{"_id":"65e9af0a10b38700ba0ee171","slug":"a-young-man-walking-was-hit-by-a-vehicle-2024-03-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Aligarh: पैदल जा रहे युवक को वाहन ने मारी टक्कर, एसडीएम ने गाड़ी से भिजवाया सीएचसी, नहीं मिला इलाज, हुई मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Aligarh: पैदल जा रहे युवक को वाहन ने मारी टक्कर, एसडीएम ने गाड़ी से भिजवाया सीएचसी, नहीं मिला इलाज, हुई मौत
Thu, 07 Mar 2024 05:42 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Thu, 07 Mar 2024 05:42 PM IST
सार
नोएडा से नौकरी कर अपने गांव के लिए सोमना मोड़ से पैदल जा रहे था। तभी किसी अज्ञात वाहन ने युवक में टक्कर मार दी। हादसे में गंभीर रुप से घायल नितिन प्रताप सिंह तड़प रहा था। एसडीएम ने अपनी गाड़ी में युवक को सीएचसी भेजा, वहां इलाज न मिलने पर अलीगढ़ जिला अस्पताल भेजा गया। वहां उसे मृत घोषित कर दिया।
विज्ञापन
मृतक नितिन प्रताप सिंह
- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
गभाना स्थित सोमना मोड़ के पास अज्ञात वाहन ने पैदल घर जा रहे युवक को टक्कर मार दी। एसडीएम ने अपनी गाड़ी से घायल युवक को सीएचसी भिजवाया। सीएसची पर चिकित्सक ने मिलने से अलीगढ़ जिला अस्पताल भेजा गया। वहां पहुंचते-पहुंचते युवक की मौत हो गई।
विज्ञापन
गांव महराजपुर निवासी कृष्णपाल सिंह का 32 वर्षीय बेटा नितिन प्रताप सिंह 6 मार्च की रात्रि में नोएडा से नौकरी कर अपने गांव के लिए सोमना मोड़ से पैदल जा रहे था। तभी किसी अज्ञात वाहन ने युवक में टक्कर मार दी। हादसे में गंभीर रुप से घायल नितिन प्रताप सिंह तड़प रहा था। वहीं काबड़ियों की व्यवस्था देखकर लौट रहे एसडीएम हीरालाल सैनी ने युवक को अपनी गाड़ी से उपचार के लिए सीएचसी भेज दिया।
विज्ञापन
सीएचसी पर कोई चिकित्सक न होने के चलते उसे उपचार भी नहीं मिला। वहां बार्ड बाय था और एंबुलेंस भी अस्पताल परिसर में ही खड़ी थी। एंबुलेंस चालक लखनऊ से कॉल आने के बाद ही जाता। काफी देर बाद युवक को एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा गया, जहां पर चिकित्सकों ने नितिन प्रताप सिंह को मृत घोषित कर दिया। हादसे की सूचना पर परिजन भी जिला अस्पताल पहुंच गए। पूर्व विधायक दलवीर सिंह के पौत्र विजय कुमार सिंह पप्पू ने जिला अस्पताल पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधाया। मृतक की चार साल पहले ही शादी हुई थी। उसने अपने पीछे पत्नी व एक बेटे को रोते-बिलखते छोड़ा है।
विज्ञापन
सीएचसी पर इलाज मिल जाता, तो बच जाती जान
कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हाईवे किनारे बनी हुई है। यहां आए दिन सड़क हादसे होते रहते है, लेकिन यहां पर रात्रि के समय में कोई चिकित्सक नहीं रहता है। चंडौस सीएचसी प्रभारी ही गभाना सीएचसी का काम देख रहे है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं बदहाल हैं। अगर सीएचसी पर चिकित्सक और समय से इलाज मिल जाता, तो युवक की शायद जान बच जाती।