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अलीगढ़ : कारोबारी मित्र का घर बनाया निशाना, चेहरा देख घर से भागा
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आईपीएल में 15 लाख से अधिक डुबो कर कर्ज में डूबे अतुल ने कारोबारी मित्र ललित का घर निशाना बनाया। हालांकि उसने शुभम से यह बात छिपाई थी कि वह उसका कारोबारी मित्र है, बल्कि यह बताया था कि वह ललित की दुकान पर नौकरी करता है।
पुलिस के अनुसार अतुल अपने पिता व भाई के साथ हरदुआगंज में दुकान करता था। वह अकच्चा माल ललित को बेचता था और वहां से तैयार माल खरीदकर अपनी दुकान पर बेचता था। इससे दोनों की अच्छी कारोबारी मित्रता थी। लॉकडाउन के दौरान घर से ही व्यापार चला। इसलिए घर पर भी आना जाना था। घटना के लिए अतुल ने जब शुभम संग प्लान बन गया तो दोनों 23 मई को घर की रैकी करने आए और शुभम को रास्ता आदि दिखाना भी । घटना वाले दिन अतुल अपने घर से ललित के यहां से कुंडल खरीदने की बात कहकर आया, जबकि शुभम बस स्टैंड पर आया। जब दोनों बस स्टैंड पर मिले तो अतुल ने वहीं से ललित को फोन किया और पूछा कि दुकान पर आ रहा हूं। इस पर ललित ने पहले खुद को दीवानी में होना बताया। कुछ देर बाद फिर पूछा तो बताया कि अभी घर से निकलकर दुकान पहुंच रहा हूं। बस इतना सुनते ही दोनों ललित के घर को चल दिए। जहां घटना को अंजाम देने के बाद अतुल शुभम के साथ वापस लौटा और उसे मेहरावल तक छोड़कर आने के बाद ललित की दुकान पर पहुंचकर कुंडल खरीदे। इसके बाद आराम से अपने घर पहुंच गया। रात में जब अतुल के माता-पिता को ललित के घर वारदात की खबर मिली तो वे अगले दिन बिजौली संवेदना जताने भी ललित के घर गए।
अखबार में फोटो देख मां को बताकर भागा
पुलिस पूछताछ में परिवार ने बताया कि घटना के तीसरे दिन जब अतुल ने अखबार में अपना फोटो छपा देखा तो वह डर गया। उसे लगा कि अब पुलिस उस तक पहुंच जाएगी। इस पर उसने मां को बताया कि उसने ही ललित के घर में वारदात की है। इस पर उसकी मां ने उसे खूब डांटा और अतुल वहां से भाग गया। अतुल के जाने के कुछ देर बाद उसके परिजन भी पुलिस के डर से भाग गए। मगर पुलिस ने धर लिया।
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पकड़े गए शुभम ने मुड़वाई दाड़ी
इस घटना के बाद फरार हुए आरोपी शुभम ने बुलंदशहर पहुंचकर अपनी दाड़ी मुंडवाई। ताकि पुलिस उसे पकड़ न सके। फिर भी वह दबोच लिया गया।
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पुलिस के अनुसार अतुल अपने पिता व भाई के साथ हरदुआगंज में दुकान करता था। वह अकच्चा माल ललित को बेचता था और वहां से तैयार माल खरीदकर अपनी दुकान पर बेचता था। इससे दोनों की अच्छी कारोबारी मित्रता थी। लॉकडाउन के दौरान घर से ही व्यापार चला। इसलिए घर पर भी आना जाना था। घटना के लिए अतुल ने जब शुभम संग प्लान बन गया तो दोनों 23 मई को घर की रैकी करने आए और शुभम को रास्ता आदि दिखाना भी । घटना वाले दिन अतुल अपने घर से ललित के यहां से कुंडल खरीदने की बात कहकर आया, जबकि शुभम बस स्टैंड पर आया। जब दोनों बस स्टैंड पर मिले तो अतुल ने वहीं से ललित को फोन किया और पूछा कि दुकान पर आ रहा हूं। इस पर ललित ने पहले खुद को दीवानी में होना बताया। कुछ देर बाद फिर पूछा तो बताया कि अभी घर से निकलकर दुकान पहुंच रहा हूं। बस इतना सुनते ही दोनों ललित के घर को चल दिए। जहां घटना को अंजाम देने के बाद अतुल शुभम के साथ वापस लौटा और उसे मेहरावल तक छोड़कर आने के बाद ललित की दुकान पर पहुंचकर कुंडल खरीदे। इसके बाद आराम से अपने घर पहुंच गया। रात में जब अतुल के माता-पिता को ललित के घर वारदात की खबर मिली तो वे अगले दिन बिजौली संवेदना जताने भी ललित के घर गए।
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अखबार में फोटो देख मां को बताकर भागा
पुलिस पूछताछ में परिवार ने बताया कि घटना के तीसरे दिन जब अतुल ने अखबार में अपना फोटो छपा देखा तो वह डर गया। उसे लगा कि अब पुलिस उस तक पहुंच जाएगी। इस पर उसने मां को बताया कि उसने ही ललित के घर में वारदात की है। इस पर उसकी मां ने उसे खूब डांटा और अतुल वहां से भाग गया। अतुल के जाने के कुछ देर बाद उसके परिजन भी पुलिस के डर से भाग गए। मगर पुलिस ने धर लिया।
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पकड़े गए शुभम ने मुड़वाई दाड़ी
इस घटना के बाद फरार हुए आरोपी शुभम ने बुलंदशहर पहुंचकर अपनी दाड़ी मुंडवाई। ताकि पुलिस उसे पकड़ न सके। फिर भी वह दबोच लिया गया।