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अलीगढ़ : नौ नंबर में उत्पादन शुरू, अब सात की तैयारी
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हरदुआगंज तापीय परियोजना कासिमपुर में मंगलवार को नौ नंबर यूनिट में बिजली उत्पादन शुरू हो गया। अब आठ और नौ नंबर यूनिट को मिलाकर 500 मेगावाट बिजली का उत्पादन होने लगा है। सात नंबर यूनिट में 120 मेगावाट उत्पादन भी जल्द शुरू होने की उम्मीद है। नवंबर में नवनिर्मित 660 मेगावाट यूनिट में भी बिजनी बनना शुरू हो जाएगी। इसके बाद इस पावर प्लांट में 1280 मेगावाट बिजली बनने लगेगी।
महाप्रबंधक सुनील कुमार सिंह ने बताया कि मंगलवार को नौ नंबर यूनिट में उत्पादन शुरू करा दिया गया है। रोजाना एक मालगाड़ी कोयला मिल रहा है। जैसे ही कोयले की आपूर्ति ढाई मालगाड़ी प्रतिदिन हो जाएगी, उत्पादन पूरी क्षमता के साथ शुरू हो जाएगा। अक्तूबर की शुरूआत से ही इस पावर हाउस में कोयले की आपूर्ति लड़खड़ा गई थी, जिसके बाद पुराना स्टाक धीरे-धीरे खत्म हो गया। बीते सप्ताह से ये संकट गहरा गया था। अब कोयले की आपूर्ति पटरी पर लौट रही है।
आजादी के बाद से शुरू हुए इस पावर प्लांट के शुरुआती दौर में एक और दो नंबर यूनिट में क्रमश: 40-40 मेगावाट, 3 और 4 नंबर यूनिट में 50-50 मेगावाट, 5 और 6 नंबर यूनिट में 55-55 मेगावाट उत्पादन होता था। इसके बाद 120 मेगावाट की सात नंबर यूनिट बनाई गई। 1975तक इन सभी की स्थापना हो चुकी थी।
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इसके बाद इनकी मियाद पूरी होने पर इनको बंद करा दिया गया। केवल सात नंबर ही ऐसी थी, जिसको कुछ महीने पहले तक संचालित किया जाता रहा है। ये यूनिट अब भी उत्पादन की क्षमता रखती है, जिसे कभी भी चालू किया जा सकता है। वर्तमान में क्रियाशील आठ और नौ नंबर यूनिट वर्ष 2014-15 में स्थापित हुई थी। जिसकी क्षमता 250-250 मेगावाट उत्पादन की है।
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महाप्रबंधक सुनील कुमार सिंह ने बताया कि मंगलवार को नौ नंबर यूनिट में उत्पादन शुरू करा दिया गया है। रोजाना एक मालगाड़ी कोयला मिल रहा है। जैसे ही कोयले की आपूर्ति ढाई मालगाड़ी प्रतिदिन हो जाएगी, उत्पादन पूरी क्षमता के साथ शुरू हो जाएगा। अक्तूबर की शुरूआत से ही इस पावर हाउस में कोयले की आपूर्ति लड़खड़ा गई थी, जिसके बाद पुराना स्टाक धीरे-धीरे खत्म हो गया। बीते सप्ताह से ये संकट गहरा गया था। अब कोयले की आपूर्ति पटरी पर लौट रही है।
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आजादी के बाद से शुरू हुए इस पावर प्लांट के शुरुआती दौर में एक और दो नंबर यूनिट में क्रमश: 40-40 मेगावाट, 3 और 4 नंबर यूनिट में 50-50 मेगावाट, 5 और 6 नंबर यूनिट में 55-55 मेगावाट उत्पादन होता था। इसके बाद 120 मेगावाट की सात नंबर यूनिट बनाई गई। 1975तक इन सभी की स्थापना हो चुकी थी।
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इसके बाद इनकी मियाद पूरी होने पर इनको बंद करा दिया गया। केवल सात नंबर ही ऐसी थी, जिसको कुछ महीने पहले तक संचालित किया जाता रहा है। ये यूनिट अब भी उत्पादन की क्षमता रखती है, जिसे कभी भी चालू किया जा सकता है। वर्तमान में क्रियाशील आठ और नौ नंबर यूनिट वर्ष 2014-15 में स्थापित हुई थी। जिसकी क्षमता 250-250 मेगावाट उत्पादन की है।