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अलीगढ़ : ब्रांडेड सैलून के दो कर्मचारी संक्रमित
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कोरोना वायरस।
- फोटो : CITY OFFICE
शहर के एक ब्रांडेड सैलून के 23 कर्मचारियों की जांच में दो संक्रमित पाए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद पूरे शहर में हलचल है। इसी तरह झोलाछाप, सब्जी, फल, दूध, दवा और किराना दुकानदारों के यहां से संक्रमण के आदान-प्रदान का खतरा है। जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग का अभी तक इस ओर ध्यान नहीं गया है।
सांगवान सिटी में एक सैलून के 23 कर्मियों की जांच हुई, जिसमें से रविवार को दो कर्मी संक्रमित पाए गए। अब इनसे कटिंग व सेविंग कराने वाले लोगों का पता लगाया जा रहा है। अनुभवी लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग को झोलाछाप, सैलून, दूध, सब्जी, फल, दवा और किराना व्यापारियों का नियमित जांच कराते रहना चाहिए। एक कारण यह भी है कि महामारी के काल में गाइड लाइन का 100 प्रतिशत पालन करने वाले लोग भी इन दुकानदारों के संपर्क में आते हैं। वह चाहकर भी संपर्क में आने से छुटकारा नहीं पा सकते। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप बंसल का कहना है कि जर्राह, सब्जी, फल, दूध, दवा, सैलून आदि के लिए दुकानों पर जाना मजबूरी है। इन दुकानदारों से संक्रमण फैलने का खतरा ज्यादा है। इसके साथ ही ग्राहकों से दुकानदारों को भी संक्रमित होने का खतरा है। ऐसे में इनकी समय पर जांच होती रहनी चाहिए। आईएमए के सचिव डॉ. भरत वार्ष्णेय भी डॉ. प्रदीप बंसल की तरह ही सुझाव दे रहे हैं। सीएमओ डॉ. बीपी सिंह कल्याणी का कहना है कि हम लोग पहले से ही इस दिशा में काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री के भी निर्देश हैं।
स्टाइल में नाक के नीचे लटका लेते हैं मास्क
बहुत सारे लोग मास्क तो पहनने हैं। लेकिन नाक के नीचे खिसका देते हैं। ऐसे लोगों से आपका भी जरूर सामना हुआ होगा। कुछ लोग तो ऐसे भी है जो मास्क लगाए रहते हैं और बातचीत करते समय मास्क नीचे कर लेते हैं ताकि एक-दूसरे की बात साफ-साफ सुनाई दे। जबकि यह स्थिति खतरनाक है। ऐसे लोग ‘दो गज की दूरी बहुत है जरूरी’ का स्लोगन भूल जाते हैं।
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सांगवान सिटी में एक सैलून के 23 कर्मियों की जांच हुई, जिसमें से रविवार को दो कर्मी संक्रमित पाए गए। अब इनसे कटिंग व सेविंग कराने वाले लोगों का पता लगाया जा रहा है। अनुभवी लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग को झोलाछाप, सैलून, दूध, सब्जी, फल, दवा और किराना व्यापारियों का नियमित जांच कराते रहना चाहिए। एक कारण यह भी है कि महामारी के काल में गाइड लाइन का 100 प्रतिशत पालन करने वाले लोग भी इन दुकानदारों के संपर्क में आते हैं। वह चाहकर भी संपर्क में आने से छुटकारा नहीं पा सकते। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप बंसल का कहना है कि जर्राह, सब्जी, फल, दूध, दवा, सैलून आदि के लिए दुकानों पर जाना मजबूरी है। इन दुकानदारों से संक्रमण फैलने का खतरा ज्यादा है। इसके साथ ही ग्राहकों से दुकानदारों को भी संक्रमित होने का खतरा है। ऐसे में इनकी समय पर जांच होती रहनी चाहिए। आईएमए के सचिव डॉ. भरत वार्ष्णेय भी डॉ. प्रदीप बंसल की तरह ही सुझाव दे रहे हैं। सीएमओ डॉ. बीपी सिंह कल्याणी का कहना है कि हम लोग पहले से ही इस दिशा में काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री के भी निर्देश हैं।
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स्टाइल में नाक के नीचे लटका लेते हैं मास्क
बहुत सारे लोग मास्क तो पहनने हैं। लेकिन नाक के नीचे खिसका देते हैं। ऐसे लोगों से आपका भी जरूर सामना हुआ होगा। कुछ लोग तो ऐसे भी है जो मास्क लगाए रहते हैं और बातचीत करते समय मास्क नीचे कर लेते हैं ताकि एक-दूसरे की बात साफ-साफ सुनाई दे। जबकि यह स्थिति खतरनाक है। ऐसे लोग ‘दो गज की दूरी बहुत है जरूरी’ का स्लोगन भूल जाते हैं।
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