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अलीगढ़ शराब कांड: भू-माफिया अनिल चौधरी के कोल्ड स्टोरेज पर चली जेसीबी, पीड़ित को वापस दिलाई जमीन
Mon, 07 Jun 2021 10:55 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 07 Jun 2021 10:55 PM IST
सार
डीएम से पीड़ित मोरध्वज ने इस मामले में शिकायत की। शिकायत सत्य निकली। इसके बाद एसडीएम कोल रंजीत सिंह सोमवार को महाबली के साथ राजस्व की टीम को लेकर पिंजरी में पहुंचे
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कोल्ड स्टोरेज पर चली जेसीबी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अलीगढ़ में शराब माफिया अनिल चौधरी और उसका भाई सुनील चौधरी दबंगाई के दम पर भू माफिया भी बन बैन गया था। कोल तहसील के पिंजरी गांव में स्थित इन्होंने अपने अवैध हरिओम आईस एंड कोल्ड स्टोरेज की दीवार को कब्जाई दो बीघा जमीन पर खड़ा कर दिया था।
डीएम से पीड़ित मोरध्वज ने इस मामले में शिकायत की। शिकायत सत्य निकली। इसके बाद एसडीएम कोल रंजीत सिंह सोमवार को महाबली के साथ राजस्व की टीम को लेकर पिंजरी में पहुंचे। कब्जाई जमीन पर बनी दीवार को ढहा दिया और पीड़ित को उसकी जमीन वापस दिलाई।
वहीं, किसानों को कोल्ड स्टोरेज से आलू निकालने के लिए अक्तूबर तक का समय दिया गया है। आलू निकाले जाने के बाद प्रशासन कोल्ड स्टोर को अपने कब्जे में लेगा। शराब माफिया अनिल चौधरी और सुधीर चौधरी ने कोल तहसील के पींजरी गांव में हरिओम आईस एंड कोल्ड स्टोरेज के नाम पर कोल्ड खड़ा किया था।
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इसकी न तो उद्यान विभाग से एनओसी ली और न ही सभी दस्तावेज पूर्ण करके विभाग के सामने प्रस्तुत किए। शराब कांड में नाम आने के बाद इसकी संपत्तियों की जांच हुई तो इसका खुलासा हुआ। प्रशासन की ओर से इस मामले में मुकदमा भी दर्ज कराया गया।
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डीएम से पीड़ित मोरध्वज ने इस मामले में शिकायत की। शिकायत सत्य निकली। इसके बाद एसडीएम कोल रंजीत सिंह सोमवार को महाबली के साथ राजस्व की टीम को लेकर पिंजरी में पहुंचे। कब्जाई जमीन पर बनी दीवार को ढहा दिया और पीड़ित को उसकी जमीन वापस दिलाई।
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वहीं, किसानों को कोल्ड स्टोरेज से आलू निकालने के लिए अक्तूबर तक का समय दिया गया है। आलू निकाले जाने के बाद प्रशासन कोल्ड स्टोर को अपने कब्जे में लेगा। शराब माफिया अनिल चौधरी और सुधीर चौधरी ने कोल तहसील के पींजरी गांव में हरिओम आईस एंड कोल्ड स्टोरेज के नाम पर कोल्ड खड़ा किया था।
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इसकी न तो उद्यान विभाग से एनओसी ली और न ही सभी दस्तावेज पूर्ण करके विभाग के सामने प्रस्तुत किए। शराब कांड में नाम आने के बाद इसकी संपत्तियों की जांच हुई तो इसका खुलासा हुआ। प्रशासन की ओर से इस मामले में मुकदमा भी दर्ज कराया गया।
इसके बाद गांव के मोरध्वज ने अपनी शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि दोनों भाईयों ने उसकी दो बीघा जमीन को कब्जा लिया है। कोल्ड की दीवार को खड़ा कर उसे अपने कब्जे में ले लिया है। इस मामले में डीएम ने एसडीएम कोल रंजीत सिंह से जांच कराई। जांच में बात सत्य निकली।
तीन दिन पहले एसडीएम कोल रंजीत सिंह के नेतृत्व में राजस्व टीम यहां पहुंची। यहां पहले से ही सैकड़ों किसान मौजूद थे। किसानों ने प्रशासन के सामने मांग रखी कि वह पूरी तरह से प्रशासनिक कार्रवाई के साथ हैं। मगर, कोल्ड में आलू भरे हुए हैं।
ऐसे में यहां पर तोड़फोड़ व सीलिंग की कार्रवाई न की जाए। इसकी एसडीएम कोल ने सहमति दी। साथ ही तय किया कि कब्जे की जमीन को प्रशासन मुक्त करेगा। अक्तूबर तक कोल्ड से आलू निकलने के बाद इस पूरे परिसर को प्रशासन कब्जे में लेगा।
एसडीएम कोल रंजीत सिंह ने बताया कि अवैध कब्जे को मुक्त करा दिया गया है। प्रशासन इनकी अन्य संपत्तियों का भी डाटा खंगाल रहा है, जहां-जहां अवैध कब्जे या फिर बिना अनुमति निर्माण की बात सामने आ रही है, उसे ध्वस्त किया जा रहा है।
तीन दिन पहले एसडीएम कोल रंजीत सिंह के नेतृत्व में राजस्व टीम यहां पहुंची। यहां पहले से ही सैकड़ों किसान मौजूद थे। किसानों ने प्रशासन के सामने मांग रखी कि वह पूरी तरह से प्रशासनिक कार्रवाई के साथ हैं। मगर, कोल्ड में आलू भरे हुए हैं।
ऐसे में यहां पर तोड़फोड़ व सीलिंग की कार्रवाई न की जाए। इसकी एसडीएम कोल ने सहमति दी। साथ ही तय किया कि कब्जे की जमीन को प्रशासन मुक्त करेगा। अक्तूबर तक कोल्ड से आलू निकलने के बाद इस पूरे परिसर को प्रशासन कब्जे में लेगा।
एसडीएम कोल रंजीत सिंह ने बताया कि अवैध कब्जे को मुक्त करा दिया गया है। प्रशासन इनकी अन्य संपत्तियों का भी डाटा खंगाल रहा है, जहां-जहां अवैध कब्जे या फिर बिना अनुमति निर्माण की बात सामने आ रही है, उसे ध्वस्त किया जा रहा है।