Aligarh: रंजिशन युवक की हत्या में पेशेवर अपराधी भाइयों पंकज-रॉबी सहित चार को उम्रकैद, बेरहमी से किया था कत्ल
खास बात यह है कि दोनों भाइयों पंकज व रॉबी का नाम शुरुआती पुलिस विवेचना में बाहर कर दिया गया था। मगर पुन: विवेचना में इनके नाम मुकदमे में शामिल किए थे। इस मुकदमे में एक नामजद को आर्म्स एक्ट का दोषी करार देकर सजा सुनाई गई है।
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मडराक क्षेत्र के गांव सिकरना के युवक की रंजिशन हुई हत्या में पेशेवर अपराधी भाइयों पंकज-रॉबी सहित चार को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। यह फैसला एडीजे-14 अभय प्रताप सिंह प्रथम की अदालत से सुनाया गया है।
खास बात यह है कि दोनों भाइयों पंकज व रॉबी का नाम शुरुआती पुलिस विवेचना में बाहर कर दिया गया था। मगर पुन: विवेचना में इनके नाम मुकदमे में शामिल किए थे। इस मुकदमे में एक नामजद को आर्म्स एक्ट का दोषी करार देकर सजा सुनाई गई है।
अभियोजन अधिवक्ता एडीजीसी हर्षवर्द्धन सिंह के अनुसार, घटना 18 जनवरी 2017 की है। मुकदमा सिकरना निवासी तेजपाल सिंह ने दर्ज कराया था, मुकदमे में आरोप है कि उनका 35 वर्षीय बेटा दीपक उर्फ दीपू अपनी पत्नी लता संग सुबह कुत्तों को टहलाते हुए खेतों की ओर जा रहा था।
तभी गांव के ही नामजद देवेंद्रपाल सिंह, महेशपाल सिंह, उसके साथी पड़ोसी गांव शहबाजपुर विजयगढ़ के सगे भाई पंकज व रॉबी और दो अज्ञात ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस घटना में दीपक की गोली लगने से मौके पर मौत हो गई। दौरान-ए-विवेचना मुकदमे में सिकरना के अंकित का नाम उजागर हुआ, जबकि पुलिस विवेचना में पंकज व रॉबी के नाम बाहर कर दिए गए।
मगर पुन: विवेचना में दोनों नाम फिर शामिल किए गए। पांचों सहित एक नाबालिग के खिलाफ अलग-अलग चार्जशीट दायर की गई। नाबालिग की पत्रावली अलग कर दी गई। इन पांचों के खिलाफ सत्र परीक्षण में साक्ष्यों व गवाही के आधार पर देवेंद्रपाल, महेशपाल व पंकज-रॉबी को हत्या का दोषी करार दिया गया, जबकि अंकित को आर्म्स एक्ट का दोषी करार दिया गया।
अदालत ने हत्या के दोषी चारों को उम्रकैद व 50-50 हजार रुपये जुर्माना, अंकित को दो वर्ष व 5 हजार रुपये जुर्माना व रॉबी को आर्म्स एक्ट में पांच हजार प्रथक जुर्माने की सजा सुनाई है। साथ में जुर्माना राशि में से 1 लाख रुपये पीड़ित महिला को देने के आदेश दिए हैं। अभियोजन अधिवक्ता के अनुसार इस मुकदमे में 12 गवाह पेश किए गए, जबकि बचाव पक्ष की ओर से 4 गवाह पेश किए गए।
रंजिश में बेरहमी से की गई थी हत्या
इस हत्या के मूल में पुलिस विवेचना में उजागर हुआ था कि दीपक का दो वर्ष पूर्व देवेंद्रपाल पक्ष से विवाद हुआ था। इसी विवाद में दोनों में रंजिश चली आ रही थी। इसी में देवेंद्रपाल पक्ष ने अपने अन्य साथियों संग मिलकर इस हत्या को अंजाम दिया। बता दें कि पंकज व रॉबी पर इससे पहले भी कई जघन्य अपराध दर्ज हैं। दोनों धर्मेंद्र चौधरी हत्याकांड में भी जेल गए थे। मगर उस मुकदमे में बरी हो गए।
पत्नी पर हमले में पति व प्रेमिका को सजा
सासनी गेट क्षेत्र के भुजपुरा में 15 वर्ष पूर्व प्रेमिका के फेर में पत्नी पर हमले के आरोपी पति व प्रेमिका को अदालत से सजा सुनाई गई है। एडीजे फास्ट ट्रैक प्रथम अनुपम सिंह की अदालत से यह फैसला सुनाया गया है।
अभियोजन अधिवक्ता एडीजीसी कुलदीप सिंह तोमर के अनुसार घटना 20 मार्च 2007 की है, जिसका मुकदमा 21 मार्च को सज्जनपाल सिंह ने दर्ज कराया। मुकदमे में आरोप है कि उसने अपनी बेटी छाया की शादी 6 वर्ष पूर्व भुजपुरा के धीरज संग की। दंपती के दो बच्चे भी हैं। मगर शादी के बाद से ही धीरज के सराय गढ़ी की बबिता हाल निवासी दिल्ली से प्रेम संबंध थे।
इनका अक्सर विरोध होता था। वह बेटी के जेवरात बबिता को दे आया था और मकान भी उसी के फेर में बेेच दिया। इसका विरोध किया तो घटना वाले दिन अन्य परिजनों संग मिलकर बेटी पर हमला बोल दिया और उसे मरणासन्न अवस्था में छोड़ गया। मुकदमे के आधार पर दोनों पर चार्जशीट दायर की गई। जिसमें सत्र परीक्षण के दौरान साक्ष्यों व गवाही के आधार पर 6-6 वर्ष की सजा व धीरज को 15 और बबिता को 10 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है।