सराफा कारोबारी के घर से कोरोना वायरस लखनऊ पहुंचा या लखनऊ से अलीगढ़? यह सवाल सबसे महत्वपूर्ण है और इसका जवाब ढूंढने का प्रयास लोग कर रहे हैं। कोरोना की चपेट में आकर जान गंवा चुके सराफा कारोबारी के भाई लखनऊ में इंजीनियर हैं। 28 अप्रैल को सराफा कारोबारी की मां के निधन व 10 मई को तेरहवी थी। लखनऊ से इंजीनियर अपनी पत्नी व बेटे के साथ गमी में शामिल हुए थे। बाद में वे वापस चले गए।
सराफा कारोबारी की कोरोना से मौत के बाद जांच में लखनऊ में इंजीनियर, उनकी पत्नी एवं बेटे संक्रमित पाए गए हैं। उसके बाद से यह सवाल उठ रहा है कि सराफा कारोबारी के भाई एवं उनके परिवार के सदस्य अलीगढ़ में संक्रमित हुए या बाहर से आने के पहले उनमें से कोई संक्रमित था। अभी इसका ठोस जवाब किसी के पास नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं प्रशासनिक अधिकारी भी इस एंगल पर काम कर रहे हैं। सराफा कारोबारी की 86 वर्षीय मां की मृत्यु के पहले तबियत ठीक नहीं थी। वह विस्तर पर थीं और उनका इलाज चल रहा था। आशंका यह भी जताई जा रही है कि कही सराफा कारोबारी की मां तो संक्रमित नहीं हो गई थीं। खैर अभी स्पष्ट रूप से कुछ भी कहना उचित नहीं है। इन दो महत्वपूर्ण कारणों के अतिरिक्त संक्रमण फैलने का कुछ और कारण भी हो सकते हैं। अधिकारी भी कई एंगल से संक्रमण के कारणों का पता लगा रहे हैं।