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अलीगढ़ : तुफैल हत्याकांड में खालिद, पप्पू की जमानत अर्जी खारिज
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मसूदाबाद चौराहे पर 25 साल पहले हुई अपराधी तुफैल अहमद की हत्या के आरोप में जेल भेजे गए हिस्ट्रीशीटर खालिद हसन खां पप्पू की जमानत अर्जी प्रभारी सत्र न्यायाधीश की अदालत ने खारिज कर दी है। मंगलवार को जमानत अर्जी पर फैसला सुनाते हुए इसे खारिज किया गया है।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता डीजीसी फौजदारी धीरेंद्र सिंह तोमर सहित वादी पक्ष की ओर से अधिवक्ता चंद्रशेखर दीक्षित आदि की ओर से इस मामले में पैरवी की गई। हाईकोर्ट से स्थगनादेश स्थगित होने के बाद जारी गैर जमानती वारंटों के आधार पर 20 मई की देर शाम खालिद पप्पू को गिरफ्तार किया गया था।
इस मामले में उसके बड़े भाई मुजाहिद हसन खां गुड्डू व अन्य आरोपी फरार चल रहे हैं, जिन्हें पुलिस तलाश रही है। इसी बीच खालिद पप्पू के अधिवक्ता की ओर से जमानत अर्जी दायर की गई, जिसकी सुनवाई प्रभारी सत्र न्यायाधीश की अदालत में हुई।
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न्यायालय में दोनों पक्षों के अधिवक्ता की ओर से अपनी-अपनी दलीलें रखी गईं। बचाव पक्ष की ओर से मुकदमे में फर्जी राजनीतिक साजिश के तहत फंसाने का तर्क रखा। वादी पक्ष की ओर से मुकदमे की गंभीरता व अब तक हुए घटनाक्रम का जिक्र किया। इसके आधार पर अदालत ने जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
वादी की चोटों का विवरण जानने के
लिए अस्पताल का रिकार्ड तलब
दादों के 25 वर्ष पुराने मुकदमे में पूर्व विधायक वीरेश यादव के खिलाफ ट्रायल जारी है। मंगलवार को मामले में एडीजे-4 एमपी/एमएलए कोर्ट में गवाही की तारीख नियत थी। हालांकि गवाह पेश नहीं हुए। अब इस मामले में 14 जून तारीख नियत कर दी गई है।
एडीजीसी कुलदीप सिंह तोमर के अनुसार, इस मामले में दो अन्य गवाह तलब किए गए हैं। साथ में छर्रा स्वास्थ्य केंद्र का वादी की चोटों के विवरण के संबंध में रिकार्ड भी तलब किया गया है। एडीजीसी के अनुसार चूंकि मामले में वादी दर्शन सिंह की मौत हो चुकी है। इसलिए चोटों के विषय में घटना के बाद हुआ मेडिकल परीक्षण ही बता सकेगा कि किस तरह की चोट आई थी और किस हथियार से चोट पहुंचाई गई थी।
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अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता डीजीसी फौजदारी धीरेंद्र सिंह तोमर सहित वादी पक्ष की ओर से अधिवक्ता चंद्रशेखर दीक्षित आदि की ओर से इस मामले में पैरवी की गई। हाईकोर्ट से स्थगनादेश स्थगित होने के बाद जारी गैर जमानती वारंटों के आधार पर 20 मई की देर शाम खालिद पप्पू को गिरफ्तार किया गया था।
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इस मामले में उसके बड़े भाई मुजाहिद हसन खां गुड्डू व अन्य आरोपी फरार चल रहे हैं, जिन्हें पुलिस तलाश रही है। इसी बीच खालिद पप्पू के अधिवक्ता की ओर से जमानत अर्जी दायर की गई, जिसकी सुनवाई प्रभारी सत्र न्यायाधीश की अदालत में हुई।
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न्यायालय में दोनों पक्षों के अधिवक्ता की ओर से अपनी-अपनी दलीलें रखी गईं। बचाव पक्ष की ओर से मुकदमे में फर्जी राजनीतिक साजिश के तहत फंसाने का तर्क रखा। वादी पक्ष की ओर से मुकदमे की गंभीरता व अब तक हुए घटनाक्रम का जिक्र किया। इसके आधार पर अदालत ने जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
वादी की चोटों का विवरण जानने के
लिए अस्पताल का रिकार्ड तलब
दादों के 25 वर्ष पुराने मुकदमे में पूर्व विधायक वीरेश यादव के खिलाफ ट्रायल जारी है। मंगलवार को मामले में एडीजे-4 एमपी/एमएलए कोर्ट में गवाही की तारीख नियत थी। हालांकि गवाह पेश नहीं हुए। अब इस मामले में 14 जून तारीख नियत कर दी गई है।
एडीजीसी कुलदीप सिंह तोमर के अनुसार, इस मामले में दो अन्य गवाह तलब किए गए हैं। साथ में छर्रा स्वास्थ्य केंद्र का वादी की चोटों के विवरण के संबंध में रिकार्ड भी तलब किया गया है। एडीजीसी के अनुसार चूंकि मामले में वादी दर्शन सिंह की मौत हो चुकी है। इसलिए चोटों के विषय में घटना के बाद हुआ मेडिकल परीक्षण ही बता सकेगा कि किस तरह की चोट आई थी और किस हथियार से चोट पहुंचाई गई थी।