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अलीगढ़ : खेलते-खेलते रजवाहे में डूबी मासूम, तलाश जारी
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देवकी का फाइल फोटो। संवाद
- फोटो : CITY OFFICE
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जीटी रोड से सटे बौनेर बिजलीघर के पास गांव गिरधरपुर के नगला गड़ियावली में सोमवार सुबह छह साल की बच्ची खेलते-खेलते नाला बन चुके रजवाहे में डूब गई। देर शाम तक गोताखोर बच्ची को तलाशते रहे, मगर बच्ची का सुराग नहीं लगा था। खबर पर पुलिस के साथ-साथ फायर सर्विस व रेस्क्यू टीम भी पहुंच गई थी। रजवाहे में अधिक मलबा और बहाव तेज होने के कारण बच्ची का मिलना संभव नहीं हो रहा था।
गांव गड़ियावली से 200 मीटर दूरी पर रामघाट रोड, ओजोन सिटी से होकर पुराना रजवाहा अधौन की ओर जा रहा है। यह रजवाहा अब नाले का रूप ले चुका है। रात बारिश के कारण इसमें पानी का बहाव बेहद तेज था। पिछले करीब 20 साल से इस नाले की सफाई न होने के कारण इसमें मलबा भी काफी है।
इसी नाले में गांव निवासी टैंपो चालक पवन कुमार के 4 बच्चों में से तीसरे नंबर की 6 वर्षीय बेटी देवकी सोमवार सुबह करीब दस बजे गिर गई। पवन के अनुसार, गांव-परिवार के चार-पांच बच्चे खेलते खेलते नाले के पास पहुंच गए थे। इनमें देवकी भी शामिल थी। इस नाले पर छोटी पुलिया बनी है, जिससे नाला पार करके ग्रामीण आगे चामुंडा मंदिर व बेसिक स्कूल की ओर भी जाते हैं।
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परिवार के अनुसार, खेल-खेल में बच्ची उस पुलिया पर चल रही थी, तभी अचानक उसका पैर फिसला और वह नाले में गिर गई। हालांकि, कुछ बच्चों का यह भी कहना था कि वह शौच के इरादे से पुलिया से आगे खेतों की ओर जा रही थी। बच्ची के गिरते ही अन्य बच्चों ने शोर मचाया तो आसपास खेतों में काम कर रहे लोग आ गए। इधर, घटना से पहले पवन टैंपो लेकर घर से निकल चुका था। जब बच्ची के घर खबर पहुंची तो उसकी मां किरन, दादी शकुंतला दौड़ते हुए पहुंच गए। बाद में पवन भी आ गया।
सूचना पर गांधीपार्क पुलिस, फायर सर्विस व रेस्क्यू टीम भी पहुंच गई। ग्रामीणों व रेस्क्यू टीम ने जगह जगह नाले में बांध के रूप में जाली, चारपाई, टिन आदि लगाकर बहाव कम करने का प्रयास किया और गांव के ही गोताखोरों की मदद से देर शाम तक बच्ची की तलाश का काम जारी रहा। मगर बच्ची का सुराग नहीं लग सका था। इसे लेकर परिवार का हाल बेहाल था। इंस्पेक्टर गांधीपार्क के अनुसार बच्ची की देर शाम तक तलाश जारी थी।
मलबे पर उग आई है घास
इस रजवाहे में जमे मलबे ने नाला व रजवाहा सफाई अभियान की पोल खोल दी है। जिस वक्त बच्ची की तलाश जारी थी। तब नाले में बहते पानी के ऊपर मलबे की एक ऐसी परत जमी थी, जिस पर घास उग आई थी। उस परत पर ग्रामीण भी खड़े हो जा रहे थे। उसके नीचे से पानी बह रहा था। इसको लेकर ग्रामीणों का कहना था कि पिछले बीस साल से इस नाले की कभी सफाई होते नहीं देखी।
रात को गांव में नहीं रुकते रिश्तेदार
ग्रामीणों ने नाले की गंदगी व दुर्गंध से पैदा होने वाले मच्छरों को लेकर बताया कि रात में गांव में रिश्तेदार नहीं रुकते। उन्हें दिन में गंदगी व दुर्गंध परेशान करती है और रात को मच्छर परेशान करते हैं।
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गांव गड़ियावली से 200 मीटर दूरी पर रामघाट रोड, ओजोन सिटी से होकर पुराना रजवाहा अधौन की ओर जा रहा है। यह रजवाहा अब नाले का रूप ले चुका है। रात बारिश के कारण इसमें पानी का बहाव बेहद तेज था। पिछले करीब 20 साल से इस नाले की सफाई न होने के कारण इसमें मलबा भी काफी है।
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इसी नाले में गांव निवासी टैंपो चालक पवन कुमार के 4 बच्चों में से तीसरे नंबर की 6 वर्षीय बेटी देवकी सोमवार सुबह करीब दस बजे गिर गई। पवन के अनुसार, गांव-परिवार के चार-पांच बच्चे खेलते खेलते नाले के पास पहुंच गए थे। इनमें देवकी भी शामिल थी। इस नाले पर छोटी पुलिया बनी है, जिससे नाला पार करके ग्रामीण आगे चामुंडा मंदिर व बेसिक स्कूल की ओर भी जाते हैं।
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परिवार के अनुसार, खेल-खेल में बच्ची उस पुलिया पर चल रही थी, तभी अचानक उसका पैर फिसला और वह नाले में गिर गई। हालांकि, कुछ बच्चों का यह भी कहना था कि वह शौच के इरादे से पुलिया से आगे खेतों की ओर जा रही थी। बच्ची के गिरते ही अन्य बच्चों ने शोर मचाया तो आसपास खेतों में काम कर रहे लोग आ गए। इधर, घटना से पहले पवन टैंपो लेकर घर से निकल चुका था। जब बच्ची के घर खबर पहुंची तो उसकी मां किरन, दादी शकुंतला दौड़ते हुए पहुंच गए। बाद में पवन भी आ गया।
सूचना पर गांधीपार्क पुलिस, फायर सर्विस व रेस्क्यू टीम भी पहुंच गई। ग्रामीणों व रेस्क्यू टीम ने जगह जगह नाले में बांध के रूप में जाली, चारपाई, टिन आदि लगाकर बहाव कम करने का प्रयास किया और गांव के ही गोताखोरों की मदद से देर शाम तक बच्ची की तलाश का काम जारी रहा। मगर बच्ची का सुराग नहीं लग सका था। इसे लेकर परिवार का हाल बेहाल था। इंस्पेक्टर गांधीपार्क के अनुसार बच्ची की देर शाम तक तलाश जारी थी।
मलबे पर उग आई है घास
इस रजवाहे में जमे मलबे ने नाला व रजवाहा सफाई अभियान की पोल खोल दी है। जिस वक्त बच्ची की तलाश जारी थी। तब नाले में बहते पानी के ऊपर मलबे की एक ऐसी परत जमी थी, जिस पर घास उग आई थी। उस परत पर ग्रामीण भी खड़े हो जा रहे थे। उसके नीचे से पानी बह रहा था। इसको लेकर ग्रामीणों का कहना था कि पिछले बीस साल से इस नाले की कभी सफाई होते नहीं देखी।
रात को गांव में नहीं रुकते रिश्तेदार
ग्रामीणों ने नाले की गंदगी व दुर्गंध से पैदा होने वाले मच्छरों को लेकर बताया कि रात में गांव में रिश्तेदार नहीं रुकते। उन्हें दिन में गंदगी व दुर्गंध परेशान करती है और रात को मच्छर परेशान करते हैं।

बौनेर बिजली घर स्थित गड़ियावली का माजरा राम नगर में बच्ची देवकी बम्बा में डूबने के बाद विलाप करते- फोटो : CITY OFFICE