स्वर्णजयंती नगर विस्तार योजना: 108 आवंटियों का फंसा साढ़े आठ करोड़, 23 साल से आवंटी चक्कर काट रहे है एडीए के
अलीगढ़ विकास प्राधिकरण ने 2001 में स्वर्ण जयंती नगर विस्तार योजना शुरू की।आवंटन की प्रक्रिया में करीब 248 लोगों को एडीए ने भूमि का आवंटन किया। 108 आवंटियों को कब्जा नहीं मिल पाया।
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स्वर्ण जयंती नगर विस्तार योजना में आवंटियों का करीब साढ़े आठ करोड़ रुपये फंसा है। 23 साल से योजना के 108 आवंटी प्राधिकरण का चक्कर लगा रहे हैं।
अलीगढ़ विकास प्राधिकरण ने 2001 में स्वर्ण जयंती नगर विस्तार योजना शुरू की। जिसकी अनुमानित लागत 4000 रुपये प्रति वर्ग मीटर निर्धारित थी। 14 हेक्टेयर में शुरू हुए आवंटन की प्रक्रिया में करीब 248 लोगों को एडीए ने भूमि का आवंटन किया। इसमें करीब पांच हेक्टेयर भूमि सीलिंग की थी। कोर्ट ने सीलिंग की जमीन को मुक्त करने का आदेश जारी कर दिया था। जिसके बाद से एडीए को वह जमीन किसान को देनी पड़ी।
इसी योजना में लगभग ढाई हेक्टेयर भूमि पर किसानों ने सहमति नहीं दी और कोर्ट चले गए। जिसके बाद से लगभग सात हेक्टेयर भूमि विवादों में फंस गई। जिसके बाद से ही 108 आवंटियों को कब्जा नहीं मिल पाया। यह आवंटी लगातार प्राधिकरण का चक्कर लगा रहे हैं। इनमें कई चिकित्सक, इंजीनियर, सरकारी विभाग से लेकर प्राइवेट नौकरी करने वाले हैं। जिनकी पूरे जीवन की पूंजी इसी योजना के भूखंड आवंटन में लग गई है।
योजना में 108 आवंटियों का करीब साढ़े आठ करोड़ रुपये सालों से फंसा हुआ है। आवंटन होने के बाद कब्जा नहीं मिल पा रहा है। पांच लोगों ने आवंटन निरस्त कराकर धनराशि वापस ले ली है। दो ने आवंटन निरस्त करने को आवंटन किया है। - डॉ. बालकिशन, अध्यक्ष, स्वर्णजयंती नगर विस्तार योजना समिति
योजना में टुकड़ों में सीलिंग जमीन को एक स्थान पर किया जाएगा। इसके बाद बचे भूमि में आवंटियों को कब्जा दिलाया जाएगा। आवंटियों को कब्जा दिलाने को एडीए प्रयासरत है।-अपूर्वा दूबे, वीसी, एडीए