फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Aligarh Muslim University

सौ वर्ष का हुआ एएमयू विश्वविद्यालय

Mon, 30 Nov 2020 11:48 PM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 30 Nov 2020 11:48 PM IST
विज्ञापन
Aligarh Muslim University
एएमयू के शताब्दी समारोह के अवसर पर बाब ए सैयद को झालरों से सजाया गया। - फोटो : CITY OFFICE
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय ने अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे कर लिए हैं। एक दिसंबर 1920 को मोहम्डन एंग्लो ओरिएंटल कॉलेज को आधिकारिक राजपत्र के माध्यम से अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में परिवर्तित कर दिया गया था।
विज्ञापन

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर ने छात्रों, शिक्षकों व शिक्षण कर्मचारियों, पूर्व छात्रों और विश्वविद्यालय के सभी शुभचिंतकों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह केवल जश्न मनाने का अवसर मात्र नहीं है, बल्कि एमएओ कॉलेज को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय तक पहुंचाने के लिए कड़ी मेहनत करने वाले महान शिक्षाविद और नेताओं के प्रति हमारी कृतज्ञता व्यक्त करने का भी दिन है।
विज्ञापन

इस दिन हमें उन सभी विभूतियों को याद करना चाहिए, जिन्होंने इस विश्वविद्यालय के चहुंमुखी विकास के लिए इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रसिद्धि का संस्थान बनाने के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। प्रोफे सर तारिक मंसूर ने कहा कि यह बड़े गर्व की बात है कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय ने 1920 में अपनी स्थापना के बाद से लगातार उन्नति हासिल की है। मौजूदा समय में विश्वविद्यालय शिक्षकों के ठोस प्रयासों से और उत्कृष्ट शोध कार्यों के चलते शीर्ष रैंक वाले भारतीय विश्वविद्यालयों की सूची में शामिल है। उन्होंने कहा कि एएमयू शताब्दी समारोह की आयोजन समिति ने वर्ष 2020 के लिए एक व्यापक कार्यक्रम तैयार किया था, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण विश्वविद्यालय के कई कार्यक्रमों को रोकना पड़ा। इनको केवल वर्चुअल कार्यक्रमों तक सीमित रखने का फैसला लिया गया। कुलपति ने कहा कि मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि शताब्दी समारोह कार्यक्रमों को अगले वर्ष तक बढ़ा दिया जाएगा और कोविड-19 पर नियंत्रण प्राप्त होने के बाद बड़े पैमाने पर इनको फिर से शुरू किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

प्रोफेसर मंसूर ने कहा कि हमें इस खास दिन के अवसर पर सर सैयद अहमद खान को मुसलमानों को मध्यकालीन परंपरावाद के जाल से निकालने, उन्हें शैक्षणिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और उनमें वैज्ञानिक सोच व क्षमता विकसित करने के लिए भी याद करना चाहिए। कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर हमें खुद को संस्था की सेवा के लिए फिर से समर्पित करने और विश्वविद्यालयों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए संकल्प लेना होगा।

ये इमारतें की गई हैं रोशन
प्रशासनिक ब्लॉक, बाबे सैयद, यूनिवर्सिटी क्लब, आर्ट फैकल्टी, मौलाना आजाद लाइब्रेरी, विक्टोरिया गेट, सैंटनरी गेट, यूनिवर्सिटी मस्जिद, सर सैयद हाउस, स्ट्रैची हॉल आदि
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed