दावा: 11 साल के 'कंप्यूटर बॉय' ने बनाया ई वोटिंग सिस्टम, घर बैठे कर सकेंगे मतदान; अलीगढ़ के आशीष का कमाल
अलीगढ़ में महावीर गंज निवासी प्रशांत अग्रवाल एडवोकेट के 11 साल के पुत्र आशीष अग्रवाल, जो कि कंम्प्यूटर बॉय के नाम से जाने जाते हैं। आशीष ने वोट डालने के लिए मेरा वोट नामक एक ऐसा ऑनलाइन ई वोटिंग पोर्टल बनाया है, जो चर्चा का विषय बना हुआ है।
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विस्तार
पाइथन, माइक्रोसॉफ्ट, जीमेल आदि विषयों पर नौ किताबें लिखने का रिकार्ड बनाने वाले 11 साल के आशीष को अलीगढ़ का कंप्यूटर ब्वॉय भी कहते हैं। कंप्यूटर-लैपटॉप से खिलौनों की तरह खेलने वाले आशीष ने अब नए दावे से सबको चौंकाया है। उसका कहना है कि उसने ई वोटिंग का ऐसा सिस्टम विकसित किया है जिससे घर बैठे न सिर्फ स्मार्ट फोन से मत डाले जा सकेंगे बल्कि यह भी पता चलेगा कि आपका वोट किस प्रत्याशी को गया। उसका यह भी दावा है कि सिर्फ पांच मिनट में वोटों की गिनती भी की जा सकेगी। 'मेरा वोट' नाम से विकसित इस ई वोटिंग सिस्टम को आशीष ने परीक्षण के लिए निर्वाचन आयोग, गृह मंत्रालय और जिला निर्वाचन कार्यालय को भेजा है।
अलीगढ़ में महावीर गंज निवासी प्रशांत अग्रवाल के 11 साल के पुत्र आशीष अग्रवाल की प्रतिभा सबसे पहले अमर उजाला के जरिए सबके सामने आई थी। इसके बाद तो दूरदर्शन समेत सभी राष्ट्रीय न्यूज चैनलों, समाचार पत्रों और विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में इस असाधारण मेधावी बालक की उपलब्धियों की कहानी लोगों के सामने आ चुकी है। आशीष और उनके परिजनों को चुनाव आयोग से उम्मीद है कि अगर आशीष के बनाए हुए सिस्टम पर काम किया जाए, तो वह दिन दूर नहीं जब घर बैठे मतदान करना आसानी से संभव हो सकेगा। यही नहीं, न सिर्फ पैसे बचेंगे बल्कि निष्पक्ष और पारदर्शी मतदान की गारंटी भी होगी।
मेरा वोट, ऐसे करता है काम
आशीष ने ईजाद किए गए ई वोटिंग सिस्टम 'मेरा वोट' के बारे में अमर उजाला को बताया कि मतदान वाले दिन पहले सर्वर को शुरू किया जाएगा। उसके बाद मोबाइल हो या कंम्प्यूटर, उसके वेब ब्राउजर में जाकर ऑनलाइन पोर्टल पर अपने आधार कार्ड नंबर डालकर लॉग इन करना होगा। आधार कार्ड से जुड़े मोबाइल नंबर और ईमेल पर ओटीपी आ जाएगा। उस ओटीपी को दर्ज कर पोर्टल में लॉग इन हो जाएंगे। फिर आपको एक नया पेज दिखने लगेगा। जिसमें वोटिंग की तारीख, आधार कार्ड से आपका नाम, आपका आधार कार्ड नंबर, राज्य, जिला और पार्टी-प्रत्याशियों के नाम, चुनाव चिन्ह दिखेंगे।
बस अपना प्रदेश चुनने के बाद अपने जिले का चयन करना है। उसके बाद पार्टी- प्रत्याशी का चयन करना होगा। उसके बाद एंटर करना होगा। फिर आपके पास कांटिन्यू करने का संदेश मिलेगा। उस पर क्लिक करने आपके पास एक और ओटीपी आएगा, उसे दर्ज करना होगा। ओटीपी डालने के बाद कांटिन्यू पर क्लिक करते ही आपका वोट पड़ जाएगा। मतदान होते ही एक मैसेज स्क्रीन पर दिखेगा कि बधाई हो आपका वोट सफलता पूर्वक डाल दिया गया है। जैसे ही आप उसे हटाएंगे, तो आपको एक मैसेज और स्क्रीन पर दिखेगा, जिसमें लिखा होगा कि आपने किस पार्टी के किस प्रत्याशी को वोट किया है।
दावाः नहीं कर सकेंगे दोबारा वोट, होगी समय की बाध्यता
ये होंगे फायदे
- वोट घर बैठे मोबाइल, कंप्यूटर, जन सेवा केंद्र से डाल सकेंगे।
- फर्जी मतदान संभव नहीं होगा।
- आपका वोट आपकी पसंदीदा पार्टी को ही जाएगा।
- एक मिनट में वोट डाल सकेंगे।
- वोटों की गिनती में भी घंटों नहीं, बल्कि पांच मिनट लगेंगे।
- मतदान केंद्र, सुरक्षाकर्मी, मतदानकर्मी आदि की व्यवस्था नहीं करनी पड़ेगी, जिससे करोड़ों रूपये बचेंगे।
- मतदान का डाटा सालों साल रखा जा सकेगा।
एक देश-एक चुनाव होगा आसान
आशीष के बनाए ई वोटिंग पोर्टल पर अगर काम किया जाए, तो पूरे देश में एक साथ चुनाव कराना आसान होगा। एक साथ चुनाव के लिए ज्यादा इंतजाम की जरूरत नहीं होगी।
परिवार को है आयोग के रेस्पोंस का इंतजार
पिता प्रशांत अग्रवाल ने बताया कि अगर आशीष के बनाए हुए प्रोजेक्ट पर चुनाव आयोग, सरकार आगे काम करे, तो भारत सच में डिजिटल इंडिया बनकर उभरेगा। बैलेट पेपर, ईवीएम के बाद जनता को घर बैठे आसानी से वोट डालने का मौका मिलेगा। उन्हें निर्वाचन आयोग, गृहमंत्रालय अथवा पीएएमओ के उत्तर की प्रतीक्षा है।
ऐसे कंप्यूटर बॉय बना आशीष
पिता प्रशांत अग्रवाल एक एडवोकेट हैं। उसकी मां डॉ रेखा गुप्ता अब गृहणी हैं। बड़ी बहन सौम्या अग्रवाल हाईस्कूल की छात्रा है। आशीष खुद आठवीं कक्षा का छात्र है। वह नौरंगी लाल इंटर कॉलेज में पढ़ता है। कोडिंग के मास्टर ने अब तक पाइथन, माइक्रोसॉफ्ट, जीमेल आदि विषयों पर नौ डिजिटल किताबें लिखी हैं। उन्होंने कई वेबसाइट और लगभग 200 गेम भी डिजाइन किए हैं। उसने कोविड काल में कंम्प्यूटर को अपना दोस्त बनाया। आज उसे कंप्यूटर बॉय का तमगा मिला हुआ है।
पहले तो ई वोटिंग सिस्टम बनाने का प्रयास करने वाले बच्चे को बधाई। इलेक्शन मैनजमेंट सिस्टम में सबसे महत्वपूर्ण मानक है सिस्टम के डिजाइन का, जिसमें मतदाता किस को वोट कर रहा है, यह उसके अलावा किसी को पता न चले। इस पर सिस्टम सही साबित हो। इसके साथ ही अन्य और भी मानक हैं, जिनके ऊपर ई वोटिंग सिस्टम को परखना होगा।-प्रो अरमान रसूल फरीदी, चेयरमैन , कम्प्यूटर सांइस विभाग, एएमयू