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अलीगढ़ : रिश्वत लेकर कोरोना पॉजिटिव का नाम छिपाया, तीन डाटा आपरेटर फंसे
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दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय में जांच करते एसीएम द्रितीय रंजीत सिंह।
- फोटो : CITY OFFICE
स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना काल को भ्रष्टाचार के अवसर में तब्दील कर दिया है। यहां तैनात डाटा आपरेटर सैंपल लेते समय लोगों से रिश्वत लेकर उनका नाम-पता, मोबाइल नंबर गलत दर्ज कर रहे हैं। एसीएम-2 रंजीत सिंह ने दीनदयाल संयुक्त चिकित्सालय में तैनात डाटा ऑपरेटरों द्वारा एक सराफ पुत्र के सैंपल के समय रिकार्ड में गड़बड़ी करने का खुलासा किया है। तीन ऑपरेटरों का एक माह का वेतन रोक दिया गया है। उनको नोटिस भी दिए गए हैं। इस कार्रवाई से स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई है।
मामला मीनाक्षी पुल के पास ज्वेलरी की दुकान चलाने वाले एक सराफ परिवार का है। परिवार प्रयाग मिल कंपाउंड का रहने वाला है। सराफ व उनकी पत्नी और एक बेटे का चार अगस्त को दीनदयाल अस्पताल में एंटीजन टेस्ट हुआ था। इस टेस्ट में पति और पत्नी संक्रमित पाए गए, जबकि बेटा निगेटिव पाया गया। इस पर दंपती को होम आइसोलेट करते हुए बेटे का आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल भेजा गया। सात अगस्त को आई रिपोर्ट में वह संक्रमित मिला। बताते हैं कि इस पर प्रशासन ने दर्ज रिकार्ड के आधार पर उसे तलाश करने की कोशिश की। लेकिन रिकार्ड में लिखा मोबाइल नंबर बंद जाने लगा। पते पर भी उस नाम का व्यक्ति नहीं मिला। डीएम के आदेश पर एसीएम-2 रंजीत सिंह ने जांच शुरू कर दी। इससे डाटा ऑपरेटर घबरा गए और रिकार्ड में युवक का नाम सही कर दिया। 10 अगस्त को युवक को पकड़ लिया गया। युवक से पूछताछ में खुलासा हुआ कि पिता ने डाटा ऑपरेटर्स से उसका नाम गलत अंकित करा दिया था। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उसे नानी के घर भेज दिया गया था।
एसीएम-2 के मुताबिक आरोपी डाटा ऑपरेटर शिवम, रवि और तरुण का एक माह का वेतन रोका गया है। इन्होंने रुपये लेकर यह सब किया है। मामला बेहद गंभीर है। इनको नोटिस दिए गए हैं। तीनों संविदा पर तैनात हैं। इनके साथ ही दो लैब टेक्नीशियन पुष्पेंद्र और उमर को भी नाम-पता, मोबाइल नंबर दर्ज करने में लापरवाही पूर्वक कार्य करते पाया है। इनके खिलाफ रिश्वत जैसी बात सामने नहीं आने पर चेतावनी दी गई है।
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मामला मीनाक्षी पुल के पास ज्वेलरी की दुकान चलाने वाले एक सराफ परिवार का है। परिवार प्रयाग मिल कंपाउंड का रहने वाला है। सराफ व उनकी पत्नी और एक बेटे का चार अगस्त को दीनदयाल अस्पताल में एंटीजन टेस्ट हुआ था। इस टेस्ट में पति और पत्नी संक्रमित पाए गए, जबकि बेटा निगेटिव पाया गया। इस पर दंपती को होम आइसोलेट करते हुए बेटे का आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल भेजा गया। सात अगस्त को आई रिपोर्ट में वह संक्रमित मिला। बताते हैं कि इस पर प्रशासन ने दर्ज रिकार्ड के आधार पर उसे तलाश करने की कोशिश की। लेकिन रिकार्ड में लिखा मोबाइल नंबर बंद जाने लगा। पते पर भी उस नाम का व्यक्ति नहीं मिला। डीएम के आदेश पर एसीएम-2 रंजीत सिंह ने जांच शुरू कर दी। इससे डाटा ऑपरेटर घबरा गए और रिकार्ड में युवक का नाम सही कर दिया। 10 अगस्त को युवक को पकड़ लिया गया। युवक से पूछताछ में खुलासा हुआ कि पिता ने डाटा ऑपरेटर्स से उसका नाम गलत अंकित करा दिया था। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उसे नानी के घर भेज दिया गया था।
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एसीएम-2 के मुताबिक आरोपी डाटा ऑपरेटर शिवम, रवि और तरुण का एक माह का वेतन रोका गया है। इन्होंने रुपये लेकर यह सब किया है। मामला बेहद गंभीर है। इनको नोटिस दिए गए हैं। तीनों संविदा पर तैनात हैं। इनके साथ ही दो लैब टेक्नीशियन पुष्पेंद्र और उमर को भी नाम-पता, मोबाइल नंबर दर्ज करने में लापरवाही पूर्वक कार्य करते पाया है। इनके खिलाफ रिश्वत जैसी बात सामने नहीं आने पर चेतावनी दी गई है।
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