Education Hub: अलीगढ़ बना शिक्षा का समंदर, देश-दुनिया के छात्र चुनते ज्ञान रूपी मोती
अलीगढ़ में एक-दो नहीं, बल्कि तीन-तीन विश्वविद्यालय हैं, जिनमें एक केंद्रीय विश्वविद्यालय हैं तो दूसरा राजकीय विश्वविद्यालय जबकि तीसरा निजी विश्वविद्यालय है।जिले में निजी महाविद्यालयों की तादाद सैकड़ों में है, जबकि यूपी बोर्ड, सीबीएसई, आईसीएसई बोर्ड से संबंधित विद्यालयों में भी इजाफा हुआ है।
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पिछले 18 साल में अलीगढ़ शिक्षा का मंदिर बन गया है। देश-दुनिया के छात्र ज्ञान रूपी मोती लेते हैं। सरकारी शैक्षिक संस्थाओं से लेकर निजी शैक्षिक संस्थाओं में भी अच्छी खासी बढ़ोतरी हुई है। इन वर्षों में अलीगढ़ शैक्षिक हब के रूप में पहचान बनाई है।
जिले में एक-दो नहीं, बल्कि तीन-तीन विश्वविद्यालय हैं, जिनमें एक केंद्रीय विश्वविद्यालय हैं तो दूसरा राजकीय विश्वविद्यालय जबकि तीसरा निजी विश्वविद्यालय है। अलीगढ़ में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की स्थापना 1920 में हुई थी। मंगलायतन विश्वविद्यालय की स्थापना 2006 में हुई थी। जबकि राजा महेंद्र प्रताप राज्य विश्वविद्यालय का शिलान्यास 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। जिले में निजी महाविद्यालयों की तादाद सैकड़ों में है, जबकि यूपी बोर्ड, सीबीएसई, आईसीएसई बोर्ड से संबंधित विद्यालयों में भी इजाफा हुआ है। इसी तरह एमबीए, इंजीनियरिंग से लेकर आईटीआई संस्थाएं भी शुरू हुई, जहां दूरदराज से आए विद्यार्थियों ने शिक्षा हासिल करके अपने क्षेत्र में अलग मुकाम हासिल किया है।
स्कूल व विद्यार्थियों की संख्या
-1766 प्राथमिक पाठशाला।
-733 जूनियर हाईस्कूल।
माध्यमिक शिक्षा
-34 राजकीय विद्यालय।
-94 वित्त पोषित विद्यालय।
-665 वित्त विहीन इंटर कालेज।
औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान
सीबीएसई-आईसीएसई
निजी, कान्वेंट,मिशनरीज के 70 विद्यालय।
एएमयू : पूर्व छात्र बने राष्ट्राध्यक्ष, भारत रत्न भी मिला
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से शिक्षा हासिल करने के बाद देश और दुनिया में नाम रोशन करने वालों की लंबी फेहरिस्त है। पाकिस्तान के पहले प्रधानमंत्री लियाकत अली खान इसी यूनिवर्सिटी के ही छात्र थे। इसके अलावा भारत सरकार में पूर्व मानव संसाधन राज्य मंत्री अली अशरफ फातमी, दिल्ली के भूतपूर्व मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा, भारत के उपराष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी, पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी लाला अमरनाथ, इतिहासकार ईश्वरी प्रसाद, शायर कैफी आज़मी, राही मासूम रजा, जावेद अख्तर, नसीरुद्दीन शाह के साथ साथ अमेरिका के उद्योगपति फ्रैंक इस्लाम और भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी में अपनी सेवाएं दे रहींं खुशबू मिर्जा जैसे नाम अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की देन हैं।
भारत रत्न
- राष्ट्रपति रहे डॉ. जाकिर हुसैन को 1963 में
- खान अब्दुल गफ्फार खान को 1983 में
पद्म विभूषण
- हाफिज मुहम्मद इब्राहिम को 1967 में
- सैयद बसीर हुसैन जैदी 1976 में
- प्रो. आवेद सिद्दीकी 2006 में
- प्रो. राजा राव 2007 में
- प्रो. एआर किदवई 2010 में
पद्मभूषण
- शेख मोहम्मद अब्दुल्ला 1964 में
- प्रोफेसर सैयद जहूर कासिम 1982 में
- प्रोफेसर आले अहमद सुरूर 1985 में
- नसीरुद्दीन शाह 2003 में
- प्रोफेसर इरफान हबीब 2005 में
- कुर्रतुल एन हैदर 2005 में
- जावेद अख्तर 2007 में
- डॉ. अशोक सेठ 2014 में
विश्वविद्यालय से जुड़ी 53 शख्सियतों को पद्मश्री मिल चुका है
ज्ञानपीठ
- कुर्त उल एन हैदर 1989 में
- अली सरदार जाफरी 1997 मेंं
- प्रोफेसर शहरयार 2008 में
भारतीय न्याय व्यवस्था में योगदान
सुप्रीम कोर्ट के जज
- जस्टिस बहारूल इस्लाम
- जस्टिस सैयद मुर्तजा फजल अली
- जस्टिस एस सगीर अहमद
- जस्टिस आरपी सेठी
हाई कोर्ट के 47 जज