Aligarh Airport: सुरक्षा से खिलवाड़, 28 साल पुरानी बाउंड्री पर ही खड़ी की नई दीवार, तेज आंधी में वह भी गिर गई
डीएम संजीव रंजन के निर्देश पर तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया था। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि बाउंड्रीवॉल के नई दीवार बनाई जानी चाहिए लेकिन 1990 में हवाई पट्टी के लिए बनाई गई जो पुरानी बाउंड्री थी उसी से ही तीन फीट ऊंचा करके 11 फीट की नई दीवार दर्शा दिया गया।
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अलीगढ़ के धनीपुर एयरपोर्ट की सुरक्षा से खिलवाड़ का बड़ा मामला सामने आया है। 2018 में जिस दीवार का निर्माण बताया गया है वह 1990 में बनी पुरानी दीवार थी जो हवाई पट्टी के लिए बनाई गई थी। आठ फीट की उसी पुरानी दीवार को तीन फीट ऊंचा करके 11 फीट की नई दीवार बता दिया गया। 21 मई को आंधी में यह दीवार गिर गई थी। अब जांच में निर्माण एजेंसी का यह खेल सामने आ रहा है।
अलीगढ़ हवाई पट्टी का विस्तार कर एयरपोर्ट बनाया जा रहा है। राजकीय निर्माण निगम एजेंसी यहां काम करा रही है। 2018 में इसका निर्माण शुरू हुआ था। 80 फीसदी से ज्यादा काम पूरा हो चुका है। यहां गेस्ट हाउस, पैसेंजर लॉज, चेक-इन-चेक आउट एरिया और पार्किंग प्वाइंट के साथ ही एटीसी टॉवर बनाया गया। एयरपोर्ट की सुरक्षा के लिए मजबूत बाउंड्रीवॉल डिजाइन की गई। निर्माण एजेंसी ने भी 11 फीट की मजबूत बाउंड्री खड़ा करने का दावा किया लेकिन बाउंड्री कितनी मजबूत थी इसका पता 21 मई 2025 को तब लगा जब तेज आंधी में बाउंड्रीवॉल का 10 मीटर का हिस्सा गिर गया। शासन ने इसकी जांच के आदेश दिए।
डीएम संजीव रंजन के निर्देश पर एडीएम वित्त प्रमोद कुमार, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी और आरडीए को मिलाकर एक तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया था। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि बाउंड्रीवॉल के नई दीवार बनाई जानी चाहिए लेकिन 1990 में हवाई पट्टी के लिए बनाई गई जो पुरानी बाउंड्री थी उसी से ही तीन फीट ऊंचा करके 11 फीट की नई दीवार दर्शा दिया गया। अब आईआईटी रुड़की की टीम इसकी जांच करेगी।
एडीएम वित्त प्रमोद कुमार ने बताया कि जांच में सामने आया कि 2018 में जब बाउंड्रीवॉल का निर्माण कराया गया था तब 1990 में बनी करीब आठ फुट पुरानी बाउंड्रीवॉल को ही तीन फुट और ऊंचा करके 11 फुट किया गया था। जांच समिति अब इस बात की भी जांच कर रही है कि 2018 में इस निर्माण के लिए कितना और कितने हिस्से का भुगतान किया गया था।
एयरपोर्ट की बाउंड्रीवॉल गिरने के मामले में शासन के निर्देश पर तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। जिसमें लोक निर्माण विभाग के अभियंता और प्रशासन के अधिकारी शामिल हैं, जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट को शासन को भेज दिया जाएगा। - संजीव रंजन, जिलाधिकारी, अलीगढ़