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अलीगढ़ : कोछौड़ गांव की चार माह की बच्ची को बंदर ने नोचा
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पंडित दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय के वार्ड 18 में कोछोंड़ की डॉली को एंटी रेबीज का इंजेक्
- फोटो : CITY OFFICE
कोछौड़ गांव की चार माह की डॉली को बंदर ने नोच लिया है। चंद रोज पहले इसी गांव की चार माह की बच्ची पर बंदर ने हमला किया था। आए दिन की घटनाओं से गांव के लोग भयभीत हैं।
गर्मी का असर बंदर एवं कुत्ता पर भी नजर आ रहा है। वह पहले से ज्यादा आक्रामक होते जा रहे हैं। पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय एवं मलखान सिंह जिला चिकित्सालय में ही रोज 300 से अधिक लोग एआरवी लगवाने पहुंच रहे हैं। रविवार को कोछौड़ गांव की डॉली पुत्री प्रताप सिंह झूला झूल रही थी।
मां सुमन घर पर काम कर रही थी। इसी दौरान एक बंदर डॉली पर हमला कर भाग गया। सोमवार को डॉली को एआरवी लगवाई गई। चंद रोज पहले इसी गांव में चार माह की एक अन्य बच्ची को बंदर ने नोचा था। पं. दीनदयाल उपाध्याय चिकित्सालय में सोमवार को 198 लोग एआरवी लगवाने पहुंचे थे।
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मंगलवार को भी 125 से अधिक लोग आए थे। इसमें बच्चों की संख्या अच्छी खासी है। स्वास्थ्यकर्मियों का कहना है कि बंदर द्वारा नोचने, काटने की कई घटनाएं सामने आई हैं। राहत की बात यह है कि मलखान सिंह जिला चिकित्सालय में एआरवी उपलब्ध हो गई है।
- धनीपुर की महिला प्रीति तीन साल की बेटी चुनमुन और दो साल के गोलू (बहन के बेटे) को लेकर दीनदयाल अस्पताल में एआरवी लगवाने पहुंची थीं। उनका कहना है कि चुनमुन एवं गोलू सोमवार को घर के बाहर खेल रहे थे। इसी बीच पड़ोसी के पालतू कुत्ता ने काट लिया।
एक साल में लगी 25 हजार से अधिक वैक्सीन
जनपद में हर साल 50 हजार से अधिक लोग कुत्ते और बंदर की चपेट में आते हैं। स्थिति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मलखान सिंह जिला चिकित्सालय में ही वर्ष 2021 में 25 हजार 418 लोगों को एआरवी लगी है। एक जनवरी से 31 मार्च तक 7505 लोग वैक्सीन लगवाने पहुंचे हैं।
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गर्मी का असर बंदर एवं कुत्ता पर भी नजर आ रहा है। वह पहले से ज्यादा आक्रामक होते जा रहे हैं। पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय एवं मलखान सिंह जिला चिकित्सालय में ही रोज 300 से अधिक लोग एआरवी लगवाने पहुंच रहे हैं। रविवार को कोछौड़ गांव की डॉली पुत्री प्रताप सिंह झूला झूल रही थी।
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मां सुमन घर पर काम कर रही थी। इसी दौरान एक बंदर डॉली पर हमला कर भाग गया। सोमवार को डॉली को एआरवी लगवाई गई। चंद रोज पहले इसी गांव में चार माह की एक अन्य बच्ची को बंदर ने नोचा था। पं. दीनदयाल उपाध्याय चिकित्सालय में सोमवार को 198 लोग एआरवी लगवाने पहुंचे थे।
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मंगलवार को भी 125 से अधिक लोग आए थे। इसमें बच्चों की संख्या अच्छी खासी है। स्वास्थ्यकर्मियों का कहना है कि बंदर द्वारा नोचने, काटने की कई घटनाएं सामने आई हैं। राहत की बात यह है कि मलखान सिंह जिला चिकित्सालय में एआरवी उपलब्ध हो गई है।
- धनीपुर की महिला प्रीति तीन साल की बेटी चुनमुन और दो साल के गोलू (बहन के बेटे) को लेकर दीनदयाल अस्पताल में एआरवी लगवाने पहुंची थीं। उनका कहना है कि चुनमुन एवं गोलू सोमवार को घर के बाहर खेल रहे थे। इसी बीच पड़ोसी के पालतू कुत्ता ने काट लिया।
एक साल में लगी 25 हजार से अधिक वैक्सीन
जनपद में हर साल 50 हजार से अधिक लोग कुत्ते और बंदर की चपेट में आते हैं। स्थिति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मलखान सिंह जिला चिकित्सालय में ही वर्ष 2021 में 25 हजार 418 लोगों को एआरवी लगी है। एक जनवरी से 31 मार्च तक 7505 लोग वैक्सीन लगवाने पहुंचे हैं।