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अलीगढ़ : सुबह छह बजे धरती डोली
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जिले में शुक्रवार सुबह छह बज कर दो मिनट के करीब भूकंप का कंपन महसूस किया गया। ये कंपन कहीं कम तो कहीं ज्यादा था। हालांकि इससे किसी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन देश में लगातार आ रहे भूकंप के कारण इसकी चर्चा होती रही। सोशल मीडिया पर चली कुछ खबरों में इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर तीन के करीब बताई गई, हालांकि यहां रिक्टर स्केल की सुविधा नहीं होने से इसकी पुष्टि नहीं हुई।
एएमयू भूगोल विभाग के सीनियर प्रोफेसर अतीक अहमद ने बताया कि बहुत कम तीव्रता के भूकंपीय कंपन कम ही लोगों को महसूस होते हैं क्योंकि ट्रेनों और भारी वाहनों के गुजरने पर होने वाले कंपन भी लगभग ऐसे ही होते हैं। इसलिए आम आदमी इनको नजरंदाज कर देता है। वर्तमान में पूरे देश में जारी कंपन चमौली में आए भूंकप की वजह से है, जिसके बाद से पृथ्वी के गर्भ के अंदर की प्लेट एक दूसरे के साथ तालमेल कर रही हैं। इसी तालमेल के दौरान प्लेट जब एक दूसरे से टकराती हैं या रगड़ती हैं तो कंपन पैदा होता है। रिक्टर स्केल 3 प्वाइंट तक के कंपन दर्ज तो हो जाते हैं, लेकिन जन सामान्य को इसका बहुत कम पता चलता है। 4 से 8 प्वाइंट के बीच का कंपन नुकसानदायक है, इसमें तेज झटके महसूस होते हैं।
दिल्ली सबसे पुरानी अरावली की पहाड़ियों पर बसा होने के कारण सबसे सुरक्षित है। गंगा यमुना के दोआबे पर बसा अलीगढ़ शॉक ऑब्जार्वर जोन है। गंगा जामुना के बीच की जमीन की परत मोटी है, जिससे यहां भूकंप का खतरा बहुत कम है।
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मौसम का पूर्वानुमान
एएमयू के भूगोल विभाग के अनुसार आगामी 29, 30 और 31 जुलाई से 2 से 4 अगस्त तक बारिश होने का पूर्वानुमान है, लेकिन मूसलाधार बारिश नहीं होगी। इस बीच न्यूनतम तापमान 27 और अधिकतम 37 डिग्री तक रहेगा। आद्रता 80 से 90 फीसदी और हवा की रफ्तार महज 6 से 8 किमी प्रतिघंटा तक रहेगी, जिसकी वजह से उमस परेशान करेगी। अच्छी बात ये है कि सावन के आखिरी दिनों में कुछ बारिश होने की उम्मीद बनी है।
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एएमयू भूगोल विभाग के सीनियर प्रोफेसर अतीक अहमद ने बताया कि बहुत कम तीव्रता के भूकंपीय कंपन कम ही लोगों को महसूस होते हैं क्योंकि ट्रेनों और भारी वाहनों के गुजरने पर होने वाले कंपन भी लगभग ऐसे ही होते हैं। इसलिए आम आदमी इनको नजरंदाज कर देता है। वर्तमान में पूरे देश में जारी कंपन चमौली में आए भूंकप की वजह से है, जिसके बाद से पृथ्वी के गर्भ के अंदर की प्लेट एक दूसरे के साथ तालमेल कर रही हैं। इसी तालमेल के दौरान प्लेट जब एक दूसरे से टकराती हैं या रगड़ती हैं तो कंपन पैदा होता है। रिक्टर स्केल 3 प्वाइंट तक के कंपन दर्ज तो हो जाते हैं, लेकिन जन सामान्य को इसका बहुत कम पता चलता है। 4 से 8 प्वाइंट के बीच का कंपन नुकसानदायक है, इसमें तेज झटके महसूस होते हैं।
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दिल्ली सबसे पुरानी अरावली की पहाड़ियों पर बसा होने के कारण सबसे सुरक्षित है। गंगा यमुना के दोआबे पर बसा अलीगढ़ शॉक ऑब्जार्वर जोन है। गंगा जामुना के बीच की जमीन की परत मोटी है, जिससे यहां भूकंप का खतरा बहुत कम है।
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मौसम का पूर्वानुमान
एएमयू के भूगोल विभाग के अनुसार आगामी 29, 30 और 31 जुलाई से 2 से 4 अगस्त तक बारिश होने का पूर्वानुमान है, लेकिन मूसलाधार बारिश नहीं होगी। इस बीच न्यूनतम तापमान 27 और अधिकतम 37 डिग्री तक रहेगा। आद्रता 80 से 90 फीसदी और हवा की रफ्तार महज 6 से 8 किमी प्रतिघंटा तक रहेगी, जिसकी वजह से उमस परेशान करेगी। अच्छी बात ये है कि सावन के आखिरी दिनों में कुछ बारिश होने की उम्मीद बनी है।