व्हाट्सएप में टू स्टेप को अपनाकर अपना डाटा सुरक्षित रख सकते हैं। ऑनलाइन एकाउंट को हमेशा लॉग आउट रखें। मुफ्त उपहार, प्रस्ताव, संदेश, मेल आदि पर विश्वास न करें।
पुलिस की पाठशाला में एसपी क्राइम ममता कुरील को स्कूल की निदेशक शीतल नंदन ने स्मृति चिह्न भेंटकर उनका स्वागत किया। स्कूल के प्रधानाचार्य मुनीश कुमार श्रीवास्तव ने पुलिस अफसरों का आभार जताया।
क्या न करें
- अपनी व्यक्तिगत तस्वीरें सार्वजनिक रूप से साझा न करें।
- ब्राउजर में सोशल मीडिया अकाउंट में लॉग इन करते वक्त लॉग इन या रिमाइंडर मी को चेक न करें।
- अपनी जन्मतिथि, नाम, मोबाइल नंबर आदि का इस्तेमाल कभी पासवर्ड में न करें।
- किसी भी पॉपअप विज्ञापन पर गौर न करें।
पुलिस की पाठशाला में अच्छी जानकारी मिली है। साइबर फ्रॉड के बारे में अपने परिजनों, रिश्तेदारों को बताएंगे।-कशिश, कक्षा-10
साइबर विशेषज्ञों ने जो बातें बताई हैं, उस पर अमल करेंगे। यह पुलिस की पाठशाला में मेरे लिए सार्थक रही। -तुलसी मिश्रा, कक्षा-9
साइबर फ्रॉड हो जाए, इसकी जानकारी कहां दी जाए, यह जानकारी नहीं थी। अब मुझे जानकारी मिल गई है।-अंशिका, कक्षा-10
किसी अनजान फ्रेंड रिक्वेस्ट को स्वीकार नहीं करूंगी। इससे नुकसान हो सकता है। इसका ख्याल रखा जाएगा। -जाह्नवी चौधरी, कक्षा-10
मुझे अमर उजाला पुलिस की पाठशाला में सीखने का मौका मिला। यहां मिली जानकारी घरवालों को साझा करेंगी। -कुशाग्र, कक्षा-10
अब डिजिटल अरेस्ट के बारे में सही जानकारी मिल गई है। इसके बारे में लोगाें को बताएंगे कि पुलिस कोई डिजिटल अरेस्ट नहीं करती है।-राजकुमार, कक्षा-10
अमर उजाला और पुलिस अफसरों का धन्यवाद देंगे, जिनके प्रयास से मुझे अहम जानकारी मिली। साइबर फ्रॉड से बचाव होगा। -अभिनव, कक्षा-10
जो जानकारी साइबर अपराध के बारे में मिली है, वह मेरे काम आएगी। - मनु, कक्षा-11
सोशल मीडिया पर अपनी फोटो डालने से बचेंगी। व्हाट्सएप पर टू स्टेप प्रक्रिया भी अपनाएंगी। -तान्या, कक्षा-12
अमर उजाला की पाठशाला में जो ज्ञान मिला है, वह काफी अच्छा है। यह कार्यक्रम सार्थक रहा। -भूमि, कक्षा-11