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मिष्ठान की दुकानों पर सजीं बिना टैग वाली मिठाई

Fri, 26 Mar 2021 12:55 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 26 Mar 2021 12:55 AM IST
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Aligarh news
बिना टैग के काउंटर में लगी मिठाई। - फोटो : CITY OFFICE
आप जो मिठाई खा रहे हैं वह ताजी है या बासी? इस सवाल का जवाब कौन देगा। इसका पता लगाने के लिए सरकार ने मिष्ठान विक्रेताओं को मिठाइयों की ट्रे पर बेस्ट बिफोर (इस्तेमाल की अवधि) का टैग लगाने का आदेश दिया है। मगर आदेश के छह महीने बीतने के बाद भी शहर के कुछ नामचीन स्वीट हाउस संचालकों को छोड़ दिया जाए तो बाकी मिठाई विक्रेता नियम का पालन नहीं कर रहे हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग को भी इसकी फिक्र नहीं है। इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। नियम होने के बावजूद ग्राहकों को इसका लाभ नहीं मिल रहा। लोग जो मिठाई खरीद रहे हैं, उन्हें जानकारी ही नहीं है कि यह मिठाई कब तक खाने लायक है।
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होली पर बासी मिठाई खपाने की तैयारी
होली को सिर्फ तीन दिन का समय बाकी है। लोग इस त्योहार पर भारी मात्रा में गुझिया खरीदते हैं। शहर के हलवाई खाने, रामघाट रोड, सेंटर प्वाइंट, समद रोड पर अच्छी खासी संख्या में मिठाई की दुकानें हैं। शहरवासी इन्हीं प्रतिष्ठानों से खरीदारी करते हैं। मगर, अमर उजाला की टीम ने पड़ताल की तो कुछ नामचीनों को छोड़कर बाकी किसी भी प्रतिष्ठान पर इस नियम का पालन होता नहीं दिखा। मिठाई विक्रेताओं से इस संबंध में बात की तो उन्होंने खुद स्वीकार किया कि होली-दिवाली जैसे त्योहारों पर दो-दो सप्ताह पहले से कोल्ड स्टोर में रखे मावा से मिठाई बनाने का काम शुरू कर दिया जाता है। यह मिठाई लंबे समय तक गोदाम में रखी रहती हैं और त्योहार पर बेची जाती हैं।
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नियम का पालन कराने में कितना समय लगाएगा विभाग
एक अक्तूबर 2020 को लागू हुए नियम को सख्ती से लागू करने के आदेश खाद्य सुरक्षा विभाग को मिला था। इसका मकसद जनता को ताजी मिठाई उपलब्ध कराना था, लेकिन खुद विभाग इस नियम को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहा है।
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छेना एक दिन और बेसन का लड्डू 30 दिन बाद होता है खराब
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अक्षय प्रधान ने बताया कि मावा से मिठाई जैसे रसगुल्ला, छैना, गुलाब जामुन, मलाई पूड़ी की अवधि 24 से 48 घंटे की होती है। इसके बाद वह खराब होने लगती हैं। इसी प्रकार बेसन का लड्डू 30 दिनों तक इस्तेमाल करने के लायक रहता है। गुझिया के भीतर मावा भरा जाता है, यह मिठाई 24 से 48 घंटे के इस्तेमाल के लिए है।

स्वीट हाउस संचालकों को लगातार समझाया जा रहा है कि वह बिना टैग लगाए किसी भी मिठाई को नहीं बेचेंगे। जिन प्रतिष्ठानों पर यह गड़बड़ी की जा रही है, उनके खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- सर्वेश मिश्रा, जिला अभिहित अधिकारी
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