सीएम योगी की सख्ती का असर: दौड़े विधायक, अलीगढ़ में प्रकट होने लगे गुम वोटर, एक दिन में खोज लिए 15 हजार मतदाता
भाजपा जिलाध्यक्ष कृष्णपाल सिंह लाला बताते हैं कि हमारे पदाधिकारी, कार्यकर्ता व जनप्रतिनिधि अपने अपने इलाके में बूथों पर पहुंच रहे हैं। सिर्फ लापता वोटों को खोजने की चिंता की जा रही है।
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एसआईआर सर्वे में अलीगढ़ मंडल की कमजोर स्थिति पर मुख्यमंत्री की नाराजगी व हिदायत के बाद अलीगढ़ जिले के सभी सात विधायकों ने अपने कार्यक्रम रद्द किए और बूथ-बूथ दौड़े। पूरा दिन केवल एसआईआर का काम किया गया। इसका असर भी दिखने लगा है। एक ही दिन में 15000 वह वोटर प्रकट हो गए जो लापता थे। इन सभी के फार्म भी जमा करा दिए गए हैं। अगर यही तेजी बनी रही तो शत प्रतिशत वोटरों की मेपिंग करा ली जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 7 दिसंबर को अलीगढ़ में मंडलीय समीक्षा में एसआईआर की धीमी गति पर नाराजगी जताई थी। जिसमें अलीगढ़ शहर व कोल क्षेत्र की प्रगति सबसे कमजोर होने पर चिंता जताते हुए मंडल भर के विधायकों व संगठन पदाधिकारियों को सभी काम छोड़कर सिर्फ एसआईआर पूरा कराने को कहा था। इसके पीछे चिंता का कारण ये था कि अगर इस सर्वे में अपने वोटरों का सत्यापन न करा पाए तो चुनाव के समय समस्या होगी।
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मुख्यमंत्री की इसी हिदायत का नतीजा 8 दिसंबर को विधायकों व संगठन के बीच देखने को मिला। विधायकों ने सुबह से बूथों का निरीक्षण शुरू कर दिया। जहां जहां एसआईआर का काम हो रहा था, वहां पहुंचे। सभी बूथों पर अपनी निजी टीम को बुलाया गया। उन्हें ऐसे वोटरों को खोजने का काम दिया, जो मिल नहीं रहे या फिर कहीं दूसरी जगह चले गए हैं। साथ में इनकी प्रगति जानने के लिए नियमित मॉनीटरिंग करना तय किया गया। वहीं संगठन स्तर से बूथवार, शक्तिकेंद्र वार अलग मीटिंगें कर ऐसे वोटरों को खोजने के लिए कार्यकर्ता लगाए गए हैं। इसका असर भी प्रशासन द्वारा जारी सूची में दिखने लगा है। एक ही दिन में पंद्रह हजार वोटर खोज लिए गए हैं। इन सभी के फार्म भी जमा करा दिए गए।
हमने सुबह से 20 करीब बूथों का निरीक्षण किया है। सोमवार को छह निजी कार्यक्रम तय थे। जिनमें कुछ समारोह व कुछ मीटिंगें थीं। मगर सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए। हां, बूथों के आसपास वाले तीन-चार शोकाकुल परिवारों से जरूर मिलने गए। एसआईआर का काम प्राथमिकता में लिया गया है। संगठन अपना काम कर रहा है। हमने खुद 250 बूथों पर मोहल्लेवार 1000 लोगों की टीम लापता वोटरों को खोजने में लगाई है। खुद मॉनीटरिंग शुरू कर दी है।-अनिल पाराशर, विधायक कोल क्षेत्र
शहरी क्षेत्र के दस बूथों पर पहुंचकर वहां की समीक्षा है। हर जगह से प्राथमिकता के आधार पर ऐसे वोटरों की सूची संकलित की है, जो मिल नहीं रहे। उन्हें खोजने के लिए बूथ व मोहल्ले वार टोलियां बनाई जा रही हैं। संगठन से अलग यह टोलियां लापता वोटरों को खोजने का काम करेंगी। सर्वाधिक चिंता एक लाख वोटरों को खोजने की है, जिस पर पूरा फोकस है। सोमवार को तीन निजी कार्यक्रमों में पहुंचना था। मगर वे सभी रद्द कर दिए गए।-मुक्ता संजीव राजा, विधायक शहर क्षेत्र
जिले भर में आज से आखिरी तीन दिन विशेष अभियान
भाजपा जिलाध्यक्ष कृष्णपाल सिंह लाला बताते हैं कि हमारे पदाधिकारी, कार्यकर्ता व जनप्रतिनिधि अपने अपने इलाके में बूथों पर पहुंच रहे हैं। सिर्फ लापता वोटों को खोजने की चिंता की जा रही है। आज से आखिरी तीन दिन विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसी तरह महानगर अध्यक्ष इंजी.राजीव शर्मा का कहना है कि हमारी पूरी टीम ने ताकत लगा रखी है। अगले तीन दिन में यह काम पूरा कर लिया जाएगा।