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नागरिकता कानूनः सोमवार को भी सुलगा अलीगढ़, जमकर बवाल
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घास की मंडी में गश्त करते आरएएफ के जवान।
- फोटो : CITY OFFICE
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नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में सोमवार को शहर के सिविल लाइंस इलाके में जमकर बवाल हुआ। जमालपुर में तड़के उपद्रवियों के पथराव के जवाब में पुलिस ने लाठीचार्ज के साथ आंसू गैस व रबर की गोलियों का भी इस्तेमाल किया। इस दौरान 20 आमजन के अलावा कई अधिकारियों-कर्मचारियों के घायल होने की सूचना है। रविवार के बवाल के कारण पुराने शहर में अभी काफी तनाव है। मुस्लिम बहुल इलाकों में बाजार पूरी तरह बंद रहे। जिले के आला अफसर सारा दिन अलग-अलग हिस्सों में जाकर हालात का जायजा लेते रहे। देर शाम तक एएमयू के चुंगी गेट व जीवनगढ़ पुलिया के पास प्रदर्शनकारी महिलाएं जमी हुईं थीं। शाहजमाल में चल रहा धरना 28वें दिन भी जारी रहा।
रविवार को ऊपरकोट के प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में जमालपुर में कुछ महिलाएं सड़क जाम करके बैठ गईं थीं। रात भर पुलिस उनको समझाकर घर भेजने का प्रयास करती रही। तड़के कुछ उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। इस पर फोर्स ने जमकर लाठीचार्ज किया। आंसू गैस व रबर बुलेट का भी प्रयोग किया। इस दौरान पुलिस व आरएएफ के कई वाहन क्षतिग्रस्त कर दिए गए और हवाई फायरिंग भी की गई। यहां रुक-रुककर करीब पौने पांच बजे तक पथराव होता रहा मगर पुलिस जमालपुर के प्रदर्शनकारियों को हटाने के बाद ही पीछे हटी। इस दौरान 20 लोग और पुलिस के कई अधिकारी-कर्मचारियों के घायल होने की खबर है। पुलिस ने एएमयू के पुरानी चुंगी गेट पर जमे प्रदर्शनकारियों को भी हटा दिया था, मगर दोपहर में सड़क किनारे कुछ लोग फिर बैठ गए। शाम तक उन्हें हटाने के प्रयास होते रहे।
इधर, पुराने शहर में दिन भर तनावपूर्ण हालात बने रहे। दो समुदायों की भिड़ंत वाले इलाके बाबरी मंडी में सर्वाधिक तनाव रहा। शहर के दोनों हिस्सों के मुस्लिम बहुल इलाकों के बाजार पूरी तरह बंद रहे। वहीं शाहजमाल में चल रहा धरना 28वें दिन भी जारी रहा। महिलाएं यहां पुलिस प्रशासन व केंद्र-प्रदेश सरकार विरोधी नारेबाजी करती रहीं। डीएम-एसएसपी सहित आला पुलिस अधिकारी अलग-अलग टुकड़ियों में दिन भर शहर में चारों ओर भ्रमणशील रहे और हालात का जायजा लेते रहे। इसके बाद दोपहर बाद करीब चार बजे क्वार्सी बाईपास स्थित कमिश्नरी के बगल में जीवनगढ़ पुलिया के पास काफी संख्या में महिलाएं सड़क पर जाम लगाकर बैठ गईं। उन्हें देर शाम तक समझाने और हटाने का प्रयास किया जाता रहा।
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अब तक 11 मुकदमे दर्ज
रविवार को दिन में और सोमवार की तड़के हुए घटनाक्रमों में अब तक 11 मुकदमे दर्ज हुए हैं। एसएसपी मुनिराज जी ने बताया कि मुकदमों के आधार पर लोगों को चिह्नित करने और सीसीटीवी आदि के जरिये उनकी भूमिका प्रकाश में लाने का काम पुलिस की एक टीम अलग से कर रही है।
-शहर में शाहजमाल एक मात्र जगह चिह्नित कर दी गई है, जहां चल रहे धरने पर लोग शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा जहां भी लोग रास्ता रोककर प्रदर्शन करेंगे या धरना देंगे, उन्हें हटाया जाएगा। इस दौरान पुलिस से भिड़ंत या आपसी भिड़ंत में जो लोग चिह्नित होंगे, उनकी गिरफ्तारी होगी और रासुका तक की कार्रवाई होगी। जमालपुर में सुबह लोगों को पथराव के बाद बल प्रयोग कर हटा दिया गया है। जीवनगढ़ में भी अभी प्रयास किया जा रहा है। किसी भी तरह से कानून नहीं बिगड़ने दिया जाएगा।
-डॉ.प्रीतिंदर सिंह डीआईजी रेंज
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रविवार को ऊपरकोट के प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में जमालपुर में कुछ महिलाएं सड़क जाम करके बैठ गईं थीं। रात भर पुलिस उनको समझाकर घर भेजने का प्रयास करती रही। तड़के कुछ उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। इस पर फोर्स ने जमकर लाठीचार्ज किया। आंसू गैस व रबर बुलेट का भी प्रयोग किया। इस दौरान पुलिस व आरएएफ के कई वाहन क्षतिग्रस्त कर दिए गए और हवाई फायरिंग भी की गई। यहां रुक-रुककर करीब पौने पांच बजे तक पथराव होता रहा मगर पुलिस जमालपुर के प्रदर्शनकारियों को हटाने के बाद ही पीछे हटी। इस दौरान 20 लोग और पुलिस के कई अधिकारी-कर्मचारियों के घायल होने की खबर है। पुलिस ने एएमयू के पुरानी चुंगी गेट पर जमे प्रदर्शनकारियों को भी हटा दिया था, मगर दोपहर में सड़क किनारे कुछ लोग फिर बैठ गए। शाम तक उन्हें हटाने के प्रयास होते रहे।
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इधर, पुराने शहर में दिन भर तनावपूर्ण हालात बने रहे। दो समुदायों की भिड़ंत वाले इलाके बाबरी मंडी में सर्वाधिक तनाव रहा। शहर के दोनों हिस्सों के मुस्लिम बहुल इलाकों के बाजार पूरी तरह बंद रहे। वहीं शाहजमाल में चल रहा धरना 28वें दिन भी जारी रहा। महिलाएं यहां पुलिस प्रशासन व केंद्र-प्रदेश सरकार विरोधी नारेबाजी करती रहीं। डीएम-एसएसपी सहित आला पुलिस अधिकारी अलग-अलग टुकड़ियों में दिन भर शहर में चारों ओर भ्रमणशील रहे और हालात का जायजा लेते रहे। इसके बाद दोपहर बाद करीब चार बजे क्वार्सी बाईपास स्थित कमिश्नरी के बगल में जीवनगढ़ पुलिया के पास काफी संख्या में महिलाएं सड़क पर जाम लगाकर बैठ गईं। उन्हें देर शाम तक समझाने और हटाने का प्रयास किया जाता रहा।
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अब तक 11 मुकदमे दर्ज
रविवार को दिन में और सोमवार की तड़के हुए घटनाक्रमों में अब तक 11 मुकदमे दर्ज हुए हैं। एसएसपी मुनिराज जी ने बताया कि मुकदमों के आधार पर लोगों को चिह्नित करने और सीसीटीवी आदि के जरिये उनकी भूमिका प्रकाश में लाने का काम पुलिस की एक टीम अलग से कर रही है।
-शहर में शाहजमाल एक मात्र जगह चिह्नित कर दी गई है, जहां चल रहे धरने पर लोग शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा जहां भी लोग रास्ता रोककर प्रदर्शन करेंगे या धरना देंगे, उन्हें हटाया जाएगा। इस दौरान पुलिस से भिड़ंत या आपसी भिड़ंत में जो लोग चिह्नित होंगे, उनकी गिरफ्तारी होगी और रासुका तक की कार्रवाई होगी। जमालपुर में सुबह लोगों को पथराव के बाद बल प्रयोग कर हटा दिया गया है। जीवनगढ़ में भी अभी प्रयास किया जा रहा है। किसी भी तरह से कानून नहीं बिगड़ने दिया जाएगा।
-डॉ.प्रीतिंदर सिंह डीआईजी रेंज