फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Aligarh: Successful operation of cerebral aneurysm, woman gets new life

अलीगढ़ : सेरेब्रल एन्युरिज्म का सफल ऑपरेशन, महिला को मिला नया जीवन

Wed, 24 Nov 2021 01:09 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 24 Nov 2021 01:09 AM IST
विज्ञापन
Aligarh: Successful operation of cerebral aneurysm, woman gets new life
जेएन मेडिकल कालेज के न्यूरोसर्जरी विभाग के डाक्टरों ने कार्डियोलाजी विभाग के सहयोगियों की मदद स - फोटो : CITY OFFICE
एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज के न्यूरो सर्जरी विभाग के डॉक्टरों ने कॉर्डियोलॉजी विभाग के सहयोगियों की मदद से एक महिला (51) के मस्तिष्क से सेरेब्रल एन्यूरिज्म के ऑपरेशन में सफलता हासिल की। उनकी हालत में सुधार हो रहा है। मुरादाबाद निवासी कमलेश के सिर में अचानक दर्द उठ आया था। इसके बाद उन्हें उल्टी हुई। फिर गर्दन में अकड़न और धुंधली दृष्टि हो गई।
विज्ञापन

परिजन उन्हें एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज ले आए। न्यूरो सर्जरी विभाग के प्रो. एमएफ हुदा ने बताया कि कमलेश की हालत देखकर उन्हें फौरन एक एंडोवास्कुलर कोआइलिंग प्रक्रिया करनी थी, जिसमें प्लैटिनम काइल्स को मुक्त करने के लिए एन्युरिज्म युक्त धमनी में एक कैथेटर से गुजारा गया। इसके बाद एक माइक्रोकैथेटर प्रारंभिक कैथेटर से एक विद्युत प्रवाह करने और धमनी विस्फार के द्वार को बंद करने के लिए डाला गया था।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि अगर मरीज सर्जरी के लिए समय पर नहीं पहुंचा होता तो उसके मस्तिष्क में उभार आसपास की नसों पर दबाव डालता, जिससे रक्तस्राव, मस्तिष्क क्षति, कोमा या मृत्यु भी हो सकती थी। न्यूरो सर्जरी विभाग में सालाना 500 से अधिक ऐसी सर्जरी की जाती हैं । उन्होंने कैथ लैब सुविधाएं प्रदान करने के लिए कार्डियोलाजी विभाग के अध्यक्ष प्रो. एमयू रब्बानी और उनकी टीम का आभार व्यक्त किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

न्यूरो सर्जरी विभाग के अध्यक्ष प्रो. रमन मोहन शर्मा ने बताया कि दुर्लभ सेरेब्रल एन्युरिज्म को दूर करने के लिए न्यूरो सर्जरी विभाग की विशेषज्ञता अलीगढ़ के आसपास के क्षेत्रों में निम्न आय वर्ग के रोगियों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो रही है, क्योंकि उन्हें अब महानगरों के महंगे निजी अस्पतालों तक नहीं जाना पड़ता।
असिस्टेंट प्रो. डॉ. एम ताबिश खान, डॉ. मोहम्मद अहमद अंसारी व डॉ. तारिक मतीन ने बताया कि रोगी में कैसे एन्युरिज्म को पूरी तरह से समाप्त किया गया था। एनेस्थिसियोलाजी विभाग के एसोसिएट प्रो. डॉ. उबैद सिद्दीकी ने मरीज कमलेश को एनेस्थीसिया सहायता प्रदान की। कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने कहा कि विश्वविद्यालय समुदाय इस दुर्लभ सर्जरी की उपलब्धि पर गर्व करता है।
डीन, फैकल्टी ऑफ मेडिसिन प्रो. राकेश भार्गव, जेएन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. शाहिद सिद्दीकी ने चिकित्सकों को बधाई देते हुए कहा कि न्यूरो सर्जरी विभाग के चिकित्सक प्रत्येक मस्तिष्क धमनी विस्फार रोगी का मूल्यांकन करते हैं, ताकि मरीज की विशिष्ट स्थिति के लिए सबसे अच्छी चिकित्सा या उपचार निर्धारित किया जा सके।

क्या है सेरेब्रल एन्युरिज्म
न्यूरो सर्जरी विभाग के अध्यक्ष प्रो. रमन मोहन शर्मा ने बताया कि सेरेब्रल एन्युरिज्म बीमारी से पीड़ित व्यक्ति के मस्तिष्क की एक धमनी की दीवार में गुब्बारे की तरह उभार आ जाता है, जिसे सेरेब्रल एन्युरिज्म कहते हैं। इसका दो तरीके से इलाज होता है। एक ऑपरेशन तो दूसरा एंडोवास्कुलर कोआइलिंग। देश में हर साल यह बीमारी दो लाख लोगों को होती है। सही वक्त पर मरीज को इलाज मिल जाए और उसकी हालत ज्यादा न बिगड़ी हो तो मरीज की जान बचाई जा सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed