{"_id":"6058fbe78ebc3e8ca83629c5","slug":"aligarh-news-city-office-news-ali259315372","type":"story","status":"publish","title_hn":"लोगों ने जताया संदेह, पुलिस ने पहुंचाया घर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लोगों ने जताया संदेह, पुलिस ने पहुंचाया घर
विज्ञापन
विश्वजीत मुखर्जी ।
- फोटो : CITY OFFICE
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रामघाट रोड पर पीएसी के पास स्थित मॉल के आसपास के इलाके में करीब एक माह से घूमते युवक को लोगों ने संदिग्ध मानकर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने जांच में उसका परिवार खोज लिया और इस मानसिक रूप से कमजोर युवक को उसके परिजनों के पास पश्चिम बंगाल भेज दिया। खुद उसके भाई यहां उसे लेने आए थे। युवक पश्चिम बंगाल से यहां कैसे पहुंचा, इसका जवाब नहीं मिल पाया है।
पिछले कई दिनों से मॉल के आसपास के इलाके में करीब 27/28 वर्षीय युवक घूम रहा था। वह इधर-उधर मांगकर खाकर अपना काम चला रहा था। वह किसी से बहुत ज्यादा न तो बात करता था और न घुलता मिलता था। कुछ लोगों ने उससे बातचीत का प्रयास किया तो उसकी भाषा सुनकर लोगों को संदेह हुआ। 19 मार्च को इलाके के लोगों ने उसे क्वार्सी पुलिस के हवाले कर दिया। साथ ही उस पर संदेह जताया कि वह किसी न किसी गलत मकसद से यहां घूम रहा है।
पुलिस के अनुसार, थाने ले जाकर जब उससे पूछताछ की तो उसने अपना नाम विश्वजीत मुखर्जी और खुद को पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले का रहने वाला बताया। मगर वह यह नहीं बता पाया कि यहां कैसे और किस मकसद से आया। क्वार्सी पुलिस ने मुर्शिदाबाद पुलिस से संपर्क कर वहां के सभी थानों से युवक के फोटो के आधार पर जानकारी की। बाद में युवक की पहचान विश्वजीत मुखर्जी पुत्र मोतीलाल मुखर्जी के रूप में हुई। वहां से इस खबर पर उसके बड़े भाई राजीव रविवार शाम को यहां पहुंचे और वे उसे अपने साथ ले गए। उन्होंने बताया कि वह मानसिक रूप से कमजोर है। 17 फरवरी को वे उसे हुगली दवा दिलाने ले गए थे। वहीं से वह गायब हो गया था, जिसकी गुमशुदगी भी दर्ज कराई थी। पुलिस के अनुसार युवक को परिवार के साथ रविवार रात रवाना कर दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
पिछले कई दिनों से मॉल के आसपास के इलाके में करीब 27/28 वर्षीय युवक घूम रहा था। वह इधर-उधर मांगकर खाकर अपना काम चला रहा था। वह किसी से बहुत ज्यादा न तो बात करता था और न घुलता मिलता था। कुछ लोगों ने उससे बातचीत का प्रयास किया तो उसकी भाषा सुनकर लोगों को संदेह हुआ। 19 मार्च को इलाके के लोगों ने उसे क्वार्सी पुलिस के हवाले कर दिया। साथ ही उस पर संदेह जताया कि वह किसी न किसी गलत मकसद से यहां घूम रहा है।
विज्ञापन
पुलिस के अनुसार, थाने ले जाकर जब उससे पूछताछ की तो उसने अपना नाम विश्वजीत मुखर्जी और खुद को पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले का रहने वाला बताया। मगर वह यह नहीं बता पाया कि यहां कैसे और किस मकसद से आया। क्वार्सी पुलिस ने मुर्शिदाबाद पुलिस से संपर्क कर वहां के सभी थानों से युवक के फोटो के आधार पर जानकारी की। बाद में युवक की पहचान विश्वजीत मुखर्जी पुत्र मोतीलाल मुखर्जी के रूप में हुई। वहां से इस खबर पर उसके बड़े भाई राजीव रविवार शाम को यहां पहुंचे और वे उसे अपने साथ ले गए। उन्होंने बताया कि वह मानसिक रूप से कमजोर है। 17 फरवरी को वे उसे हुगली दवा दिलाने ले गए थे। वहीं से वह गायब हो गया था, जिसकी गुमशुदगी भी दर्ज कराई थी। पुलिस के अनुसार युवक को परिवार के साथ रविवार रात रवाना कर दिया गया।
विज्ञापन