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अलीगढ़ : पुलिस कर्मियों से मारपीट में तीन एफआईआर दर्ज
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कस्बे के सब्जी पैंठ के पास मंगलवार की रात करीब रात 9 बजे विवाद की सूचना पर पहुंचे पुलिस कर्मियों से मारपीट व वर्दी फाड़ने के मामले में तीन एफआईआर दर्ज हुई हैं। एक एफआईआर में दस नामजद के अलावा एक अन्य तहरीर पर करीब 100 अज्ञात के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज हुई है।
मुख्य आरोपी पूर्व प्रधान यासीन खान उर्फ बबलू और उसके बेटे को पुलिस ने बुधवार को न्यायालय में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। उधर मंगलवार की रात कस्बे में बनी तनाव की स्थिति के बाद अब शांति है। पीएसी के साथ ही अधिकारी कस्बे में डेरा जमाए हुए हैं।
20 दिन पुराने दुकान निर्माण के विवाद में चल रही तनातनी के बीच मंगलवार की रात दोनों पक्षों में मारपीट हो गई थी। पूर्व प्रधान यासीन खान बबलू पर आरोप लगाते हुए रामगोपाल गुप्ता ने कोतवाली में शिकायत की थी। इस पर हलका इंचार्ज नवीन कुमार कुछ सिपाहियों को साथ लेकर मौके पर पहुंचे थे। वह पूर्व प्रधान और उसके बेटों को थाने चलने के लिये कहने लगे।
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इसी बात पर पूर्व प्रधान यासीन खान बबलू व और उसके पुत्र भड़क गए। थाने न जाने की बात कहते हुए दरोगा नवीन कुमार और सिपाहियों के साथ धक्का-मुक्की व मारपीट करते हुए दो पुलिस कर्मियों की वर्दी फाड़ दी थी।
मंगलवार की देर रात ही पुलिस ने मुख्य आरोपी यासीन खान बबलू व उसके एक पुत्र को हिरासत में ले लिया था। इसके बाद उनके पक्ष में कस्बे 60 से 70 महिला-पुरुष कोतवाली जा रहे थे, जिन्हें रास्ते से ही अधिकारियों ने वापस कर दिया था। उधर बुधवार को कस्बे में एसपी क्राइम रजनी व एसपी ग्रामीण पलाक बंसल समेत एएसपी मनीष शांडिल्य, सीओ एलआईयू योगेंद्र मलिक आदि दिन भर डेरा डाले रहे। जगह-जगह पीएसी तैनात रही।
झगड़े की वजह दुकान का निर्माण
पूर्व प्रधान यासीन खान बबलू और रामगोपाल गुप्ता के बीच झगड़े की वजह दुकान का विवाद बताया गया है। कई वर्ष पहले रामगोपाल गुप्ता ने यासीन खान से मुख्य मार्ग पर एक दुकान खरीदी थी। अब यह दुकान सड़क से नीचे हो गई थी। 20 दिन पहले रामगोपाल गुप्ता दुकान के पटाव को हटाकर दुकान में भराव कराकर उसे ऊंचा करवा रहे थे। इस पर यासीन खान ने जबरन दुकान का निर्माण कार्य रुकवा दिया था।
इसकी शिकायत रामगोपाल ने कोतवाली में की। पुलिस के हस्तक्षेप से दुकान का निर्माण पूरा हो गया। इसी के बाद से दोनों पक्षों में विवाद चला आ रहा था। आरोप है कि मंगलवार की रात घर के आगे थूकने का आरोप लगाते हुए पूर्व प्रधान पक्ष ने रामगोपाल गुप्ता समेत उसकी पत्नी और बेटी से मारपीट की। बाद में पहुंचे पुलिस कर्मियों से भी मारपीट कर दी।
दस लोग किए गए नामजद
रामगोपाल गुप्ता की पत्नी पूनम गुप्ता की ओर से घर में घुसकर मारपीट, छेड़छाड़, बलवा आदि की धाराओं में पूर्व प्रधान यासीन खान बबलू, जुबैर, फैजल, जुनैद, मुजीब, उबैद, सुफियान, माजिद पठान व शहनवाज सहित 10 लोगों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
इसी मोहल्ले के निवासी संजीव कुमार पुत्र रमेश चंद पचौरी ने भी यासीन खान बबलू और उनके बेटों पर पलायन करने के लिए मजबूर करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इसी मोहल्ले की निवासी रजनी देवी पत्नी नरेंद्र चौधरी की ओर से यासीन खान बबलू, फैजल, जुबैर, जुबैद, यासीन पुत्र राहत अली सहित पांच नामजद और करीब 100 अज्ञात पर घर में घुसकर मारपीट, गालीगलौज व बलवा आदि की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
- मंगलवार की रात ही मैने अधीनस्थ अधिकारियों के साथ मौके पर भ्रमण किया। दो पक्षों के बीच विवाद था, जिसकी सूचना पर पहुंचे पुलिस कर्मियों के साथ धक्का-मुक्की करने की बात सामने आई। दो आरोपियों को जेल भेजा गया है। कस्बे में पूरी तरह शांति है। - कलानिधि नैथानी, एसएसपी।
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मुख्य आरोपी पूर्व प्रधान यासीन खान उर्फ बबलू और उसके बेटे को पुलिस ने बुधवार को न्यायालय में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। उधर मंगलवार की रात कस्बे में बनी तनाव की स्थिति के बाद अब शांति है। पीएसी के साथ ही अधिकारी कस्बे में डेरा जमाए हुए हैं।
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20 दिन पुराने दुकान निर्माण के विवाद में चल रही तनातनी के बीच मंगलवार की रात दोनों पक्षों में मारपीट हो गई थी। पूर्व प्रधान यासीन खान बबलू पर आरोप लगाते हुए रामगोपाल गुप्ता ने कोतवाली में शिकायत की थी। इस पर हलका इंचार्ज नवीन कुमार कुछ सिपाहियों को साथ लेकर मौके पर पहुंचे थे। वह पूर्व प्रधान और उसके बेटों को थाने चलने के लिये कहने लगे।
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इसी बात पर पूर्व प्रधान यासीन खान बबलू व और उसके पुत्र भड़क गए। थाने न जाने की बात कहते हुए दरोगा नवीन कुमार और सिपाहियों के साथ धक्का-मुक्की व मारपीट करते हुए दो पुलिस कर्मियों की वर्दी फाड़ दी थी।
मंगलवार की देर रात ही पुलिस ने मुख्य आरोपी यासीन खान बबलू व उसके एक पुत्र को हिरासत में ले लिया था। इसके बाद उनके पक्ष में कस्बे 60 से 70 महिला-पुरुष कोतवाली जा रहे थे, जिन्हें रास्ते से ही अधिकारियों ने वापस कर दिया था। उधर बुधवार को कस्बे में एसपी क्राइम रजनी व एसपी ग्रामीण पलाक बंसल समेत एएसपी मनीष शांडिल्य, सीओ एलआईयू योगेंद्र मलिक आदि दिन भर डेरा डाले रहे। जगह-जगह पीएसी तैनात रही।
झगड़े की वजह दुकान का निर्माण
पूर्व प्रधान यासीन खान बबलू और रामगोपाल गुप्ता के बीच झगड़े की वजह दुकान का विवाद बताया गया है। कई वर्ष पहले रामगोपाल गुप्ता ने यासीन खान से मुख्य मार्ग पर एक दुकान खरीदी थी। अब यह दुकान सड़क से नीचे हो गई थी। 20 दिन पहले रामगोपाल गुप्ता दुकान के पटाव को हटाकर दुकान में भराव कराकर उसे ऊंचा करवा रहे थे। इस पर यासीन खान ने जबरन दुकान का निर्माण कार्य रुकवा दिया था।
इसकी शिकायत रामगोपाल ने कोतवाली में की। पुलिस के हस्तक्षेप से दुकान का निर्माण पूरा हो गया। इसी के बाद से दोनों पक्षों में विवाद चला आ रहा था। आरोप है कि मंगलवार की रात घर के आगे थूकने का आरोप लगाते हुए पूर्व प्रधान पक्ष ने रामगोपाल गुप्ता समेत उसकी पत्नी और बेटी से मारपीट की। बाद में पहुंचे पुलिस कर्मियों से भी मारपीट कर दी।
दस लोग किए गए नामजद
रामगोपाल गुप्ता की पत्नी पूनम गुप्ता की ओर से घर में घुसकर मारपीट, छेड़छाड़, बलवा आदि की धाराओं में पूर्व प्रधान यासीन खान बबलू, जुबैर, फैजल, जुनैद, मुजीब, उबैद, सुफियान, माजिद पठान व शहनवाज सहित 10 लोगों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
इसी मोहल्ले के निवासी संजीव कुमार पुत्र रमेश चंद पचौरी ने भी यासीन खान बबलू और उनके बेटों पर पलायन करने के लिए मजबूर करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इसी मोहल्ले की निवासी रजनी देवी पत्नी नरेंद्र चौधरी की ओर से यासीन खान बबलू, फैजल, जुबैर, जुबैद, यासीन पुत्र राहत अली सहित पांच नामजद और करीब 100 अज्ञात पर घर में घुसकर मारपीट, गालीगलौज व बलवा आदि की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
- मंगलवार की रात ही मैने अधीनस्थ अधिकारियों के साथ मौके पर भ्रमण किया। दो पक्षों के बीच विवाद था, जिसकी सूचना पर पहुंचे पुलिस कर्मियों के साथ धक्का-मुक्की करने की बात सामने आई। दो आरोपियों को जेल भेजा गया है। कस्बे में पूरी तरह शांति है। - कलानिधि नैथानी, एसएसपी।