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अलीगढ़: दो कुख्यात अपराधी पुलिस वैन से फरार
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अलीगढ़ जिला कारागार के बाहर खड़ी पुलिस वैन जिसमें बंदी सवार थे और वह कटी हुई जाली भी दिख रही है, जि?
- फोटो : CITY OFFICE
प्रारंभिक खबर, अपडेट संभव
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हेडिंग....
हाथरस के दो कुख्यात अपराधी पुलिस वैन से फरार
--प्वाइंटर--
हाथरस कलेक्ट्रेट स्थित किशोर न्यायालय में पेशी के लिए गए थे दोनों
सुरक्षा में रहे सिपाही हिरासत में, निलंबित भी किए गए
अमर उजाला ब्यूरो
अलीगढ़। जिला कारागार से हाथरस कलेक्ट्रेट स्थित किशोर न्याय बोर्ड पेशी पर ले जाए गए हाथरस जिले के दो कुख्यात अपराधी वापसी के दौरान पुलिस वैन से फरार हो गए। दोनों मडराक टोल से लेकर कारागार के बीच कहां फरार हुए, इसकी भनक तक साथ चल रहे सुरक्षा स्टाफ को नहीं लगी। जब पुलिस वैन कारागार आकर रुकी तो दोनों को गायब देख सुरक्षा स्टाफ के होश उड़ गए। इस वैन के दरवाजे की जाली टूटी हुई थी। सिपाही अफरोज और हैड कांस्टेबल फिरोज को एसपी हाथरस ने निलंबित कर दिया है।
इस खबर पर कारागार प्रशासन के साथ-साथ अलीगढ़-हाथरस पुलिस में भी हड़कंप मच गया। एक तरफ जहां हाथरस जिले में ही दोनों की तलाश शुरू करा दी गई, वहीं यहां सुरक्षा स्टाफ को हिरासत में लेकर उनके खिलाफ सिविल लाइंस थाने में मुकदमे आदि की औपचारिकताएं शुरू करा दी गई थीं। हाथरस पुलिस ने सगीर (26 वर्ष) पुत्र मुन्ने खां निवासी धुवई थाना हसायन हाथरस को 30 नवंबर 2018 को जेल भेजा था, जबकि मुकेश उर्फ गुड्डू (28 वर्ष) पुत्र शंकर लाल निवासी समदपुर सादाबाद हाथरस हाल निवासी दयाल गार्डन आगरा को 12 अक्तूबर 2017 को जेल भेजा था। इन दोनों बंदियों की दो अलग-अलग पुराने मुकदमों में किशोर न्याय बोर्ड हाथरस कलेक्ट्रेट में शनिवार को तलबी थी क्योंकि इन वारदातों के समय ये दोनों किशोर थे।
अलीगढ़ कारागार से उन्हें कुल 28 बंदियों के साथ एक ट्रक व एक टाटा-407 वाहन में पहले हाथरस दीवानी स्थित सदर हवालात ले जाया गया। वहां से इन दोनों को टाटा-407 वाहन में हाथरस के मुरसान स्थित कलेक्ट्रेट में किशोर न्याय बोर्ड में पेशी के लिए ले जाया गया। वहां से इनकी सुरक्षा ड्यूटी में लगा एक सिपाही अफरोज तो कहीं शादी में जाने की बात कहकर निकल गया, जबकि दूसरा हैड कांस्टेबल फिरोज खां व वाहन चालक महीपाल सिंह इन दोनों को कलेक्ट्रेट से सीधे अलीगढ़ कारागार के लिए लेकर चल दिए। ड्राइवर महीपाल सिंह ने पूछताछ में अधिकारियों को बताया कि वैन का पीछे से ताला लगा दिया गया था और फिरोज खां उनके साथ ही ड्राइवर केबिन में बैठे थे। मडराक टोल पर गाड़ी रोककर लघुशंका के दौरान देखा था तो दोनों बंदी उसमें सवार थे। इसके बाद जेल पर आकर गाड़ी रोकी तो वह दोनों गायब थे। पीछे के दरवाजे की जाली टूटी थी। अंदेशा है कि वह उसी की मदद से किसी तरह गाड़ी से निकलकर भाग गए। इस सूचना पर तत्काल एसपी सिटी अभिषेक, जेल अधीक्षक आलोक सिंह, इंस्पेक्टर सिविल लाइंस, आरआई हाथरस, सीओ हाथरस आदि जेल गेट पर जांच पड़ताल के लिए पहुंच गए। सिपाहियों को हिरासत में लेकर सिविल लाइंस में पूछताछ की जा रही है और आरआई हाथरस की तरफ से मुकदमे की तैयारी है।
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-हाथरस से जेल में वापसी के समय फरार हुए दोनों बंदियों की तलाश में पुलिस टीमों को लगाया गया है। प्रथम दृष्टया इनकी सुरक्षा में लगे स्टाफ की लापरवाही सीधे-सीधे उजागर हो रही है। अभी घटनास्थल की सटीक जानकारी नहीं हो पा रही है। इसके लिए भी टीमों को लगाया गया है। सिपाहियों व फरार बंदियों पर मुकदमे आदि की कार्रवाई की जा रही है। बाकी विभागीय जांच भी होगी।
-डॉ. प्रीतिंदर सिंह, डीआईजी रेंज
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हाथरस के दो कुख्यात अपराधी पुलिस वैन से फरार
--प्वाइंटर--
हाथरस कलेक्ट्रेट स्थित किशोर न्यायालय में पेशी के लिए गए थे दोनों
सुरक्षा में रहे सिपाही हिरासत में, निलंबित भी किए गए
अमर उजाला ब्यूरो
अलीगढ़। जिला कारागार से हाथरस कलेक्ट्रेट स्थित किशोर न्याय बोर्ड पेशी पर ले जाए गए हाथरस जिले के दो कुख्यात अपराधी वापसी के दौरान पुलिस वैन से फरार हो गए। दोनों मडराक टोल से लेकर कारागार के बीच कहां फरार हुए, इसकी भनक तक साथ चल रहे सुरक्षा स्टाफ को नहीं लगी। जब पुलिस वैन कारागार आकर रुकी तो दोनों को गायब देख सुरक्षा स्टाफ के होश उड़ गए। इस वैन के दरवाजे की जाली टूटी हुई थी। सिपाही अफरोज और हैड कांस्टेबल फिरोज को एसपी हाथरस ने निलंबित कर दिया है।
इस खबर पर कारागार प्रशासन के साथ-साथ अलीगढ़-हाथरस पुलिस में भी हड़कंप मच गया। एक तरफ जहां हाथरस जिले में ही दोनों की तलाश शुरू करा दी गई, वहीं यहां सुरक्षा स्टाफ को हिरासत में लेकर उनके खिलाफ सिविल लाइंस थाने में मुकदमे आदि की औपचारिकताएं शुरू करा दी गई थीं। हाथरस पुलिस ने सगीर (26 वर्ष) पुत्र मुन्ने खां निवासी धुवई थाना हसायन हाथरस को 30 नवंबर 2018 को जेल भेजा था, जबकि मुकेश उर्फ गुड्डू (28 वर्ष) पुत्र शंकर लाल निवासी समदपुर सादाबाद हाथरस हाल निवासी दयाल गार्डन आगरा को 12 अक्तूबर 2017 को जेल भेजा था। इन दोनों बंदियों की दो अलग-अलग पुराने मुकदमों में किशोर न्याय बोर्ड हाथरस कलेक्ट्रेट में शनिवार को तलबी थी क्योंकि इन वारदातों के समय ये दोनों किशोर थे।
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अलीगढ़ कारागार से उन्हें कुल 28 बंदियों के साथ एक ट्रक व एक टाटा-407 वाहन में पहले हाथरस दीवानी स्थित सदर हवालात ले जाया गया। वहां से इन दोनों को टाटा-407 वाहन में हाथरस के मुरसान स्थित कलेक्ट्रेट में किशोर न्याय बोर्ड में पेशी के लिए ले जाया गया। वहां से इनकी सुरक्षा ड्यूटी में लगा एक सिपाही अफरोज तो कहीं शादी में जाने की बात कहकर निकल गया, जबकि दूसरा हैड कांस्टेबल फिरोज खां व वाहन चालक महीपाल सिंह इन दोनों को कलेक्ट्रेट से सीधे अलीगढ़ कारागार के लिए लेकर चल दिए। ड्राइवर महीपाल सिंह ने पूछताछ में अधिकारियों को बताया कि वैन का पीछे से ताला लगा दिया गया था और फिरोज खां उनके साथ ही ड्राइवर केबिन में बैठे थे। मडराक टोल पर गाड़ी रोककर लघुशंका के दौरान देखा था तो दोनों बंदी उसमें सवार थे। इसके बाद जेल पर आकर गाड़ी रोकी तो वह दोनों गायब थे। पीछे के दरवाजे की जाली टूटी थी। अंदेशा है कि वह उसी की मदद से किसी तरह गाड़ी से निकलकर भाग गए। इस सूचना पर तत्काल एसपी सिटी अभिषेक, जेल अधीक्षक आलोक सिंह, इंस्पेक्टर सिविल लाइंस, आरआई हाथरस, सीओ हाथरस आदि जेल गेट पर जांच पड़ताल के लिए पहुंच गए। सिपाहियों को हिरासत में लेकर सिविल लाइंस में पूछताछ की जा रही है और आरआई हाथरस की तरफ से मुकदमे की तैयारी है।
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-हाथरस से जेल में वापसी के समय फरार हुए दोनों बंदियों की तलाश में पुलिस टीमों को लगाया गया है। प्रथम दृष्टया इनकी सुरक्षा में लगे स्टाफ की लापरवाही सीधे-सीधे उजागर हो रही है। अभी घटनास्थल की सटीक जानकारी नहीं हो पा रही है। इसके लिए भी टीमों को लगाया गया है। सिपाहियों व फरार बंदियों पर मुकदमे आदि की कार्रवाई की जा रही है। बाकी विभागीय जांच भी होगी।
-डॉ. प्रीतिंदर सिंह, डीआईजी रेंज
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