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यौमे आशूरा पर इमाम हुसैन की कब्र से लाई मिट्टी हो जाती सुर्ख
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हुसैनिया जेहरा इमामबाड़ा मैं मजलिस को खिताब करते मौलाना अब्बास रजा
- फोटो : CITY OFFICE
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यौमे आशूरा (10 मोहर्रम) पर इमाम हुसैन की कब्र से लाई मिट्टी 1380 साल बाद भी सुर्ख (लाल) हो जाती है। यह दावा तंजीमुल अजा सोसाइटी बैतुल सलात के महासचिव सैयद नादिर अब्बास नकवी ने किया है। इमामबाड़ा में 600 साल पुराना कुरान शरीफ भी है, जिन्हें जियारत (दर्शन) करने की भीड़ उमड़ती है।
कोठी रानी दुल्हन इमामबाड़ा में इराक शहर के कर्बला के मैदान में पैगंबर मोहम्मद साहब के नवासे और हजरत अली के बेटे इमाम हुसैन और उनके साथियों को शहीद कर दिया गया था। यहीं पर इमाम हुसैन की कब्र भी है। कोई अकीदतमंद उनकी कब्र की मिट्टी तबर्रुक (प्रसाद) के तौर पर ले आया था, जो तस्बीह की शक्ल में है। वह कोठी रानी दुल्हन इमामबाड़ा में एक शीशे के जार में है। यौमे आशूरा पर दोपहर करीब 3:30 से 4 बजे के बीच जार में मिट्टी की तस्बीह सुर्ख हो जाती है। यौमे आशूरा पर ही यजीदी फौज ने इमाम हुसैन को शहीद कर दिया था। इसी इमामबाड़ा में 600 साल पुराना कुरान शरीफ और 250 साल पुराना अलम है। अजीज हसन बिलग्रामी का इमामबाड़ा बेगपुर में कदम रसूल भी है, जिसे देखने के लिए अकीदतमंद आते हैं। इसी तरह केलानगर हुसैनिया इमामबाड़ा में काबा के गिलाफ का एक टुकड़ा भी है। गिलाफ कपड़े का है, जिससे सऊदी अरब में काबा का ढका जाता है।
आज निकलेगा अलम जुलूस
सोमवार की रात नौवीं मोहर्रम को अलम का जुलूस निकलेगा। यह जुलूस सर सैयद नगर से उठेगा, जो परंपरागत मार्गों से होते हुए एएमयू के बैतुल सलात में खत्म होगा। इस दौरान मातम और नोहाख्वानी होगी।
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कोठी रानी दुल्हन इमामबाड़ा में इराक शहर के कर्बला के मैदान में पैगंबर मोहम्मद साहब के नवासे और हजरत अली के बेटे इमाम हुसैन और उनके साथियों को शहीद कर दिया गया था। यहीं पर इमाम हुसैन की कब्र भी है। कोई अकीदतमंद उनकी कब्र की मिट्टी तबर्रुक (प्रसाद) के तौर पर ले आया था, जो तस्बीह की शक्ल में है। वह कोठी रानी दुल्हन इमामबाड़ा में एक शीशे के जार में है। यौमे आशूरा पर दोपहर करीब 3:30 से 4 बजे के बीच जार में मिट्टी की तस्बीह सुर्ख हो जाती है। यौमे आशूरा पर ही यजीदी फौज ने इमाम हुसैन को शहीद कर दिया था। इसी इमामबाड़ा में 600 साल पुराना कुरान शरीफ और 250 साल पुराना अलम है। अजीज हसन बिलग्रामी का इमामबाड़ा बेगपुर में कदम रसूल भी है, जिसे देखने के लिए अकीदतमंद आते हैं। इसी तरह केलानगर हुसैनिया इमामबाड़ा में काबा के गिलाफ का एक टुकड़ा भी है। गिलाफ कपड़े का है, जिससे सऊदी अरब में काबा का ढका जाता है।
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आज निकलेगा अलम जुलूस
सोमवार की रात नौवीं मोहर्रम को अलम का जुलूस निकलेगा। यह जुलूस सर सैयद नगर से उठेगा, जो परंपरागत मार्गों से होते हुए एएमयू के बैतुल सलात में खत्म होगा। इस दौरान मातम और नोहाख्वानी होगी।
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