{"_id":"618984976a53bc6d376affda","slug":"aligarh-news-city-office-news-ali277700623","type":"story","status":"publish","title_hn":"अलीगढ़ः नहाय खाय से शुरू हुआ छठ महापर्व, आज होगा खरना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अलीगढ़ः नहाय खाय से शुरू हुआ छठ महापर्व, आज होगा खरना
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बदरबाग में छठ पूजा को लेकर हुई मंदिर की सफाई।
- फोटो : CITY OFFICE
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नहाय खाय के साथ सोमवार से चार दिवसीय छठ पूजा महापर्व प्रारंभ हो गया है। पहले दिन महिलाओं ने घर की साफ सफाई कर स्नान किया और छठ पूजा व्रत का संकल्प लिया। वहीं, आज (मंगलवार) खरना का आयोजन होगा। महिलाएं पूरे दिन व्रत रखकर शाम को मिट्टी के चूल्हे पर गुड़ वाली खीर का प्रसाद बनाएंगी।
छठ पूजा के पहले दिन श्रद्धाभाव से व्रती (महिला-पुरुष) ने छठ पूजा का संकल्प लिया है। श्रद्धालुओं ने सुबह घर की साफ सफाई की। झाड़ू-पोंछा लगाकर घर को शुद्ध किया। नहाने के बाद पूजा स्थल पर दीया-बत्ती जलाकर छठ पूजा व्रत का संकल्प लिया। छठी मइया से घर की सुख समृद्धि के लिए प्रार्थना की। जबकि दोपहर में चना की दाल, लौकी की सब्जी और चावल का भोग लगाकर प्रसादी ग्रहण की। वहीं, आज (मंगलवार) छठ पूजा पर्व के दूसरे दिन श्रद्धालु खरना का आयोजन करेंगे। आज शाम को गुड़ की खीर के साथ रोटी बनाएंगे और छठी मैया को भोग लगाएंगे। इसके बाद परिजनों के साथ इसको ग्रहण करेंगे।
आज शाम से शुरू होगा 36 घंटे का निर्जला व्रत
खरना की प्रसादी ग्रहण करने के साथ ही महिलाएं 36 घंटे का निर्जला व्रत प्रारंभ करेंगी। कल (बुधवार) महिलाएं अस्ताचल सूर्य को अर्घ्य देंगी। जबकि परसों उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देकर अपने व्रत का पारण करेंगी। ऐसे में 36 घंटे का यह निर्जला व्रत उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देकर ही पूरा होगा।
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शहर में दो जगह बनेंगे कृत्रिम पूजा स्थल
- छठ महापर्व के मौके पर तीसरे दिन (बुधवार) व चौथे दिन (बृहस्पतिवार) सूर्य को अर्घ्य देने के लिए शहर में दो स्थानों पर कृत्रिम पूजा स्थल बनेंगे। रेलवे लोको कॉलोनी और बदरबाग स्थित शिव मंदिर पर श्रद्धालु कृत्रिम पूजा स्थल तैयार करेंगे। यहां कृत्रिम घाट बनाकर पानी भरा जाएगा। जिसमें खड़े होकर व्रती कल अस्ताचल सूर्य और परसों उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देंगे।
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छठ पूजा के पहले दिन श्रद्धाभाव से व्रती (महिला-पुरुष) ने छठ पूजा का संकल्प लिया है। श्रद्धालुओं ने सुबह घर की साफ सफाई की। झाड़ू-पोंछा लगाकर घर को शुद्ध किया। नहाने के बाद पूजा स्थल पर दीया-बत्ती जलाकर छठ पूजा व्रत का संकल्प लिया। छठी मइया से घर की सुख समृद्धि के लिए प्रार्थना की। जबकि दोपहर में चना की दाल, लौकी की सब्जी और चावल का भोग लगाकर प्रसादी ग्रहण की। वहीं, आज (मंगलवार) छठ पूजा पर्व के दूसरे दिन श्रद्धालु खरना का आयोजन करेंगे। आज शाम को गुड़ की खीर के साथ रोटी बनाएंगे और छठी मैया को भोग लगाएंगे। इसके बाद परिजनों के साथ इसको ग्रहण करेंगे।
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आज शाम से शुरू होगा 36 घंटे का निर्जला व्रत
खरना की प्रसादी ग्रहण करने के साथ ही महिलाएं 36 घंटे का निर्जला व्रत प्रारंभ करेंगी। कल (बुधवार) महिलाएं अस्ताचल सूर्य को अर्घ्य देंगी। जबकि परसों उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देकर अपने व्रत का पारण करेंगी। ऐसे में 36 घंटे का यह निर्जला व्रत उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देकर ही पूरा होगा।
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शहर में दो जगह बनेंगे कृत्रिम पूजा स्थल
- छठ महापर्व के मौके पर तीसरे दिन (बुधवार) व चौथे दिन (बृहस्पतिवार) सूर्य को अर्घ्य देने के लिए शहर में दो स्थानों पर कृत्रिम पूजा स्थल बनेंगे। रेलवे लोको कॉलोनी और बदरबाग स्थित शिव मंदिर पर श्रद्धालु कृत्रिम पूजा स्थल तैयार करेंगे। यहां कृत्रिम घाट बनाकर पानी भरा जाएगा। जिसमें खड़े होकर व्रती कल अस्ताचल सूर्य और परसों उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देंगे।