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अलीगढ़ : जीपीएफ पर 34 लाख के ऋण घोटाले में दो बाबू निलंबित

Thu, 03 Sep 2020 02:21 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 03 Sep 2020 02:21 AM IST
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Aligarh: Two babu suspended in GPF loan scam of 34 lakhs
बेसिक शिक्षा विभाग के सेवानिवृत्त शिक्षक जगदीश प्रसाद के जीपीएफ (जनरल प्रॉविडेंट फंड) पर 35 किस्तों में दिए गए 34 लाख रुपये के ऋण के मामले में विभाग के कनिष्ठ लिपिक सुनील कुमार और कनिष्ठ लिपिक देवेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही शिक्षक जगदीश प्रसाद और कर्मचारी शंकर सिंह को अपना पक्ष रखने के लिए अंतिम बार नोटिस भेजा गया है।
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31 मार्च 2020 को पूर्व माध्यमिक विद्यालय नरवारी टप्पल में शिक्षक जगदीश प्रसाद सेवानिवृत्त हो गए थे। कोरोना के चलते लॉकडाउन लग गया। इसलिए जीपीएफ के लिए आवेदन नहीं कर सके। बाद में जब माहौल सामान्य हुआ, तब फंड के लिए आवेदन किया, लेकिन विभाग ने भुगतान से मना कर दिया, क्योंकि उन्होंने अपने जीपीएफ पर 34 लाख 34 हजार 771 रुपये का ऋण ले रखा है। जगदीश प्रसाद ने विभाग को बताया कि अपने सेवाकाल में कोई ऋण नहीं लिया है। मामला संदिग्ध होने पर वित्त एवं लेखाधिकारी डॉ. अनिल यादव ने दो सदस्यीय जांच टीम गठित कर दी।
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टीम के सदस्य ज्येष्ठ लेखाधिकारी डॉ. अश्विनी कुमार पांडेय व लेखाकार नितिन जैन ने जांच-पड़ताल में पाया कि विभागीय कर्मचारी सुनील कुमार व देवेंद्र सिंह की लापरवाही से विभाग को 34 लाख रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है। इसकी रिपोर्ट उन्होंने डॉ. अनिल यादव को सौंपी। रिपोर्ट के आधार पर उन्होंने दोनों दोषी कर्मचारियों को निलंबित कर दिया। जांच टीम के सदस्य डॉ. अश्विनी कुमार के अनुसार, यह धनराशि और भी ज्यादा हो सकती है, क्योंकि वर्ष 2007 से 2012 तक आवेदन आदि के पपत्र गायब हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक के तीन खातों में धनराशि आई और उसने नकद रुपये निकाले हैं। वहीं, शिक्षक के अनुसार, उसने कर्मचारी शंकर सिंह को धनराशि दी है, जो वर्ष 2006 में विभाग में संबद्ध था, क्योंकि वह उन्हीं के विद्यालय में कर्मचारी था। डॉ. पांडेय ने कहा कि यह अनंतिम रिपोर्ट है। इस मामले में और जांच होगी। यह पूरा मामला वर्ष 2002-2013 का है।
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