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अलीगढ़ : शाह को सुनने का था उत्साह पर मन में थी महंगाई की व्यथा
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क्वार्सी से पैदल-पैदल चलकर आने पर अपनी व्यथा सुनाती परेशान महिला। अमर उजाला
- फोटो : CITY OFFICE
राजा तिवारी, अलीगढ़।
उत्तर प्रदेश में सियासी गर्मी बढ़ रही है। भाजपा के केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को जन विश्वास रैली को संबोधित किया। रैली में अलीगढ़ सहित आसपास के जिलों के लोग भी शामिल हुए। शाह को सुनने के लिए लोगों में उत्साह था, जबकि बढ़ती महंगाई को लेकर मन में व्यथा भी थी।
यहां आए लोगों ने महंगाई को लेकर नाराजगी जताई और असमान वेतन का मुद्दा भी उठाया। रैली में निजी बसें लेकर आए परिचालक बोले, छह हजार रुपये महीने मिलते हैं। आखिरकार कैसे अपने परिवारों को पालें।
- पहली बार अमित शाह की रैली में शामिल हो रहा हूं। विधायकों के एजेंटों के माध्यम से रैली में शामिल हुआ हूं। शाह को सुनने के लिए बेताब हूं। - वीरेंद्र चौधरी, सिखरना खुर्द छर्रा।
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- अमित शाह को सुनने के लिए आया हूं। प्रत्याशी कोई भी हो, हम सिर्फ बीजेपी को वोट देंगे। योगी-मोदी जैसे नेता आज तक नहीं मिले हैं। - अतीश कुमार, माछुआ हरदुआगंज।
- वैसे प्रतिदिन बस चलाने पर 800 रुपये रोज मिलते हैं। लेकिन अमित शाह की रैली के लिए 500 रुपये मिले हैं। 300 रुपये का नुकसान हो गया। - ठा. रविंद्र सिंह, बुलंदशहर।
- बस चलाता हूं। दिनभर ड्राइवरी करने पर 350 रुपये मिलते हैं। महीने में साढ़े दस हजार से परिवार की गुजर बसर नहीं हो पाती है। - पवन चौधरी, बनेल गांव।
- निजी बस में परिचालक हूं। महीने में छह हजार रुपये मिलते हैं। दूसरी ओर महंगाई बढ़ गई है। छह हजार रुपये में अपने परिवार को कैसे पालें। - नसीम, पहासू।
- भीड़ तो अच्छी आई है। नेता कई वादे करते हैं, लेकिन मजदूरों की मजदूरी बढ़ाने पर ध्यान दें तो गरीबों की दुआएं मिलेंगी। - शमशाद अहमद, शिकारपुर बुलंदशहर।
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उत्तर प्रदेश में सियासी गर्मी बढ़ रही है। भाजपा के केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को जन विश्वास रैली को संबोधित किया। रैली में अलीगढ़ सहित आसपास के जिलों के लोग भी शामिल हुए। शाह को सुनने के लिए लोगों में उत्साह था, जबकि बढ़ती महंगाई को लेकर मन में व्यथा भी थी।
यहां आए लोगों ने महंगाई को लेकर नाराजगी जताई और असमान वेतन का मुद्दा भी उठाया। रैली में निजी बसें लेकर आए परिचालक बोले, छह हजार रुपये महीने मिलते हैं। आखिरकार कैसे अपने परिवारों को पालें।
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- पहली बार अमित शाह की रैली में शामिल हो रहा हूं। विधायकों के एजेंटों के माध्यम से रैली में शामिल हुआ हूं। शाह को सुनने के लिए बेताब हूं। - वीरेंद्र चौधरी, सिखरना खुर्द छर्रा।
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- अमित शाह को सुनने के लिए आया हूं। प्रत्याशी कोई भी हो, हम सिर्फ बीजेपी को वोट देंगे। योगी-मोदी जैसे नेता आज तक नहीं मिले हैं। - अतीश कुमार, माछुआ हरदुआगंज।
- वैसे प्रतिदिन बस चलाने पर 800 रुपये रोज मिलते हैं। लेकिन अमित शाह की रैली के लिए 500 रुपये मिले हैं। 300 रुपये का नुकसान हो गया। - ठा. रविंद्र सिंह, बुलंदशहर।
- बस चलाता हूं। दिनभर ड्राइवरी करने पर 350 रुपये मिलते हैं। महीने में साढ़े दस हजार से परिवार की गुजर बसर नहीं हो पाती है। - पवन चौधरी, बनेल गांव।
- निजी बस में परिचालक हूं। महीने में छह हजार रुपये मिलते हैं। दूसरी ओर महंगाई बढ़ गई है। छह हजार रुपये में अपने परिवार को कैसे पालें। - नसीम, पहासू।
- भीड़ तो अच्छी आई है। नेता कई वादे करते हैं, लेकिन मजदूरों की मजदूरी बढ़ाने पर ध्यान दें तो गरीबों की दुआएं मिलेंगी। - शमशाद अहमद, शिकारपुर बुलंदशहर।