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डीएफसीसी पर दौड़ीं मालगाड़ी, बढ़ेगा अलीगढ़ का व्यापार
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डीएफसीसी लाइन पर दौड़ती मालगाड़ी ट्रेन।
- फोटो : CITY OFFICE
डेडिकेटिड फ्रेट कॉरिडोर कारपोरेशन यानी डीएफसीसी रेल लाइन का मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑनलाइन उद्घाटन किया। इस दौरान पीएम ने न्यू खुर्जा (बुलंदशहर) न्यू भाऊपुर (कानपुर) से मालगाड़ियों को रवाना किया। इसके बाद इस रूट पर मालगाड़ियों का संचालन शुरू हो गया। विकास की दिशा में बढ़े ये कदम से न सिर्फ देश बल्कि अलीगढ़ के ताला और हार्डवेयर कारोबारियों को भी फायदा होने वाला है। वह अपना माल अब आसानी से ट्रेनों के जरिये भेज सकेंगे।
दिल्ली हावड़ा रूट पर भी ट्रेनों का भार कम हो जाएगा। यात्री ट्रेनों का संचालन समय से हो सकेगा। इस कॉरिडोर का अलीगढ़ जिले में पड़ने वाले हिस्से को देखा जाए तो दाऊद खां से न्यू हाथरस जंक्शन तक 52 किमी में इसका निर्माण हुआ है। वहीं, दाऊद खां से सोमना रेलवे स्टेशन तक 38 किलोमीटर क्षेत्र में कॉरिडोर है। 2.5 किमी लंबा कंटेनर यार्ड भी न्यू दाऊद खां स्टेशन पर बनाया गया है।
डीएफसीसी के जनसंपर्क अधिकारी वेदप्रकाश ने बताया कि उद्घाटन के पहले चरण में कानपुर से खुर्जा के बीच मालगाड़ियों का संचालन शुरू हो गया है। यह ट्रैक 80 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ है। इस पर 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार के माल वाहक ट्रेनों का संचालन हो सकेगा। कॉरिडोर के संचालन का मुख्य फायदा अलीगढ़ के ताला कारोबारियों सहित हाथरस के कारोबारियों को होगा। उनको कानपुर तक अपना माल ट्रेन से भेजने की सुविधा पहले चरण में मिल गई है। आने वाले समय में लुधियाना से लेकर पश्चिम बंगाल तक वह अपना सामान मालगाड़ियों में लदवाकर भेज सकेंगे।
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दिल्ली हावड़ा रूट पर भी ट्रेनों का भार कम हो जाएगा। यात्री ट्रेनों का संचालन समय से हो सकेगा। इस कॉरिडोर का अलीगढ़ जिले में पड़ने वाले हिस्से को देखा जाए तो दाऊद खां से न्यू हाथरस जंक्शन तक 52 किमी में इसका निर्माण हुआ है। वहीं, दाऊद खां से सोमना रेलवे स्टेशन तक 38 किलोमीटर क्षेत्र में कॉरिडोर है। 2.5 किमी लंबा कंटेनर यार्ड भी न्यू दाऊद खां स्टेशन पर बनाया गया है।
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डीएफसीसी के जनसंपर्क अधिकारी वेदप्रकाश ने बताया कि उद्घाटन के पहले चरण में कानपुर से खुर्जा के बीच मालगाड़ियों का संचालन शुरू हो गया है। यह ट्रैक 80 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ है। इस पर 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार के माल वाहक ट्रेनों का संचालन हो सकेगा। कॉरिडोर के संचालन का मुख्य फायदा अलीगढ़ के ताला कारोबारियों सहित हाथरस के कारोबारियों को होगा। उनको कानपुर तक अपना माल ट्रेन से भेजने की सुविधा पहले चरण में मिल गई है। आने वाले समय में लुधियाना से लेकर पश्चिम बंगाल तक वह अपना सामान मालगाड़ियों में लदवाकर भेज सकेंगे।
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