{"_id":"612a99e38ebc3e07590451b0","slug":"aligarh-community-radio-may-start-soon-in-amu-city-office-news-ali271806992","type":"story","status":"publish","title_hn":"अलीगढ़ : एएमयू में जल्द शुरू हो सकता है सामुदायिक रेडियो","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अलीगढ़ : एएमयू में जल्द शुरू हो सकता है सामुदायिक रेडियो
विज्ञापन
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में जल्द ही सामुदायिक रेडियो की शुरुआत हो सकती है। इस बात की आवश्यकता पर कुलपति ने बल दिया है और संकेत दिए हैं कि परिसर में जल्द ही इसकी शुरुआत की जाए। एएमयू के कृषि विज्ञान संकाय द्वारा देश के 75वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य पर आजादी का अमृत महोत्सव के तहत वर्चुअल किसान मेले का आयोजन किया गया।
इसमें एएमयू के कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर ने कहा कि सामुदायिक रेडियो अलीगढ़ के किसानों को खेती के आधुनिक तरीकों से अवगत कराने और उन्हें उपयोगी जानकारी प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इस संबंध में एएमयू के कृषि विज्ञान संकाय को अन्य सरकारी विभागों के सहयोग से सामुदायिक रेडियो लांच करने की पहल करनी चाहिए, जिससे कृषि विज्ञान संकाय और जनसंचार विभाग के छात्रों को भी लाभ होगा।
कार्यक्रम में रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति और मुख्य अतिथि प्रोफेसर पंजाब सिंह ने कहा कि मानवता किसानों की ऋणी है। किसान देश की रीढ़ हैं और उनकी भलाई में ही हमारा सम्मान है। विशिष्ट अतिथि डा. अशोक कुमार सिंह ने कहा कि धान की प्रजातियों की पहचान करें, जो परिपक्व होने में कम समय लेती हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि एक ऐसी प्रजाति भी है, जिसे विकसित होने में केवल 160 दिन लगते हैं, लेकिन हम इस प्रकार के धान का उपयोग करने के लिए पश्चिमी यूपी और पंजाब के किसानों को आकर्षित करने में विफल रहे हैं।
किसान मेला के संयोजक एग्रीकल्चर फैकल्टी के डीन प्रोफेसर मुजीबुर्रहमान खान ने कहा कि किसान मेला चावल उत्पादन बढ़ाने में किसानों के ज्ञान को बढ़ाने में काफी मददगार साबित होगा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों सहित 400 से अधिक लोगों ने भाग लिया।
विज्ञापन
इसमें एएमयू के कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर ने कहा कि सामुदायिक रेडियो अलीगढ़ के किसानों को खेती के आधुनिक तरीकों से अवगत कराने और उन्हें उपयोगी जानकारी प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इस संबंध में एएमयू के कृषि विज्ञान संकाय को अन्य सरकारी विभागों के सहयोग से सामुदायिक रेडियो लांच करने की पहल करनी चाहिए, जिससे कृषि विज्ञान संकाय और जनसंचार विभाग के छात्रों को भी लाभ होगा।
विज्ञापन
कार्यक्रम में रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति और मुख्य अतिथि प्रोफेसर पंजाब सिंह ने कहा कि मानवता किसानों की ऋणी है। किसान देश की रीढ़ हैं और उनकी भलाई में ही हमारा सम्मान है। विशिष्ट अतिथि डा. अशोक कुमार सिंह ने कहा कि धान की प्रजातियों की पहचान करें, जो परिपक्व होने में कम समय लेती हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि एक ऐसी प्रजाति भी है, जिसे विकसित होने में केवल 160 दिन लगते हैं, लेकिन हम इस प्रकार के धान का उपयोग करने के लिए पश्चिमी यूपी और पंजाब के किसानों को आकर्षित करने में विफल रहे हैं।
किसान मेला के संयोजक एग्रीकल्चर फैकल्टी के डीन प्रोफेसर मुजीबुर्रहमान खान ने कहा कि किसान मेला चावल उत्पादन बढ़ाने में किसानों के ज्ञान को बढ़ाने में काफी मददगार साबित होगा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों सहित 400 से अधिक लोगों ने भाग लिया।