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अलीगढ़: जिला अस्पताल में पीजी छात्रों के आने से मरीजों की परेशानी होगी कम

Tue, 22 Sep 2020 01:54 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 22 Sep 2020 01:54 AM IST
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Aligarh: Due to the arrival of PG students in the district hospital, the problems of patients will be less.
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई करने वाले पीजी छात्रों को जिला अस्पताल में तीन महीना सेवा देना अनिवार्य कर दिया गया है। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के प्रस्ताव पर स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा मुहर लगाए जाने के बाद सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी की एक बड़ी समस्या दूर होने की उम्मीद जगी है। चिकित्सकों की राय है कि मंत्रालय के इस फैसले का लाभ मरीजों को मिलेगा। वहीं कुछ लोगों को यह भी लग रहा है कि यह सरकार का दिखावा है। इससे सर्दी, जुकाम व खांसी में दवा देने से अधिक मरीजों को विशेष फायदा नहीं होगा। अगर सरकार सचमुच में कुछ करना चाहती है तो अस्पतालों में इन्फ्रास्ट्रक्चर बढ़ाए ताकि जिला अस्पताल में हर तरह के मरीजों को उपचार मिल सकें। प्रस्तुत है कुछ प्रमुख लोगों से बातचीत....
पीजी छात्रों को जिला अस्पताल में भेजकर सरकार जनता की आंखों में धूल झोंकने का प्रयास कर रही है। सर्दी, खांसी, बुखार, जुकाम की दवा देने से अधिक कुछ नहीं होगा। सरकार को चाहिए कि वह जिला अस्पताल एवं स्वास्थ्य केंद्रों पर इन्फ्रास्ट्रक्चर बढ़ाए। साधन व सुविधाएं मिले तो डॉक्टर स्वयं अस्पतालों में जाना चाहेंगे। सरकार रेजीडेंट डॉक्टरों से जिला अस्पताल में सीनियर रेजीडेंट का काम करवाएं और उसका प्रमाण पत्र दें।
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-डॉ. हमजा मलिक, अध्यक्ष, आरडीए, जेएन मेडिकल कॉलेज
पढ़ाई के दौरान तीन महीने की सेवा जिला अस्पताल में देने से एमडी व एमएस -पीजी- छात्रों को फायदा ही होगा। उन्हें व्यवहारिक ज्ञान मिलेगा। दरअसल पढ़ाई के दौरान छात्रों का ध्यान कोर्स पर केंद्रित होता है। जिला अस्पताल में जाने से उन्हें राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की जानकारी होगी। इस बात की समझ होगी कि सरकार क्या चाहती है और उसकी कौन-कौन सी योजनाएं चल रही है। आखिर पढ़ाई पूरी करने के बाद युवाओं को चिकित्सा जगत में ही आना है। चाहे प्राइवेट प्रैक्टिस करें या कोई अन्य काम।
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- डॉ. कासिफ, जेएन मेडिकल कॉलेज
पीजी छात्रों के जिला या अन्य अस्पतालों में सेवा देने से मरीजों को बहुत लाभ होगा। विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी दूर हो जाएगी। अस्पताल के डॉक्टरों पर काम का दबाव घटेगा। इससे वह बेहतर सेवा देंगे। अस्पताल में ज्यादा मरीज देखे जा सकेेंगे। चिकित्सकों की कमी बहुत हद तक दूर हो जाएगी। पीजी छात्रों को भी सीखने को मिलेगा। आम मरीज के संपर्क में आने से उनके व्यवहार में परिवर्तन आएगा और उनको पब्लिक डिलिंग की जानकारी होगी।

- डॉ. एबी सिंह, सीएमएस, पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय
मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया एवं स्वास्थ्य मंत्रालय ने बहुत अच्छा फैसला लिया है। अभी महामारी का दौर चल रहा है। मेडिकल के पीजी छात्र जिला अस्पताल में आते हैं तो उनका एक्सपोजर होगा। महामारी में जो अनुभव होगा, उससे भविष्य में वह विशेषज्ञ बनकर निकलेंगे। मंत्रालय के इस फैसले का परिणाम भविष्य में बहुत अच्छा निकलेगा। पीजी छात्रों को भी इसका लाभ मिलेगा।
- डॉ. रामकरण, सीएमएस, मलखान सिंह जिला अस्पताल
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