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Aligarh News: छह पीढ़ी बाद दूसरे खानदान से बने नायब शहर मुफ्ती
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संबोधित करते नायब मुफ्ती मौलाना अयूब खान।
- फोटो : samvad
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शनिवार 21 मार्च 2026, अलीगढ़ के इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा। छह पीढ़ी बाद शहर मुफ्ती खालिद हमीद के खानदान से अलग किसी नायब शहर मुफ्ती को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।
शहर मुफ्ती के हवाले से समाजसेवी गुलजार अहमद ने बताया कि अब तक शहर मुफ्ती खालिद हमीद के खानदान से ही लगातार सात शहर मुफ्ती हुए हैं। इसकी शुरुआत सन 1865 में प्रसिद्ध उलमा लुफ्तुल्ला साहब से होती है, जो इस खानदान से पहले शहर मुफ्ती बने।
इसके बाद उनके बेटे इनायत उल्लाह ने यह जिम्मेदारी संभाली। उनके बाद इसी सिलसिले में उनके मझले बेटे अमानत उल्लाह की ताजपोशी हुई, वे कारी भी थे। वर्ष 1949 में उनके बेटे हफीज उल्लाह शहर मुफ्ती बने, जो 1963 तक इस पद पर रहे।
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उनके इंतकाल के बाद एक जनवरी 1964 को अब्दुल क्यूम शहर मुफ्ती बने। वर्ष 2000 में असदउल्लाह को यह जिम्मेदारी दी गई, वे अब्दुल क्यूम साहब के भाई थे। वर्ष 2007 में उनका इंतकाल हुआ तो खालिद हमीद शहर मुफ्ती बनाए गए। अब 161 वर्ष बाद पहली बार इस खानदान से अलग किसी व्यक्ति को नायब मुफ्ती की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
शहर मुफ्ती के हवाले से समाजसेवी गुलजार अहमद ने बताया कि अब तक शहर मुफ्ती खालिद हमीद के खानदान से ही लगातार सात शहर मुफ्ती हुए हैं। इसकी शुरुआत सन 1865 में प्रसिद्ध उलमा लुफ्तुल्ला साहब से होती है, जो इस खानदान से पहले शहर मुफ्ती बने।
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इसके बाद उनके बेटे इनायत उल्लाह ने यह जिम्मेदारी संभाली। उनके बाद इसी सिलसिले में उनके मझले बेटे अमानत उल्लाह की ताजपोशी हुई, वे कारी भी थे। वर्ष 1949 में उनके बेटे हफीज उल्लाह शहर मुफ्ती बने, जो 1963 तक इस पद पर रहे।
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उनके इंतकाल के बाद एक जनवरी 1964 को अब्दुल क्यूम शहर मुफ्ती बने। वर्ष 2000 में असदउल्लाह को यह जिम्मेदारी दी गई, वे अब्दुल क्यूम साहब के भाई थे। वर्ष 2007 में उनका इंतकाल हुआ तो खालिद हमीद शहर मुफ्ती बनाए गए। अब 161 वर्ष बाद पहली बार इस खानदान से अलग किसी व्यक्ति को नायब मुफ्ती की जिम्मेदारी सौंपी गई है।