यही है 2027 में जीत का मंत्र: खुद के स्वागत-सत्कार व शादी को छोड़ एसआईआर में ताकत लगाएं विधायक-पदाधिकारी
अलीगढ़ मंडल में एसआईआर के काम में देरी पर सीएम योगी नाराज दिखे। उन्होंने मंडल के जनप्रतिनिधियों से साफ कह दिया कि अब स्वागत सत्कार व शादी तक के आयोजनों को छोड़कर बस इसी काम में लग जाएं। चार दिन में पूरी ताकत झोंककर सर्वे पूरा कराएं।
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सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 7 दिसंबर को यहां मंडल भर के संगठन पदाधिकारियों-जनप्रतिनिधियों से कहा कि एसआईआर बेहद गंभीर विषय है। समय बहुत कम बचा है। इसलिए अब स्वागत सत्कार व शादी तक के आयोजनों को छोड़कर बस इसी काम में लग जाएं। चार दिन में पूरी ताकत झोंककर सर्वे पूरा कराएं। उन्होंने घुसपैंठियों-रोहिंग्या को संबोधित किए बिना आगाह किया कि कार्यकर्ता एक-एक वोट पर नजर रखें। अलीगढ़ में चूंकि फर्जी आधार कार्ड बनते रहे हैं। इसलिए फर्जी आधार कार्ड से वोट बनवाने वालों पर भी नजर रखें।
सीएम 7 दिसंबर को यहां कलेक्ट्रेट में मंडल भर के भाजपा संगठन पदाधिकारियों व जनप्रतिनिधियों की बैठक में शामिल हुए। यहां उन्होंने अपनी बात एसआईआर से शुरू की। जिसमें कहा कि अब समय नहीं बचा। जिस तरह से विपक्षी दल ताकत लगाए हुए हैं। उस तरह हम काम नहीं कर रहे, जबकि सबसे अधिक जवाबदेही संगठन पदाधिकरियों व जनप्रतिनिधियों की है। अगर यह काम कमजोर रह गया। हमारे वोट छूट गए तो आने वाले चुनाव में दिक्कत होगी। इसलिए अब संगठन के पदाधिकारी व जनप्रतिनिधि सभी काम छोड़ दें। अब तो शादियां भी खत्म हो चली हैं। इसलिए शादी छोड़ें व खुद के स्वागत सत्कार के कार्यक्रम भी नजरंदाज करें। बाकी अन्य कामों को भी छोड़कर सिर्फ प्राथमिकता के आधार पर एसआईआर सर्वे में पूरी ताकत लगा दें। खुद जुटेंगे, तभी कार्यकर्ता तन-मन से लगेंगे। जरूरत समझें तो वेतन पर कर्मचारियों को लगाएं। किसी एजेंसी की मदद लें। ताकि शेष चार दिन में हमारा एक एक वोट सर्वे में शामिल हो जाए।
उन्होंने यहां तक कहा कि अलीगढ़ ध्रुवीकरण की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण जिला है। यहां फर्जी आधार कार्ड बनने का काम होता रहा है। यह भी कहा कि इन फर्जी आधार कार्डों के सहारे बाहरी वोट बनवा सकते हैं। उनका इशारा बिना संबोधन के घुसपैंठियों-रोहिंग्या पर था। बाहरियों पर इशारा करते हुए कहा कि इसमें हमारे कार्यकर्ता की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। एक एक वोट पर नजर रखी जाए। कहीं अगर फर्जी आधार कार्ड मिले या संदेह भी हो तो उस पर विरोध दर्ज कराएं। ताकि उसका वोट न बनने पाए। चूंकि अलीगढ़ में पूर्व में घुसपैंठियों-रोहिंग्या रहते व पकड़े जाते रहे हैं। इसलिए इस तरफ विशेष ध्यान देना बेहद जरूरी है। इस बैठक में मंडल के सभी जनप्रतिनिधियों के अलावा सभी जिलाध्यक्ष, एसआईआर सर्वे में लगे संगठन के जिला व विधानसभा प्रभारी शामिल रहे।
सीएम ने एसआईआर की गंभीरता पर फोकस करते हुए यह बात कही कि सभी काम छोड़कर सिर्फ प्राथमिकता पर इसमें संगठन के पदाधिकारी व जनप्रतिनिधि जुट जाएं। इसलिए अब हमारी पूरी टीम सिर्फ इसी काम में लग गई है। बाकी सभी काम छोड़ दिए हैं। अगले चार दिन में पूरी ताकत से सर्वे पूरा कराया जाएगा।-पूनम बजाज, प्रदेश मंत्री भाजपा
सीएम के निर्देश के बाद संगठन के बाकी सभी कामों को छोडक़र पूरी टीम को सिर्फ एसआईआर में लगाया जा रहा है। एक एक वोट का सर्वे पूरा कराया जाएगा। जो छूट रहे हैं। उन तक हमारी टीम पहुंचेगी।-कृष्णपाल सिंह लाला, जिलाध्यक्ष भाजपा
जब विधायकों के सहयोग पर सांसद से ली चुटकी
सीएम ने इस बैठक में सांसद सतीश गौतम से कहा कि आप भी सभी का सहयोग करिये। इस पर सांसद ने जवाब दिया कि ये लोग भी तो लगें। चुनाव तो इन्हीं को लडऩा है। इस पर सीएम ने कहा कि आगे तो आप भी लड़ेंगे। इस पर सांसद की ओर से जवाब आया कि ठीक है, वह खुद व अपनी टीम को लगाएंगे। जिस तरह इन लोगों ने सहयोग किया था। उससे कहीं अधिक वह सहयोग करेंगे। इस पर सीएम खुलकर हंस पड़े।
एसआईआर पर फोकस के साथ ही योगी ने अलीगढ़ में दिया जीत का मंत्र
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगामी 2027 विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा के जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों को एसआईआर प्रक्रिया पर ध्यान देने के साथ ही जनप्रतिनिधियों व पदाधिकारियों को जीत का मंत्र भी दे दिया। इसमें बूथ स्तर पर वोटों के प्रबंधन से लेकर नए वोटरों को जोड़ने तक की प्रक्रिया शामिल है।
रविवार को अलीगढ़ मंडल की समीक्षा बैठक के लिए कलेक्ट्रेट सभागार पहुंचे मुख्यमंत्री ने साफ किया कि अब केवल विकास कार्यों की उपलब्धि की ''डुगडुगी पीटने'' से जीत हासिल नहीं की जा सकती, बल्कि चुनाव को मतदाता सूची के साथ ही जीता जा सकता है। ध्यान देने योग्य तथ्य यह है कि अलीगढ़ में एसआईआर कार्य शुरू होने से पहले चुनाव आयोग के सॉफ्टवेयर में लगभग ढाई लाख डुप्लीकेट वोटर चिह्नित किए गए थे। मुख्यमंत्री ने आगामी विधानसभा चुनाव को एक चुनौती के रूप में स्वीकार करने की आवश्यकता पर बल दिया और सभी को फर्जी वोटों को सूची से बाहर निकालने पर ध्यान केंद्रित करने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने भाजपा के जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि वे अधिकारियों के भरोसे चुनाव जीतने की उम्मीद न करें। उन्होंने अपनी रणनीति, सक्रियता और सतर्कता पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा। इस बैठक से स्पष्ट है कि भाजपा का शीर्ष नेतृत्व 2027 के चुनाव में विकास के साथ-साथ सूक्ष्म प्रबंधन (माइक्रो-मैनेजमेंट) और मतदाता सूची पुनरीक्षण को एक केंद्रीय रणनीति के रूप में देख रहा है।
किस तहसील के किस ब्लाक में कितने डुप्लीकेट वोट
खैर- खैर- 73- 23695
खैर- टप्पल- 68- 25455
गभाना- चंडौस- 62- 16000
अतरौली- अतरौली- 86- 29909
अतरौली- गंगीरी- 80- 38363
अतरौली- बिजौली- 68-23572
कोल- अकराबादा-65- 20221
कोल- जवां- 80-21926
कोल -धनीपुर- 68-17800
कोल- लोधा- 70-14893
इगलास- इगलास- 67-20812
इगलास- गोंडा- 65-22948
कुल- - 852- 275584
सीएम की चेतावनी, फर्जी आधार कार्ड, जांच कराएं
एसआईआर कार्य की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंभीर मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पुनरीक्षण के दौरान फर्जी आधार कार्ड भी पाए जा रहे हैं, जिसके कारण सतर्क रहने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि यदि किसी व्यक्ति पर फर्जी आधार कार्ड होने का संदेह है, तो उसकी जांच अवश्य करा लें और इसकी सूचना तत्काल प्रशासनिक अधिकारियों को दें। सीएम योगी ने जोर देकर कहा कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियाद है। इसमें किसी भी प्रकार की त्रुटि या लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। सभी कार्यकर्ता 11 दिसंबर तक पारदर्शी मतदाता सूची तैयार करने के लिए फार्म भरवाने पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने कहा कि कोई भी ऐसा व्यक्ति जो गांव में निवास नहीं करता या जिनका देहांत हो चुका है, उनके नाम सूची में बने रहना चुनाव प्रक्रिया के साथ अन्याय है।