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Aligarh: चर्चा और बैठकें हुईं, पर नहीं बनी सड़क, 24 साल बाद भी फाइलों से बाहर नहीं आ सका रिंग रोड

Tue, 03 Dec 2024 11:27 AM IST
चमन शर्मा आशीष निगम, अमर उजाला, अलीगढ़
आशीष निगम, अमर उजाला, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Tue, 03 Dec 2024 11:27 AM IST
सार

यह रिंग रोड अलीगढ़-कानपुर जीटी रोड पर पनैठी से शुरू होकर-ओजोन सिटी रोड-रामघाट रोड-पंचशील कॉलोनी रोड-अनूपशहर रोड-अलीगढ़-गाजियाबाद जीटी रोड-मथुरा बाईपास रोड से होकर गुजरना था।

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Aligarh Ring Road
मास्टर प्लान 2021 का मानचित्र - फोटो : एडीए

विस्तार

चौबीस साल बाद भी अलीगढ़ शहर में प्रस्तावित रिंग रोड कागजों से जमीन पर नहीं उतर सका है। लगातार इसको लेकर चर्चा और बैठकें तो हुईं, लेकिन सड़क नहीं बन सकी। सिस्टम की सुस्ती का आलम ये है कि एनएचएआई, पीडब्ल्यूडी, नगर निगम या अलीगढ़ विकास प्राधिकरण के अफसर ये तक नहीं बता पा रहे हैं कि इसका निर्माण कौन और कब करेगा। यही नहीं अब तक इसका पूरा नक्शा तक नहीं बन सका है।

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बीती 30 नवंबर को लखनऊ में हुई बैठक में शासन ने अलीगढ़ में रिंगरोड बनाने का निर्देश दिया है। शासन का निर्देश है तो यकीनन इसकी कवायद भी जल्द शुरू होगी, लेकिन बीते 24 साल में शहर में लागू दो मास्टर प्लान में रिंगरोड की कार्ययोजना तक पूरी नहीं बनी है। अब सवाल ये है कि सबसे पहले प्रस्तावित रिंग रोड का क्या हुआ। अलीगढ़ विकास प्राधिकरण के मास्टर प्लान 2001-21 में प्रस्तावित पहला रिंगरोड जो अब शहर की घनी आबादी में आ चुका है।
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यह रिंग रोड अलीगढ़-कानपुर जीटी रोड पर पनैठी से शुरू होकर-ओजोन सिटी रोड-रामघाट रोड-पंचशील कॉलोनी रोड-अनूपशहर रोड-अलीगढ़-गाजियाबाद जीटी रोड-मथुरा बाईपास रोड से होकर गुजरना था। लेकिन ओजोन सिटी रोड, मथुरा रोड बाईपास को छोड़ कर आगे कोई सड़क नहीं बनी। ओजोन सिटी रोड और मथुरा बाईपास रोड भी आज तक सिंगल ही हैं। अब ये दोनों सड़कें घनी आबादी के बीच से गुजरती हैं। इसलिए भविष्य की जरूरतों और तेजी से बढ़ते वाहनों को देखते हुए इसे रिंग रोड नहीं बनाया जा सकता। यह प्रोजेक्ट 24 साल बाद भी आज तक अधूरा है।

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अब प्रस्तावित दूसरे रिंग रोड की बात करें तो अलीगढ़ विकास प्राधिकरण के मास्टर प्लान 2021-31 में जीटी रोड बाईपास को ही रिंग रोड का आधा हिस्सा बताया जा रहा है। जीटी रोड बाईपास का ये हिस्सा श्रीखेरेश्वर मंदिर चौराहा से पनैठी तक लगभग 17 किलोमीटर लंबा है। इस पर यातायात चालू है। इसको पूरा करने के लिए पनैठी-हरदुआगंज-अनूपशहर रोड-जीटी रोड हाईवे पर गाजियाबाद, मथुरा रोड, आगरा रोड से जोड़ने का प्रस्ताव मास्टर प्लान की डिजाइन में शामिल नहीं है। कुल मिला कर फरवरी 2024 में बने नये मास्टर प्लान में अभी तक पूरे रिंग रोड का कोई नक्शा तक नहीं बनाया जा सका है।

शहर में रिंग रोड बनाने के प्रस्ताव को लेकर जानकारी नहीं है। शासन से अगर ऐसा निर्देश आता है तो उस पर काम करेंगे।-इंद्रजीत सिंह, प्रोजेक्ट डायरेक्टर एनएचएआई।
अभी तक विभाग की ओर से रिंगरोड का कोई प्रस्ताव नहीं बनाया गया है। अगर शासन से निर्देश मिला तो काम करेंगे।-संजीव पुष्कर, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी।
दो दिन पहले लखनऊ में बैठक हुई है। रिंग रोड के लिए शासन के निर्देश आने का इंतजार है। निर्देश मिलते ही रिंग रोड पर काम शुरू होगा। मास्टर प्लान में भी इसको लेकर काम किया जाएगा।-अपूर्वा दुबे, एडीए वीसी।
रिंग रोड बनाने का कोई प्रस्ताव नगर निगम की ओर से नहीं बना है। एडीए और पीडब्ल्यूडी द्वारा पूर्व में बाईपास के लिए प्रस्ताव बनाया गया था, जिस पर कई बार चर्चा हुई। इसके आगे की जानकारी नहीं है।-सुरेशचंद्र, मुख्य अभियंता नगर निगम।

2001 में बनी थी पहली योजना

  • अलीगढ़ के लिए 2001-21 की महायोजना में प्रस्तावित हुआ था पहला रिंगरोड
  • 2001 में प्रस्तावित रिंग रोड आ चुका आबादी में, अब निर्माण संभव नहीं
  • यह रिंग रोड ओजोन सिटी-रामघाट रोड-पंचशील कॉलोनी से होकर गुजरना था
  • आगे इसे अनूपशहर रोड, जीटी रोड हाईवे और मथुरा रोड से जोड़ा जाता
  • यह प्रोजेक्ट 24 साल बाद भी पूरा नहीं, सात किलोमीटर की सड़क ही बन सकी

मास्टर प्लान 2031 का मानचित्र
मास्टर प्लान 2031 में अधूरा रिंग रोड

  • मास्टर प्लान 2021-31 में जीटी रोड बाईपास को ही बता रहे रिंग रोड का आधा हिस्सा
  • बाईपास का ये हिस्सा खेरेश्वर मंदिर चौराहा से पनैठी तक लगभग 17 किलोमीटर लंबा है
  • पनैठी-हरदुआगंज-अनूपशहर रोड-जीटी रोड हाईवे को जोड़ने का प्रस्ताव इसमें नहीं
  • नये मास्टर प्लान में अभी तक पूरे रिंग रोड का कोई नक्शा तक नहीं बनाया जा सका

शहर को रिंगरोड की दरकार..

शहर को एक रिंगरोड की दरकार है। जो अलीगढ़-गाजियाबाद हाईवे, अलीगढ़-कानपुर हाईवे, अलीगढ़-पलवल हाईवे, प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे, मथुरा रोड, आगरा हाईवे, मुरादाबाद हाईवे, बरेली हाईवे को जोड़ कर शहर के बाहर से ही गुजरे। इसके लिए नये सिरे से एक कार्ययोजना बनाने की जरूरत है। भले ही इसमें जीटी रोड बाईपास के 17 किमी के हिस्से को शामिल किया जाए। बाकी हाईवे और सड़कों से बेहतर ढंग से जोड़ा जाए। अन्यथा रिंग रोड का उद्देश्य पूरा नहीं होगा।
मानचित्र
विकास परियोजनाओं की मांग
अलीगढ़-पलवल हाईवे पर विकसित हो रहे डिफेंस कॉरिडोर अंडला, ट्रांसपोर्ट नगर, ग्रेटर अलीगढ़ और राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय के लिए रिंग रोड की जरूरत है। इसी तरह से जीटी रोड पर बने अलीगढ़ एयरपोर्ट, प्रस्तावित जीटी रोड औद्योगिक जोन, छेरत औद्योगिक अस्थान, यूपीएसआईडीसी तालानगरी को जोड़ने के लिए रिंगरोड की जरूरत है, ताकि औद्योगिक विकास का पहिया तेजी से घूम सके।

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