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30 हजार का मानदेय मांग रहे राशन कोटेदारों की हड़ताल पांच अप्रैल को
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राशन कोटेदारों ने तीस हजार रुपये महीने का मानदेय, डोर स्टेप डिलीवरी के बकाया भुगतान और कोरोना वैक्सीन लगाये जाने की मांग को लेकर आगामी पांच अप्रैल को एकदिनी हड़ताल करने का एलान कर दिया है। कोटेदारों ने कहा है कि एकदिनी हड़ताल के बाद भी यदि उनकी मांग गंभीरता से नहीं सुनी गई तो वह मई महीने से बेमियादी हड़ताल पर चले जाएंगे। लखनऊ में इको गार्डन में मई में प्रस्तावित इस हड़ताल में प्रदेश के सभी कोटेदारों के संगठन शामिल होंगे।
कोटेदार एवं उपभोक्ता वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश महासचिव विजय विक्रम सिंह ने इसका एलान कर दिया है। खाद्य एवं रसद आयुक्त उत्तर प्रदेश के साथ ही जिलाधिकारी अलीगढ़ को भी इस संबंध में पत्र भेजा गया है। इस पत्र में कहा गया है कि कोरोना के जबरदस्त संक्रमण काल में राशन कोटेदारों ने निष्ठा के साथ अपना काम किया। सरकारी योजनाओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। जनता को उनके घरों तक राशन पहुंचाया, लेकिन खुद उनका जीवन मुश्किल में है। ऐसे में उनको घर चलाने के लिए कम से कम 30 हजार रुपये का मानदेय, डोर स्टेप डिलीवरी का बकाया भुगतान और कोरोना वैक्सीन की डोज चाहिए। अन्यथा वह काम करने की स्थिति में नहीं हैं। हड़ताल से अगर खाद्यान्न वितरण प्रणाली प्रभावित होती है तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
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कोटेदार एवं उपभोक्ता वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश महासचिव विजय विक्रम सिंह ने इसका एलान कर दिया है। खाद्य एवं रसद आयुक्त उत्तर प्रदेश के साथ ही जिलाधिकारी अलीगढ़ को भी इस संबंध में पत्र भेजा गया है। इस पत्र में कहा गया है कि कोरोना के जबरदस्त संक्रमण काल में राशन कोटेदारों ने निष्ठा के साथ अपना काम किया। सरकारी योजनाओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। जनता को उनके घरों तक राशन पहुंचाया, लेकिन खुद उनका जीवन मुश्किल में है। ऐसे में उनको घर चलाने के लिए कम से कम 30 हजार रुपये का मानदेय, डोर स्टेप डिलीवरी का बकाया भुगतान और कोरोना वैक्सीन की डोज चाहिए। अन्यथा वह काम करने की स्थिति में नहीं हैं। हड़ताल से अगर खाद्यान्न वितरण प्रणाली प्रभावित होती है तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
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