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अलीगढ़ः दो भाजपा विधायकों के मुकदमों की वापसी में अड़चन
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सांसद-विधायकों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मुकदमों की वापसी के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के आदेश से भाजपा के शहर क्षेत्र से विधायक संजीव राजा व कोल क्षेत्र से विधायक अनिल पाराशर की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। इनसे संबंधित दो मुकदमों की वापसी का शासन से आदेश जारी हो चुका है, जिसकी प्रक्रिया एमपी/एमएलए कोर्ट में विचाराधीन है। अब चूंकि सुप्रीम कोर्ट का नया आदेश पहले हाईकोर्ट से मंजूरी के संबंध में आया है। इसलिए इन्हें इस मंजूरी के लिए पहले हाईकोर्ट जाना पड़ सकता है।
अनिल पाराशर पर दर्ज मुकदमा
अनिल पाराशर पर थाना बन्नादेवी में 2007 में सांप्रदायिक तनाव उत्पन्न करने का बयान देने, भीड़ एकत्रित करने, धारा 144 के उल्लंघन का मुकदमा दर्ज हुआ था। इस मुकदमे की अभी तक अनिल पाराशर की ओर से पैरवी की जा रही है। कोर्ट में मामला विचाराधीन है। पिछले साल सरकार ने इसके संबंध में जिला प्रशासन से रिपोर्ट तलब की थी, जिसके बाद कुछ माह पूर्व मुकदमा वापसी संबंधी आदेश भी जिले को मिल गया था। मगर, सुप्रीम कोर्ट के नए फैसले के बाद मामला फंसता दिख रहा है।
संजीव राजा पर दर्ज मुकदमे
शहर विधायक संजीव राजा पर कई संगीन धाराओं में चार मुकदमे दर्ज हैं। इनके खिलाफ पहला मुकदमा 1993 में थाना सासनी गेट में दर्ज हुआ था, जिसमें सरकारी कार्य में बाधा, संपत्ति के नुकसान, भीड़ एकत्रित करने आदि आरोपों में मुकदमा दर्ज है। इसके अलावा दूसरा मुकदमा वर्ष 2000 में बन्नादेवी थाने में दर्ज हुआ था, जिसमें मारपीट, सरकारी कार्य में बाधा, अभद्रता, धमकी के आरोप हैं। वहीं, तीसरा मुकदमा वर्ष 2003 में दर्ज हुआ था, जिसमें मारपीट, अभद्रता, धमकी के आरोप हैं। वहीं चौथा मुकदमा देहली गेट थाने में वर्ष 2003 में दर्ज हुआ था, जिसमें चोरी, डकैती, जान से मारने के प्रयास, सरकारी कार्य में बाधा आदि आरोप लगे थे। इनमें से भी एक मुकदमा वापसी का आदेश मिल चुका है।
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सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत-सम्मान है। हाईकोर्ट पर पूरा भरोसा है कि वह उचित न्याय कर मुकदमे वापसी के संबंध में फैसला देगी।
- संजीव राजा, विधायक
कोर्ट के फैसले का पूरी तरह स्वागत है। मेरे खिलाफ राजनैतिक दुराभाव के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया था। उम्मीद है कि यह मुकदमा वापस होगा।
- अनिल पाराशर, विधायक
- एमपी/एमएलए कोर्ट में मौजूदा विधायक संजीव राजा, अनिल पाराशर, दलवीर सिंह के अलावा पूर्व विधायक वीरेश यादव, जमीरउल्लाह, पूर्व सांसद चौ.बिजेंद्र सिंह से जुड़े 14 मुकदमे विचाराधीन हैं, जिनमें से अनिल पाराशर व संजीव राजा से संबंधित दो मुकदमों में शासन का वापसी संबंधी आदेश आया है, जिस पर सुनवाई विचाराधीन है। अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार न्यायालय स्तर से फैसला लिया जाएगा।
-रामकुमार, अपर जिला शासकीय अधिवक्ता
-- यह भी जानें --
-14 मुकदमे अपर सत्र न्यायालय में हैं विचाराधीन
-06 पूर्व/वर्तमान माननीयों के खिलाफ हैं ये मुकदमे
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अनिल पाराशर पर दर्ज मुकदमा
अनिल पाराशर पर थाना बन्नादेवी में 2007 में सांप्रदायिक तनाव उत्पन्न करने का बयान देने, भीड़ एकत्रित करने, धारा 144 के उल्लंघन का मुकदमा दर्ज हुआ था। इस मुकदमे की अभी तक अनिल पाराशर की ओर से पैरवी की जा रही है। कोर्ट में मामला विचाराधीन है। पिछले साल सरकार ने इसके संबंध में जिला प्रशासन से रिपोर्ट तलब की थी, जिसके बाद कुछ माह पूर्व मुकदमा वापसी संबंधी आदेश भी जिले को मिल गया था। मगर, सुप्रीम कोर्ट के नए फैसले के बाद मामला फंसता दिख रहा है।
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संजीव राजा पर दर्ज मुकदमे
शहर विधायक संजीव राजा पर कई संगीन धाराओं में चार मुकदमे दर्ज हैं। इनके खिलाफ पहला मुकदमा 1993 में थाना सासनी गेट में दर्ज हुआ था, जिसमें सरकारी कार्य में बाधा, संपत्ति के नुकसान, भीड़ एकत्रित करने आदि आरोपों में मुकदमा दर्ज है। इसके अलावा दूसरा मुकदमा वर्ष 2000 में बन्नादेवी थाने में दर्ज हुआ था, जिसमें मारपीट, सरकारी कार्य में बाधा, अभद्रता, धमकी के आरोप हैं। वहीं, तीसरा मुकदमा वर्ष 2003 में दर्ज हुआ था, जिसमें मारपीट, अभद्रता, धमकी के आरोप हैं। वहीं चौथा मुकदमा देहली गेट थाने में वर्ष 2003 में दर्ज हुआ था, जिसमें चोरी, डकैती, जान से मारने के प्रयास, सरकारी कार्य में बाधा आदि आरोप लगे थे। इनमें से भी एक मुकदमा वापसी का आदेश मिल चुका है।
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सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत-सम्मान है। हाईकोर्ट पर पूरा भरोसा है कि वह उचित न्याय कर मुकदमे वापसी के संबंध में फैसला देगी।
- संजीव राजा, विधायक
कोर्ट के फैसले का पूरी तरह स्वागत है। मेरे खिलाफ राजनैतिक दुराभाव के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया था। उम्मीद है कि यह मुकदमा वापस होगा।
- अनिल पाराशर, विधायक
- एमपी/एमएलए कोर्ट में मौजूदा विधायक संजीव राजा, अनिल पाराशर, दलवीर सिंह के अलावा पूर्व विधायक वीरेश यादव, जमीरउल्लाह, पूर्व सांसद चौ.बिजेंद्र सिंह से जुड़े 14 मुकदमे विचाराधीन हैं, जिनमें से अनिल पाराशर व संजीव राजा से संबंधित दो मुकदमों में शासन का वापसी संबंधी आदेश आया है, जिस पर सुनवाई विचाराधीन है। अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार न्यायालय स्तर से फैसला लिया जाएगा।
-रामकुमार, अपर जिला शासकीय अधिवक्ता
-- यह भी जानें --
-14 मुकदमे अपर सत्र न्यायालय में हैं विचाराधीन
-06 पूर्व/वर्तमान माननीयों के खिलाफ हैं ये मुकदमे