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अलीगढ़ : शराब ठेकों से बेची गई थी मौत, 31वें दिन 30 माफिया पर चार्जशीट

Wed, 30 Jun 2021 02:57 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: अलीगढ़ ब्यूरो Updated Wed, 30 Jun 2021 02:57 AM IST
सार

विधि विज्ञान प्रयोगशाला ने शुरुआती विसरा रिपोर्टों में जहरीले अल्कोहल की पुष्टि करते हुए साफ कर दिया है कि मौतें जहरीली शराब पीने से हुई थीं।

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Aligarh Poisonous Case
अलीगढ़ जहरीली शराब कांड - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जहरीली शराब कांड में 109 मौतों के बाद अवैध व जहरीली शराब सिंडिकेट के खिलाफ पुलिस को बड़ा सबूत मिला है। विधि विज्ञान प्रयोगशाला ने शुरुआती विसरा रिपोर्टों में जहरीले अल्कोहल की पुष्टि करते हुए साफ कर दिया है कि मौतें जहरीली शराब पीने से हुई थीं। हालांकि अभी और रिपोर्ट आना बाकी हैं, मगर अब तक मिलीं रिपोर्टों को आधार मानकर पुलिस ने सिंडिकेट के 30 मुख्य सदस्यों के खिलाफ मौत से जुड़े आठ मुख्य मुकदमों में चार्जशीट दाखिल कर दी है। कुल मिलाकर शराब कांड के 31वें दिन 30 माफिया के खिलाफ कार्रवाई का ये सबसे बड़ा कदम है।
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एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि 28 मई से शुरू हुए इस प्रकरण में अब तक के माल की बरामदगी, शराब पीने से बीमार हुए लोगों के मृत्यु पूर्व बयान, साक्ष्य संकलन आदि तथ्यों के आधार पर चार्जशीट लगाना शुरू किया है। हालांकि एक सप्ताह पहले एक शराब ठेकेदार के खिलाफ महुआ खेड़ा से चार्जशीट दायर की गई थी। मगर, अब मौत से जुड़े और हरदुआगंज के मिथाइल अल्कोहल सप्लाई से जुड़े आठ मुकदमों में चार्जशीट दी गई है। प्रत्येक चार्जशीट 500 से 1000 पन्ने की तैयार की गई। इससे पहले आगरा विधि विज्ञान प्रयोगशाला से कुछ विसरा व अल्कोहल वाइल कंटेंट रिपोर्ट भी प्राप्त की गई हैं, जिनमें जहरीली शराब पीने से मौत की पुष्टि हुई है।
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इसके अलावा आबकारी विभाग ने भी ढक्कन, रैपर व क्यूआर कोड के संबंध में बरामद माल व शराब के नकली व फर्जी होने की लिखित रिपोर्ट दी है। इस आधार पर प्रत्येक साक्ष्य को बड़ी ही बारीकी के साथ जोड़ते हुए चार्जशीट तैयार की गई है। अभी और मुकदमों में चार्जशीट जानी है, जिनकी मॉनीटरिंग जारी है। आने वाले तीन दिन में इतने ही और मुकदमों में चार्जशीट तय की जाएगी। इसके लिए लक्ष्य एसपी सिटी व एसपी ग्रामीण की टीम को दिया गया है।
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पहले मुख्य सरगना-मुख्य मुकदमे निशाने पर
फिलहाल जिन पर चार्जशीट लगाई गई है, उनमें लोधा के गांव करसुआ के ठेकेदार सेल्समैन, सप्लाई देने वाले मुख्य आरोपी जिला पंचायत सदस्य पति अनिल, जवां क्षेत्र में शराब का काम करने वाले मुख्य आरोपियों में शामिल पूर्व ब्लाक प्रमुख पति व एक लाख के इनामी रहे ऋषि शर्मा, उसके भाई, पूर्व ब्लाक प्रमुख पत्नी, बेटा, भांजा, मुनीष की पत्नी, विपिन यादव व कारोबारी विजेंद्र कपूर, हरियाणा का तस्कर मदनगोपाल कालिया आदि शामिल हैं।

पहली बार गैर प्रांत से हुई बरामदगी
इस तरह के मामलों में ऐसा पहली बार हुआ है कि पुलिस मामले की छानबीन करते हुए किसी दूसरे प्रांत में गई हो और वहां से माल बरामद कर लाई हो। इस मामले में मडराक से वांछित मदन गोपाल उर्फ कालिया की गिरफ्तारी के बाद उसे रिमांड पर लेकर हरियाणा के गुरुग्राम से फैक्टरी पकड़ी और वहां से माल बरामद कर लाया गया। अन्यथा ऐसी दशा में वहां माल बरामद कर वहीं की पुलिस को माल जब्त कराया जाता था। चूंकि, मदन को रिमांड पर लेकर फैक्टरी पकड़ी थी, इसलिए वहां से माल साथ लेकर आया गया था।

अब गैंगेस्टर-रासुका व संपत्ति पर चलेगा चाबुक
मुख्य मुकदमों में चार्जशीट के बाद अब पुलिस जहां शेष मुकदमों में चार्जशीट की तैयारी कर रही है। वहीं एक टीम आरोपियों पर गैंगेस्टर व रासुका लगाने से लेकर उनकी संपत्तियों पर चाबुक चलाने की तैयारी में जुट गई है। संकेत हैं कि गैंगेस्टर एक्ट के तहत इनकी चल-अचल संपत्तियां व बैंक खाते कुर्क करने की कवायद तेज हो गई ह्रै।

इन 30 के खिलाफ लगी चार्जशीट
अनिल चौधरी धारागढ़ी गोंडा (शराब माफिया), विपिन यादव उर्फ ओमवीर निवासी हिन्दपुर किशनी मैनपुरी हाल निवासी कुलदीप विहार (तस्कर), शिव कुमार निवासी उदई हसायन हाथरस, गंगाराम प्रधान निवासी सिंधौली गांधीपार्क (फैक्ट्री मालिक अधौन), विजेन्द्र कपूर निवासी वैष्णोधाम कॉलोनी रामघाट रोड (केमिकल सप्लायर कारोबारी), पवन उर्फ पिंटू निवासी जिरौली डोर लोधा, प्रमोद गुप्ता निवासी कुलदीप विहार कॉलोनी, ऋषि शर्मा निवासी जवां (शराब माफिया), मुनीष शर्मा निवासी जवां (ठेका संचालक), रेनू शर्मा निवासी जवां, कुनाल निवासी जवां (शराब तस्कर), कपिल शर्मा निवासी जवां (शराब तस्कर), ममता शर्मा निवासी जवां, मदन गोपाल उर्फ कालिया निवासी फरीदाबाद, उदयराम उर्फ गंगाराम निवासी लक्ष्मणगढ़ी खैर (सेल्समैन करसुआ), सुमित शर्मा निवासी ककेथल अतरौली (कपूर का फैक्टरी अकाउंटेंट), दिगपाल सिंह निवासी लोधा (ठेका संचालक करसुआ), गंगासहाय निवासी कृष्णाधाम कॉलोनी सासनीगेट(ठेका मालिक करसुआ), नरेंद्र निवासी लोधा अलीगढ़ (सेल्समैन), राजकुमार निवासी लक्ष्मणगढ़ी खैर(सेल्समैन पार्टनर नरेन्द्र), धर्मेन्द्र उर्फ मोनू निवासी जिरौली डोर लोधा, अर्जुन निवासी करसुआ लोधा, सतीश उर्फ खुराना निवासी जवां (सहयोगी ऋषि), आकाश निवासी भूड़ चौराहा बुलंदशहर (भांजा ऋषि), मनोज शर्मा निवासी धौकल अतरौली (सेल्समैन), नूर मोहम्मद निवासी तकीपुर हाल पता फतेहपुर खैर, बंटू निवासी नारायणपुर खैर, रिंकू शर्मा निवासी सरमसपुर हरदुआगंज, संजू निवासी नगला मल्लाह क्वार्सी।

- शराब प्रकरण में शुरुआत से ही प्रमुख मुकदमों में वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर विवेचना कर शराब प्रकरण में सक्रिय माफिया तंत्र को ध्वस्त करते हुए कार्रवाई की गई है। प्रमुख गिरफ्तारियों के साथ-साथ प्रमुख बरामदगियां लगभग पूर्ण की जा चुकी हैं। जिसमें अन्य जनपद व हरियाणा तक से गिरफ्तारी व बरामदगी की गई। इस तरह 15 वर्ष से सक्रिय नकली शराब माफिया तंत्र एक माह में तगड़ा शिकंजा कसा गया है। आगे यह कार्रवाई जारी रहेगी।

-कलानिधि नैथानी, एसएसपी

इन धाराओं में चार्जशीट, उम्रकैद से मृत्यु दंड तक की है सजा
धारा 272/273/307/304/420/467/468/471 व 60ए, 60(1) आबकारी अधिनियम में चार्जशीट दी गई है। धारा 272 व 273 में जानबूझकर मिलावटी पेय पदार्थ तैयार करना, खाने पीने की वस्तु में मिलावट, उसका प्रस्थापन व निर्देशन में उम्रकैद तक की सजा, धारा 307 में हत्या के प्रयास में साक्ष्यों के आधार पर 10 साल से उम्रकैद तक की सजा, धारा 304 में हत्या की कोटि में न आने वाला मानव वध या ऐसा काम, जिससे मौत संभव हो, में 10 साल से उम्रकैद तक व जुर्माने की सजा, धारा 420 में छल व मूल वस्तु में परिवर्तन में 7 साल व जुर्माने की सजा, धारा 467 में कूटरचना से लाभ के लिए दस्तावेज तैयार करने में 10 साल से उम्रकैद तक की सजा, धारा 468 में कूटरचना करने में 7 साल व जुर्माने की सजा, धारा 471 में कूटरचना से इलेक्ट्रानिक दस्तावेज तैयार करने में 468 के साथ की सजा। आबकारी अधिनियम की धारा 60 ए में अपमिश्रित शराब बिक्री, जिससे मौत होने पर मृत्यु दंड से लेकर उम्रकैद, दस साल तक और 10 लाख रुपये जुर्माने तक की सजा व 60 (1) आबकारी अधिनियम में सामान्य सजा का प्रावधान है।
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