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अलीगढ़ : अब आधार कार्ड दिखाकर ही मिलेगा यूरिया
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आधार कार्ड से मिलेगा यूरिया।
- फोटो : CITY OFFICE
यूरिया की कालाबाजारी रोकने के लिये शासन ने आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया है। विक्रेताओं को निर्देश दिये गये हैं कि वे किसान का आधार कार्ड देखकर पीओएस मशीन पर अंगूठा लगाने के बाद ही यूरिया का वितरण करे। पांच से ज्यादा बैग खरीदने पर भू अभिलेख भी देखे जाएं। कृषि अधिकारियों को टीमें बनाकर बिक्री पर पैनी नजर बनाये रखने के आदेश दिये हैं।
प्रदेश में यूरिया की कालाबाजारी के कई मामले पकड़े गये हैं। जिले में भी जरूरत से ज्यादा यूरिया खरीदने वाले किसानों की जांच कर 17 विक्रेताओं के लाइसेंस रद्द किये गये हैं। इस मामले में 24 अगस्त को जारी आदेशों में अपर मुख्य सचिव डा. देवेश चतुर्वेदी ने कृषकों को आधार कार्ड देखने के बाद ही यूरिया का वितरण सुनिश्चित किया जाये। बिक्री का डीबीटी पोर्टल पर डाटा दर्ज किया जाये। यदि किसी कारणवश किसान के पास आधार कार्ड उपलब्ध न हो तो अन्य पहचान पत्र का इस्तेमाल किया जा सकता है। ऐसी परिस्थिति में किसान का नाम, पिता का नाम, मोबाइल नंबर आदि पोर्टल पर अंकित किया जाय। वितरण प्रणाली को सुगम बनाया जाय।
विलंब करने वाले थोक व फुटकर विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाय। पांच बैग से ज्यादा यूरिया लेने वाले किसानों के भू अभिलेख भी देखे जाएं। बिना पीओएस मशीन पर अंगूठा लगवाये किसी को भी यूरिया न दी जाय। जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि शासन ने यूरिया समेत अन्य उर्वरकों की बिक्री पर कड़ी नजर रखने एवं कृषि टीमों को भ्रमणशील रहने के आदेश भी दिये हैं।
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साफ्टवेयर में चेक लिस्ट की नहीं है व्यवस्था
शासन द्वारा यूरिया एवं अन्य उर्वरकों की खरीद में आधार कार्ड अनिवार्य किये जाने के बावजूद कालाबाजारी रुकने की संभावना कम ही है। दरअसल बिक्री के लिये जारी डीबीटी पोर्टल पर चेक लिस्ट की व्यवस्था नहीं है। ऐसी परिस्थिति में एक ही परिवार के सदस्य एक ही जमीन पर अपने अपने आधार कार्ड लगाकर ज्यादा यूरिया खरीद खरीद सकते हैं। इस मामले में कोई प्रावधान नहीं किया गया है।
यूरिया के साथ रसायन लेने को बाध्य नहीं कर सकेगा विक्रेता
शासन द्वारा जारी किये आदेश में स्पष्ट किया गया है कि विक्रेता यूरिया या अन्य खाद के साथ किसानों को रसायन आदि लेने पर बाध्य नहीं कर सकेगा। कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं कि वे इस तरह की शिकायतों को गंभीरता से लें और आरोप सही पाये जाने पर संबंधित विक्रेता के खिलाफ कार्रवाई करें।
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प्रदेश में यूरिया की कालाबाजारी के कई मामले पकड़े गये हैं। जिले में भी जरूरत से ज्यादा यूरिया खरीदने वाले किसानों की जांच कर 17 विक्रेताओं के लाइसेंस रद्द किये गये हैं। इस मामले में 24 अगस्त को जारी आदेशों में अपर मुख्य सचिव डा. देवेश चतुर्वेदी ने कृषकों को आधार कार्ड देखने के बाद ही यूरिया का वितरण सुनिश्चित किया जाये। बिक्री का डीबीटी पोर्टल पर डाटा दर्ज किया जाये। यदि किसी कारणवश किसान के पास आधार कार्ड उपलब्ध न हो तो अन्य पहचान पत्र का इस्तेमाल किया जा सकता है। ऐसी परिस्थिति में किसान का नाम, पिता का नाम, मोबाइल नंबर आदि पोर्टल पर अंकित किया जाय। वितरण प्रणाली को सुगम बनाया जाय।
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विलंब करने वाले थोक व फुटकर विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाय। पांच बैग से ज्यादा यूरिया लेने वाले किसानों के भू अभिलेख भी देखे जाएं। बिना पीओएस मशीन पर अंगूठा लगवाये किसी को भी यूरिया न दी जाय। जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि शासन ने यूरिया समेत अन्य उर्वरकों की बिक्री पर कड़ी नजर रखने एवं कृषि टीमों को भ्रमणशील रहने के आदेश भी दिये हैं।
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साफ्टवेयर में चेक लिस्ट की नहीं है व्यवस्था
शासन द्वारा यूरिया एवं अन्य उर्वरकों की खरीद में आधार कार्ड अनिवार्य किये जाने के बावजूद कालाबाजारी रुकने की संभावना कम ही है। दरअसल बिक्री के लिये जारी डीबीटी पोर्टल पर चेक लिस्ट की व्यवस्था नहीं है। ऐसी परिस्थिति में एक ही परिवार के सदस्य एक ही जमीन पर अपने अपने आधार कार्ड लगाकर ज्यादा यूरिया खरीद खरीद सकते हैं। इस मामले में कोई प्रावधान नहीं किया गया है।
यूरिया के साथ रसायन लेने को बाध्य नहीं कर सकेगा विक्रेता
शासन द्वारा जारी किये आदेश में स्पष्ट किया गया है कि विक्रेता यूरिया या अन्य खाद के साथ किसानों को रसायन आदि लेने पर बाध्य नहीं कर सकेगा। कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं कि वे इस तरह की शिकायतों को गंभीरता से लें और आरोप सही पाये जाने पर संबंधित विक्रेता के खिलाफ कार्रवाई करें।