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अलीगढ़ः शिक्षाविदों ने जाहिर की देश में उपजी चुनौतियों पर चिंता
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डीएस कॉलेज के अर्थशास्त्र विभाग द्वारा आयोजित सेमिनार में मंचासीन प्रोफेसर।
- फोटो : CITY OFFICE
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डीएस कॉलेज के अर्थशास्त्र विभाग में राष्ट्रीय सेमिनार हुआ है। सेमिनार का विषय ‘आर्थिक, समृद्धि व सतत विकास, संभावनाएं व चुनौतियां’ रहा, जिसमें शिक्षाविदों ने देश में उपजी चुनौतियों पर चिंता जाहिर की।
मुख्य अतिथि गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय नोएडा के कुलपति प्रो. भगवती प्रसाद शर्मा ने पिछले सौ सालों में समुद्र जल के स्तर में हुई वृद्धि पर चिंता व्यक्त की। विशिष्ट अतिथि इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रो. मनमोहन कृष्ण ने विकास के साथ-साथ कृषि योग्य जमीन, फसल आदि की सतत कमी को भविष्य की चिंता व्यक्त की।
प्रो. रवि श्रीवास्तव ने कहा कि सतत विकास के साथ भुखमरी, गरीबी व कार्यस्थल की समस्याओं के उन्मूलन की आवश्यकता है। कार्यक्रम अध्यक्ष प्रो. अशोक मित्तल ने पॉलिसी बनाने के साथ पॉलिसी सही प्रकार से लागू करने पर जोर दिया। डॉ. एके तोमर ने कहा कि सभी प्राणियों का प्राकृतिक संसाधनों पर अधिकार है। उन्होंने आम व्यक्ति के उपयोग की चीजों पर कर भार कम करने की आवश्यकता बताई। प्राचार्य डॉ. हेम प्रकाश ने आर्थिक वृद्धि के साथ-साथ प्रकृति के रक्षण के महत्व को बताया। कॉलेज प्रबंध समिति के सचिव राजीव अग्रवाल ने भी विचार व्यक्त किए।
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अर्थशास्त्र विभाग की अध्यक्ष डॉ. इंदु वार्ष्णेय ने अतिथियों का स्वागत किया। दो जर्नल का विमोचन हुआ। करीब 50 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। प्रथम तकनीकी सत्र में चेयरपर्सन प्रो. निसार अहमद खान एएमयू, को चेयर पर्सन डॉ. अनिल कुमार वार्ष्णेय एसवी कॉलेज, रिसोर्स पर्सन डॉ. केसी शर्मा थे। द्वितीय तकनीकी सत्र में चेयरपर्सन प्रो. विनोद कुमार श्रीवास्तव, को चेयरपर्सन डॉ. ममता जैन जबलपुर, डॉ. एचएन सिंह डीएस कॉलेज, रिसोर्स पर्सन प्रो. धीरज कुलश्रेष्ठ रहे। समापन सत्र की अध्यक्षता प्रो. जगदीश नारायण डीन फैकल्टी ऑफ कामर्स प्रयागराज ने की। मुख्य अतिथि डॉ. योगेंद्र नारायण पूर्व प्रमुख सचिव राज्यसभा, विशिष्ट अतिथि उप्र लोक सेवा आयोग के पूर्व चेयरमैन डॉ. अनिरुद्ध सिंह यादव व पूर्व कमिश्नर मेरठ डॉ. आरके भटनागर रहे। सेमिनार में कार्यक्रम सचिव डॉ. महमूद आलम, डॉ. रुखसाना बेगम, डॉ. वीरेंद्र वार्ष्णेय, डॉ. सुनीता गुप्ता, डॉ. पीके जैन, डॉ. अपूर्व चतुर्वेदी आदि मौजूद रहे।
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मुख्य अतिथि गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय नोएडा के कुलपति प्रो. भगवती प्रसाद शर्मा ने पिछले सौ सालों में समुद्र जल के स्तर में हुई वृद्धि पर चिंता व्यक्त की। विशिष्ट अतिथि इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रो. मनमोहन कृष्ण ने विकास के साथ-साथ कृषि योग्य जमीन, फसल आदि की सतत कमी को भविष्य की चिंता व्यक्त की।
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प्रो. रवि श्रीवास्तव ने कहा कि सतत विकास के साथ भुखमरी, गरीबी व कार्यस्थल की समस्याओं के उन्मूलन की आवश्यकता है। कार्यक्रम अध्यक्ष प्रो. अशोक मित्तल ने पॉलिसी बनाने के साथ पॉलिसी सही प्रकार से लागू करने पर जोर दिया। डॉ. एके तोमर ने कहा कि सभी प्राणियों का प्राकृतिक संसाधनों पर अधिकार है। उन्होंने आम व्यक्ति के उपयोग की चीजों पर कर भार कम करने की आवश्यकता बताई। प्राचार्य डॉ. हेम प्रकाश ने आर्थिक वृद्धि के साथ-साथ प्रकृति के रक्षण के महत्व को बताया। कॉलेज प्रबंध समिति के सचिव राजीव अग्रवाल ने भी विचार व्यक्त किए।
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अर्थशास्त्र विभाग की अध्यक्ष डॉ. इंदु वार्ष्णेय ने अतिथियों का स्वागत किया। दो जर्नल का विमोचन हुआ। करीब 50 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। प्रथम तकनीकी सत्र में चेयरपर्सन प्रो. निसार अहमद खान एएमयू, को चेयर पर्सन डॉ. अनिल कुमार वार्ष्णेय एसवी कॉलेज, रिसोर्स पर्सन डॉ. केसी शर्मा थे। द्वितीय तकनीकी सत्र में चेयरपर्सन प्रो. विनोद कुमार श्रीवास्तव, को चेयरपर्सन डॉ. ममता जैन जबलपुर, डॉ. एचएन सिंह डीएस कॉलेज, रिसोर्स पर्सन प्रो. धीरज कुलश्रेष्ठ रहे। समापन सत्र की अध्यक्षता प्रो. जगदीश नारायण डीन फैकल्टी ऑफ कामर्स प्रयागराज ने की। मुख्य अतिथि डॉ. योगेंद्र नारायण पूर्व प्रमुख सचिव राज्यसभा, विशिष्ट अतिथि उप्र लोक सेवा आयोग के पूर्व चेयरमैन डॉ. अनिरुद्ध सिंह यादव व पूर्व कमिश्नर मेरठ डॉ. आरके भटनागर रहे। सेमिनार में कार्यक्रम सचिव डॉ. महमूद आलम, डॉ. रुखसाना बेगम, डॉ. वीरेंद्र वार्ष्णेय, डॉ. सुनीता गुप्ता, डॉ. पीके जैन, डॉ. अपूर्व चतुर्वेदी आदि मौजूद रहे।